
भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर जनजातीय गौरव दिवस में उमड़ा जनसैलाब, सांस्कृतिक धरोहर और प्रेरणा का भव्य संगम
NTN NEWS REPORT// जांजगीर-चांपा, 15 नवंबर 2025। भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के अवसर पर जिला मुख्यालय के ऑडिटोरियम में जिला स्तरीय जनजातीय गौरव दिवस का भव्य आयोजन हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों द्वारा भगवान बिरसा मुंडा एवं छत्तीसगढ़ महतारी के तैलचित्र पर दीप प्रज्वलन से की गई। इसके पश्चात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा जनजातीय गौरव दिवस पर दिए गए संबोधन को वर्चुअल माध्यम से देखा-सुना गया।
कार्यक्रम में स्कूली छात्र-छात्राओं ने जनजातीय संस्कृति की समृद्ध विरासत को उजागर करते हुए मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दीं। साथ ही, विभिन्न हितग्राहियों को अधिकार अभिलेख प्रदान किए गए और स्वजातीय समाज के गणमान्य नागरिकों को मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया।
मंच पर रहा सम्मानित जनप्रतिनिधियों व समाज जन का जमावड़ा
कार्यक्रम में जांजगीर-चांपा विधायक ब्यास कश्यप, पूर्व नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल, पूर्व संसदीय सचिव अंबेश जांगड़े, जिला पंचायत अध्यक्ष इंजी सत्यलता मिरी, नगर पालिका अध्यक्ष रेखा देवा गढेवाल, अमर सुल्तानिया, विवेका गोपाल सहित समाज के प्रमुख जन— बी.एस. सिदार, विजय कुंवर मरकाम, बटदेव उरांव, राजेन्द्र कंवर, हरेन्द्र बिंझवार, आई.पी. मरकाम, एम.एम. मराबी, राजकुमार खैरवार, गोवर्धन धनुवार, गंगोत्री कंवर, धरमलाल सिदार और लालबहादुर सिंह सहित भारी संख्या में आदिवासी समाजबंधु उपस्थित रहे। कलेक्टर जनमेजय महोबे, जिला पंचायत सीईओ गोकुल रावटे और अपर कलेक्टर ज्ञानेंद्र पाण्डेय भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।

विधायक ब्यास कश्यप ने कहा — “बिरसा मुंडा साहस और संघर्ष के अमर प्रतीक”
विधायक ब्यास कश्यप ने संबोधित करते हुए कहा कि भगवान बिरसा मुंडा स्वतंत्रता आंदोलन के प्रेरक अग्रदूत रहे हैं। उन्होंने अंग्रेजी शासन के अत्याचारों के विरुद्ध जनआंदोलन खड़ा किया। उन्होंने कहा कि आज झारखंड से लेकर छत्तीसगढ़ तक बिरसा मुंडा आदिवासी अस्मिता के मजबूत स्तंभ हैं। उन्होंने शिक्षा, संघर्ष और समाज उत्थान को बिरसा मुंडा की प्रमुख शिक्षाएँ बताते हुए कहा कि आदिवासी समाज आज शिक्षा, राजनीति और प्रशासन के क्षेत्र में तेजी से प्रगति कर रहा है। विधायक कश्यप ने सभी को जनजातीय गौरव दिवस की शुभकामनाएँ दीं।
पूर्व नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल बोले — “प्रधानमंत्री द्वारा इस दिन को मान्यता मिलना ऐतिहासिक”
नारायण चंदेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस घोषित करना पूरे देश के लिए गर्व का क्षण है। उन्होंने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा कम उम्र में ही अत्याचार के खिलाफ संघर्ष का प्रतीक बने और न्याय व अधिकारों के लिए सदैव खड़े रहे। उन्होंने धरती आबा की गौरवशाली विरासत को जन-जन तक पहुंचाने के संकल्प की प्रशंसा की।
जिला पंचायत अध्यक्ष इंजी सत्यलता मिरी ने पढ़ी मुख्यमंत्री की पाती
इंजी मिरी ने मुख्यमंत्री की ओर से भेजी गई पाती का वाचन किया। उन्होंने कहा कि जनजातीय गौरव दिवस न सिर्फ आदिवासी समाज, बल्कि पूरे प्रदेश के लिए गर्व का अवसर है।
उन्होंने बताया कि वर्तमान सरकार जनजातीय समाज के शिक्षा, आजीविका और सांस्कृतिक समृद्धि की दिशा में दृढ़ संकल्पित है। उन्होंने धरती आबा बिरसा मुंडा द्वारा दिखाए गए शिक्षा, जागरूकता और संघर्ष के पथ को आने वाली पीढ़ियों का मार्गदर्शक बताया।
समाज प्रमुख बी.एस. सिदार ने कहा — “बिरसा मुंडा स्वतंत्रता संग्राम के अग्रणी क्रांतिकारी थे”
बी.एस. सिदार ने अपने संबोधन में कहा कि भगवान बिरसा मुंडा सिर्फ महान आदिवासी नेता नहीं, बल्कि देश की स्वतंत्रता संग्राम के अग्र जननायकों में से एक थे। उन्होंने बचपन से ही समाजहित में संवेदनशीलता दिखाई और अंग्रेजी शासन के विरुद्ध जन-जागरण आंदोलन का नेतृत्व किया। उन्होंने सभी को जनजातीय गौरव दिवस की शुभकामनाएँ दीं और भगवान बिरसा मुंडा को नमन किया।