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राजनीति

लोकसभा में महिला आरक्षण संशोधन विधेयक गिरा, कांग्रेस-बीजेपी आमने-सामने

NTN REPORT//नई दिल्ली। महिला आरक्षण से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक लोकसभा में पारित नहीं हो सके, जिसके बाद राजनीतिक घमासान संसद से सड़कों तक पहुंच गया है। विधेयक के गिरने के बाद कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के बीच तीखी बयानबाजी शुरू हो गई है। दोनों दलों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर एक-दूसरे पर महिलाओं के अधिकारों के साथ राजनीति करने का आरोप लगाया।

फाइल फोटो

प्रियंका गांधी की मांग: मौजूदा सदस्य संख्या में ही लागू हो आरक्षण

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि महिला आरक्षण को लोकसभा की मौजूदा सदस्य संख्या में ही लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि महिलाओं के मुद्दे का राजनीतिक इस्तेमाल किया जा रहा है और सरकार इस विषय पर गंभीर नहीं है।


स्मृति ईरानी का पलटवार: कांग्रेस ने महिलाओं का अधिकार छीना

प्रियंका गांधी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए स्मृति ईरानी ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस ने मानो “एहसान” जताने की कोशिश की और यह जश्न मनाया कि महिलाओं का अधिकार कैसे छीना गया।

स्मृति ईरानी ने कहा कि कांग्रेस की सरकार के दौरान ट्रिपल तलाक महिलाओं के लिए अभिशाप बना रहा। उन्होंने विपक्ष के उस आरोप पर भी जवाब दिया, जिसमें चुनाव के बीच संसद सत्र बुलाने की बात कही गई थी। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में चुनाव सत्र के दौरान हुए और परिणाम किसके पक्ष में आए, यह बताने की जरूरत नहीं है।


रविशंकर प्रसाद ने भाषा पर जताई आपत्ति

पूर्व कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने प्रियंका गांधी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सामान्यतः वे उन पर टिप्पणी नहीं करते, लेकिन महिलाओं को “इस्तेमाल” किए जाने की बात कहना गलत है।

उन्होंने कहा, “महिलाएं कोई वस्तु नहीं हैं।” रविशंकर प्रसाद ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने महिलाओं की आकांक्षाओं को कुचला है और उसका “क्रूर चेहरा” सामने आया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को संविधान की समझ पर पुनर्विचार करना चाहिए और जरूरत पड़े तो उसे संविधान समझाया जाएगा।

रविशंकर प्रसाद ने यह भी कहा कि बीजेपी इस मुद्दे को गांव-गांव तक लेकर जाएगी।


किरेन रिजिजू का आरोप: विपक्ष ने रोका महिलाओं का अधिकार

संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि महिलाओं को आरक्षण देने वाला महत्वपूर्ण विधेयक विपक्ष के कारण पारित नहीं हो सका, जिससे सभी दुखी हैं।

उन्होंने कहा कि यदि राहुल गांधी महिलाओं को आरक्षण देना अलोकतांत्रिक बताते हैं, तो उन्हें समझाना कठिन है। रिजिजू ने कांग्रेस पर “महिला विरोधी पार्टी” होने का ठप्पा लगने का आरोप लगाया और कहा कि इतना महत्वपूर्ण विधेयक होने के बावजूद कांग्रेस और उसकी सहयोगी पार्टियों ने समर्थन नहीं दिया।

उन्होंने दावा किया कि लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में अधिक महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने वाले इस विधेयक का विरोध कांग्रेस को राजनीतिक रूप से नुकसान पहुंचा सकता है।


संसद से सड़क तक बढ़ी सियासी रार

महिला आरक्षण विधेयक के गिरने के बाद राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। जहां कांग्रेस सरकार पर मुद्दे को टालने का आरोप लगा रही है, वहीं बीजेपी विपक्ष को महिलाओं के अधिकारों का विरोधी बता रही है।

आने वाले दिनों में यह मुद्दा देश की राजनीति में और तेज होने की संभावना है, क्योंकि दोनों पक्ष इसे जनभावनाओं से जोड़कर जनता के बीच ले जाने की तैयारी में हैं।

Nilesh Tiwari

Editor- NTN Report 📱+91 93298 23355 📧 tnilesh2711@gmail.com
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