मिशन 2029 के लिए कांग्रेस की नई रणनीति: राहुल गांधी ने संगठन में बिछाई ‘सामाजिक न्याय’ की बिसात, बड़े फेरबदल से जमीनी पकड़ मजबूत करने की तैयारी!
NTN REPORT// कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव 2029 को ध्यान में रखते हुए अपने संगठन को मजबूत करने की दिशा में बड़े बदलाव शुरू कर दिए हैं। पार्टी ने ऐसे नेताओं को अहम जिम्मेदारियां सौंपी हैं, जो लंबे समय से सड़क पर संघर्ष, आंदोलन और जमीनी राजनीति के लिए पहचाने जाते हैं। माना जा रहा है कि इन नियुक्तियों के जरिए राहुल गांधी सामाजिक न्याय के मुद्दे को और आक्रामक तरीके से आगे बढ़ाने और पार्टी कैडर को सक्रिय करने की कोशिश कर रहे हैं।

राजेंद्र पाल गौतम को उत्तर प्रदेश की जिम्मेदारी, दलित वोट बैंक पर फोकस
कांग्रेस ने आम आदमी पार्टी छोड़कर आए दलित नेता राजेंद्र पाल गौतम को उत्तर प्रदेश जैसे अहम राज्य का प्रभारी नियुक्त किया है। उन्होंने अविनाश पांडे की जगह यह जिम्मेदारी संभाली है। पार्टी का यह कदम सामाजिक न्याय की राजनीति को मजबूत करने और दलित समुदाय के बीच अपनी पकड़ बढ़ाने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।
राजेंद्र पाल गौतम इससे पहले कांग्रेस के अनुसूचित जाति विभाग से जुड़े रहे हैं। वह दलित अधिकारों और संविधान आधारित राजनीति को लेकर सक्रिय रहे हैं। कांग्रेस का प्रयास है कि उत्तर प्रदेश में विपक्षी दलों के बीच संभावित तालमेल की जमीन तैयार की जा सके।
गौतम ने कहा कि संविधान में विश्वास रखने वाली सभी पार्टियों को साथ आने का निमंत्रण है और आने वाले समय में उत्तर प्रदेश में पार्टी गरीब और वंचित वर्गों तक पहुंचने के लिए बड़ा अभियान चलाएगी।
बीवी श्रीनिवास को सेवा दल की कमान, संगठन में नई ऊर्जा भरने की कोशिश
कांग्रेस ने पूर्व युवा कांग्रेस अध्यक्ष बीवी श्रीनिवास को कांग्रेस सेवा दल का मुख्य संगठक नियुक्त किया है। श्रीनिवास अपनी आक्रामक शैली, आंदोलनों में सक्रिय भागीदारी और जमीनी संघर्ष के लिए जाने जाते हैं।
कोरोना महामारी के दौरान राहत कार्यों से लेकर बेरोजगारी, महंगाई, कृषि कानून और अन्य मुद्दों पर प्रदर्शन तक, श्रीनिवास ने युवा कांग्रेस को एक सक्रिय संगठन के रूप में पहचान दिलाने में भूमिका निभाई थी।
उन्होंने कहा कि सेवा दल को युवाओं की ऊर्जा और अनुभव के साथ एक मजबूत संगठन बनाने की दिशा में काम किया जाएगा, जो संविधान, लोकतंत्र और जनता के मुद्दों के लिए संघर्ष करेगा।
मणिकम टैगोर को मिली बड़ी जिम्मेदारी, गठबंधन राजनीति पर नजर
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मणिकम टैगोर को भी संगठन में अहम भूमिका दी गई है। राहुल गांधी के करीबी नेताओं में शामिल टैगोर संसद से लेकर सड़क तक पार्टी के आंदोलनों में सक्रिय रहे हैं।
तमिलनाडु के राजनीतिक समीकरणों और मुख्यमंत्री विजय के साथ कांग्रेस की बढ़ती नजदीकियों के बीच उनकी नई भूमिका को रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
टैगोर ने कहा कि यह केवल पद नहीं बल्कि जिम्मेदारी है और पार्टी का लक्ष्य 2029 के लिए जनता के बीच मजबूत आधार तैयार करना है।
कई राज्यों में संगठनात्मक बदलाव
कांग्रेस ने कई राज्यों में संगठनात्मक समीकरणों को देखते हुए बदलाव किए हैं। कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष बनाए गए बी.के. हरिप्रसाद को हरियाणा प्रभारी पद से मुक्त किया गया है। उनकी जगह महाराष्ट्र के पूर्व विधायक और AICC सचिव संजय दत्त को हरियाणा की जिम्मेदारी दी गई है।
वहीं सेवा दल के पूर्व प्रमुख लालजी देसाई को ओडिशा का प्रभारी बनाया गया है। अजय लल्लू को उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों को देखते हुए नई भूमिका में सक्रिय किया जाएगा।
कांग्रेस के सामने सबसे बड़ी चुनौती: जमीनी कैडर को फिर से मजबूत करना
कांग्रेस के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपने संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करना और कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा भरना है। पार्टी लंबे समय से संगठनात्मक फैसलों में देरी और केंद्रीकृत नेतृत्व को लेकर आलोचनाओं का सामना करती रही है।
आने वाले समय में पंजाब, छत्तीसगढ़, राजस्थान, उत्तराखंड और झारखंड जैसे राज्यों में भी बदलाव की संभावना जताई जा रही है।
अब देखना होगा कि कांग्रेस का यह नया संगठनात्मक प्रयोग 2029 की चुनावी रणनीति को कितना मजबूत बनाता है और क्या पार्टी अपने जमीनी कैडर को दोबारा सक्रिय कर पाती है।
यह समाचार विभिन्न सार्वजनिक स्रोतों एवं प्राप्त जानकारी पर आधारित है।