
एक मांग एक मंच का दीपावली मिलन समारोह सम्पन्न, महंगाई भत्ता-राहत पर हस्ताक्षर अभियान चलाने की घोषणा
NTN NEWS REPORT// जांजगीर। छत्तीसगढ़ प्रगतिशील पेंशनर कल्याण संघ के प्रदेश अध्यक्ष आर. के. थवाईत ने प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि प्रदेश अधिकारी-कर्मचारी संघ छत्तीसगढ़ के प्रांताध्यक्ष करण सिंह अटेरिया द्वारा 30 अक्टूबर 2025 को नया रायपुर के इंद्रावती भवन सभागार में “एक मांग एक मंच” को समर्थन देने वाले विभिन्न कर्मचारी संगठनों का दीपावली मिलन समारोह आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी संयुक्त मोर्चा के प्रांतीय संयोजक अनिल शुक्ला ने की।
इंद्रावती भवन में हुए इस दीपावली मिलन समारोह में कई प्रमुख कर्मचारी एवं पेंशनर संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। इनमें महेंद्र सिंह राजपूत (पूर्व अध्यक्ष मंत्रालयीन कर्मचारी संघ), गोपाल साहू (प्रांताध्यक्ष छत्तीसगढ़ प्रगतिशील अनियमित कर्मचारी फेडरेशन), डॉ. डी. पी. मनहर (प्रांताध्यक्ष पेंशनधारी कल्याण संघ), आर. के. थवाईत (प्रांताध्यक्ष प्रगतिशील पेंशनर कल्याण संघ), सूरज प्रसाद देवांगन (प्रांतीय महामंत्री प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ), विद्या भूषण दुबे (प्रांतीय सचिव राज्य पेंशनर एवं कर्मचारी कल्याण संघ), डॉ. जितेंद्र सिंह ठाकुर (प्रांताध्यक्ष प्रदेश कोषालयीन कर्मचारी संघ), उमा जाटव (प्रदेश अध्यक्ष महिला प्रकोष्ठ छत्तीसगढ़ नवीन शिक्षक संघ), बालकृष्ण साहू (प्रांतीय सचिव स्टेट गैर-शासकीय कर्मचारी संघ), एल. के. नामदेव (पूर्व प्रांताध्यक्ष अपाक्स संघ) सहित कई प्रतिनिधि शामिल हुए।
आयोजक करण सिंह अटेरिया एवं छत्तीसगढ़ अधिकारी कर्मचारी संघ के प्रांतीय सचिव श्यामलाल साहू ने सभी अतिथियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।
सभी संगठनों के प्रतिनिधियों ने राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2017 से अब तक कर्मचारियों और पेंशनरों को महंगाई भत्ता (डीए) और महंगाई राहत (डीआर) के एरियर्स भुगतान न करने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। वक्ताओं ने कहा कि भाजपा सरकार ने चुनाव घोषणा पत्र में “मोदी की गारंटी” के तहत केंद्र के समान दर और तिथि से डीए देने का वादा किया था, लेकिन अब तक सभी डीए में आठ माह की देरी और बिना एरियर्स भुगतान कर कर्मचारियों एवं पेंशनरों के साथ अन्याय किया गया है।
प्रतिनिधियों ने कहा कि राज्य सरकार कर्मचारियों और पेंशनरों के बीच भेदभाव कर रही है तथा धारा 49(6) को बहाना बना रही है।
अध्यक्षीय उद्बोधन में अनिल शुक्ला ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य 1 नवंबर को अपनी रजत जयंती मना रहा है, लेकिन पिछले 25 वर्षों में प्रदेश के कर्मचारी मध्यप्रदेश की तुलना में बहुत पीछे रह गए हैं। उन्होंने कहा कि चाहे कांग्रेस की सरकार रही हो या भाजपा की, दोनों ने कर्मचारियों की उपेक्षा की है। इसका एक बड़ा कारण राज्य में संगठनों की अत्यधिक संख्या और उनमें एकता का अभाव है, जिसका लाभ सरकार उठाती रही है। उन्होंने अपील की कि सभी संगठन अपने स्वार्थ त्यागकर एकजुट होकर संघर्ष करें, तभी अधिकार मिल पाएंगे।
बैठक में “एक मांग एक मंच” अभियान को आगे बढ़ाने के लिए रूपरेखा तय की गई। इस मंच को राज्य के कर्मचारियों, अधिकारियों और पेंशनरों का संयुक्त मंच बनाया जाएगा। सभी संगठनों के प्रांताध्यक्ष प्रांतीय संचालन समिति के सदस्य होंगे, किंतु अपने संगठन का पद उल्लेख नहीं करेंगे ताकि मंच को व्यापक समर्थन मिले। इसी पैटर्न पर जिला और ब्लॉक स्तर पर भी समितियां गठित की जाएंगी।
छत्तीसगढ़ शासन के मुख्य सचिव के नाम एक ज्ञापन तैयार किया जाएगा, जिसमें “मोदी की गारंटी” के तहत राज्य के कर्मचारियों और पेंशनरों को केंद्र के समान देय तिथि से महंगाई भत्ता/राहत देने तथा जनवरी 2017 से जनवरी 2025 तक के बकाया डीए/डीआर एरियर्स का भुगतान करने की मांग की जाएगी। इसके लिए प्रदेशभर के विद्यालयों और कार्यालयों में हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा। ज्ञापन सौंपने के बाद शासन का ध्यान आकर्षित करने हेतु आगे की रणनीति प्रांतीय संचालन समिति की बैठक में तय की जाएगी।
“एक मांग एक मंच” का मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों एवं पेंशनरों को एकजुट कर यह सुनिश्चित करना है कि केंद्र की घोषणा होते ही छत्तीसगढ़ सरकार भी अन्य राज्यों—उत्तरप्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, झारखंड और उत्तराखंड—की तरह तुरंत डीए/डीआर की घोषणा करे।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ प्रगतिशील पेंशनर कल्याण संघ से प्रदेश अध्यक्ष आर. के. थवाईत, कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष के. एस. ठाकुर और प्रांतीय सचिव अशोक राठौर शामिल हुए।