
NTN NEWS REPORT// महासमुंद, 18 अप्रैल 2026। जिले में मानव तस्करी और बंधुआ मजदूरी जैसे अपराधों के खिलाफ महासमुंद पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए दो अलग-अलग मामलों में त्वरित कार्रवाई की है। एक मामले में उत्तरप्रदेश में फंसे एक परिवार को सकुशल रेस्क्यू कर घर वापस लाया गया, जबकि दूसरे मामले में ग्रामीणों को लालच देकर ईंट भट्ठों में बंधक बनाकर काम कराने वाले दो बिचौलियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
तस्करी के जाल में फंसे परिवार को सकुशल घर लाया गया
थाना बागबाहरा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बागबाहरा निवासी लोकेश ठाकुर एवं उनकी पत्नी कृष्णी ठाकुर काम की तलाश में उत्तरप्रदेश के अलीगढ़-गोंडा क्षेत्र चले गए थे। प्रारंभ में उन्हें रोजगार का आश्वासन दिया गया, लेकिन वहां पहुंचने के बाद परिस्थितियां प्रतिकूल हो गईं। संसाधनों के अभाव और सही मार्गदर्शन नहीं मिलने के कारण वे वापस अपने गृह ग्राम नहीं लौट पा रहे थे।
परिस्थिति से परेशान होकर उन्होंने किसी प्रकार संचार माध्यम से महासमुंद पुलिस से संपर्क किया। मामला पुलिस अधीक्षक कार्यालय तक पहुंचने पर इसे गंभीरता से लेते हुए तत्काल संबंधित पुलिस स्टाफ को सक्रिय किया गया। स्थानीय समन्वय स्थापित कर लोकेश ठाकुर, उनकी पत्नी कृष्णी ठाकुर तथा उनके दोनों बच्चों को सुरक्षित रेस्क्यू कर महासमुंद लाया गया।
पुलिस की तत्परता और संवेदनशील पहल से पूरा परिवार सुरक्षित अपने घर लौट सका। परिजनों ने पुलिस प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया है।
6 माह तक बंधक बनाकर कराई मजदूरी, दो आरोपी गिरफ्तार
एक अन्य प्रकरण में थाना बागबाहरा क्षेत्र की एक पीड़िता ने शिकायत दर्ज कराई कि ग्राम देवरी निवासी शांताराम साहू और तोरण प्रजापति द्वारा ग्रामीणों को अधिक मजदूरी और अग्रिम राशि का लालच देकर उत्तरप्रदेश के ईंट भट्ठों में काम दिलाने के नाम पर ले जाया गया। वहां पहुंचने के बाद उन्हें लगभग छह माह तक बंधक बनाकर अमानवीय परिस्थितियों में दिन-रात काम करने के लिए मजबूर किया गया।
पीड़ितों के अनुसार उन्हें शारीरिक एवं मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया और घर लौटने की अनुमति नहीं दी गई। दिनांक 16 अप्रैल 2026 को थाना बागबाहरा में लिखित शिकायत प्राप्त होने पर पुलिस ने अपराध क्रमांक 81/26 के तहत धारा 143(1), (डी)3, (5) भारतीय न्याय संहिता (BNS) के अंतर्गत मामला दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की।
जांच के दौरान साक्ष्यों के आधार पर आरोपी शांताराम साहू (उम्र 56 वर्ष) एवं तोरण प्रजापति (उम्र 49 वर्ष), दोनों निवासी ग्राम देवरी थाना कोमाखान जिला महासमुंद, को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
मानव तस्करी के विरुद्ध सख्त रुख
महासमुंद पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मानव तस्करी, बंधुआ मजदूरी और मजदूरों के शोषण जैसे अपराधों के विरुद्ध आगे भी सख्त और त्वरित कार्रवाई जारी रहेगी।
पुलिस ने आमजन से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति या ठेकेदार अन्य राज्य में काम दिलाने के नाम पर भारी एडवांस या अधिक कमाई का लालच देता है, तो बिना सत्यापन उसके झांसे में न आएं। बाहर काम पर जाने से पूर्व संबंधित व्यक्ति का पूरा विवरण, पता एवं कार्यस्थल की जानकारी अपने स्थानीय थाना या ग्राम पंचायत में अवश्य दर्ज कराएं।
यदि कोई व्यक्ति बंधक बनाकर काम कराने या अमानवीय परिस्थितियों में प्रताड़ना का शिकार हो रहा हो, तो तत्काल पुलिस से संपर्क करें या “संवाद” व्हाट्सएप नंबर 9479229939 पर सूचना दें।
महासमुंद पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि पीड़ितों की सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे।