राहुल गांधी का INDIA गठबंधन में बड़ा संदेश: “सिर्फ चुनाव नहीं, अब देशभर में प्रतिरोध की जरूरत”
NTN REPORT// नई दिल्ली। 8 जून को हुई INDIA गठबंधन की बैठक में कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने विपक्षी दलों को एकजुटता, संघर्ष और बड़े राजनीतिक प्रतिरोध का संदेश दिया। बैठक में समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल, डीएमके सहित कई विपक्षी दलों के नेता मौजूद रहे।

अपने भाषण में राहुल गांधी ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि अब केवल चुनाव जीतने की रणनीति से काम नहीं चलेगा, बल्कि देश में एक व्यापक प्रतिरोध आंदोलन की जरूरत है।
गठबंधन की आलोचनाओं को स्वीकार करने की बात कही
राहुल गांधी ने कहा कि बैठक में कुछ सहयोगी दलों ने कांग्रेस की भूमिका और रणनीति पर सवाल उठाए, लेकिन कांग्रेस उन सभी आलोचनाओं को सुनेगी और स्वीकार करेगी।
उन्होंने भगवान शिव के “नीलकंठ” स्वरूप का उदाहरण देते हुए कहा कि जिस तरह शिव ने विष को अपने अंदर धारण किया, उसी तरह कांग्रेस की जिम्मेदारी है कि वह सबको साथ लेकर चले और आलोचनाओं को भी सहन करे।
राहुल का दावा- पुराने राजनीतिक हथियार अब काम नहीं करेंगे
राहुल गांधी ने कहा कि समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस और आरजेडी जैसे दल अभी भी पुराने राजनीतिक तरीके से सोच रहे हैं। उनका मानना है कि पुराने चुनावी हथियारों के सहारे मुकाबला किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि पहले राजनीतिक मैदान सभी दलों के लिए बराबर था, लेकिन अब स्थिति बदल चुकी है। राहुल के अनुसार, बीजेपी ने देश के प्रमुख संस्थानों पर अपना प्रभाव बना लिया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि नौकरशाही, जांच एजेंसियां, चुनाव व्यवस्था, मीडिया और सोशल मीडिया पर सत्ता पक्ष का दबदबा है।
“चुनाव चोरी हो रहे हैं” राहुल गांधी का बड़ा आरोप
राहुल गांधी ने अपने भाषण में चुनाव प्रक्रिया को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि चुनाव चोरी हो रहे हैं।
उन्होंने दावा किया कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को 90 प्रतिशत विश्वास है कि उनका चुनाव प्रभावित हुआ, जबकि उद्धव ठाकरे और तेजस्वी यादव को भी इस बात को लेकर आशंका है।
राहुल गांधी ने कहा कि इस “शायद” को खत्म करना होगा और विपक्ष को यह मानकर चलना होगा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की रक्षा के लिए बड़ा संघर्ष जरूरी है।
उन्होंने तृणमूल कांग्रेस का जिक्र करते हुए कहा कि वह लंबे समय से अपने सहयोगियों को जमीनी स्थिति को समझने की बात कहते रहे हैं।
सोशल मीडिया पर भी विपक्ष को बराबरी का मौका नहीं: राहुल
राहुल गांधी ने कहा कि यह भ्रम है कि सोशल मीडिया पर विपक्ष को बराबरी का मंच मिल रहा है।
उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का उदाहरण देते हुए कहा कि बड़ी संख्या में फॉलोअर होने के बावजूद उनकी आवाज को दबाया जा रहा है।
राहुल के मुताबिक, डिजिटल प्लेटफॉर्म और सूचना तंत्र पर भी सत्ता पक्ष का प्रभाव बढ़ गया है।
“जब राजनीति काम न करे तो प्रतिरोध ही रास्ता”
राहुल गांधी ने कहा कि जब राजनीतिक दल सामान्य तरीके से काम नहीं कर पाते, तब जनता का प्रतिरोध ही सबसे बड़ा हथियार बनता है।
उन्होंने अपनी भारत जोड़ो यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि 4,000 किलोमीटर की यात्रा के दौरान उन्होंने देखा कि जनता का संगठित विरोध बदलाव ला सकता है।
उन्होंने CBSE, NEET और ग्रेट निकोबार जैसे मुद्दों का उदाहरण देते हुए कहा कि जहां लोगों ने मिलकर आवाज उठाई, वहां असर दिखाई दिया।
उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को यह सोचना चाहिए कि आज वह किस अन्याय के खिलाफ खड़ा होगा। यह कोई संगठन नहीं बल्कि एक विचार और भावना है।
कांग्रेस को बताया आंदोलन से जन्मी पार्टी
राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस केवल एक राजनीतिक दल नहीं बल्कि एक ऐतिहासिक आंदोलन से बनी संस्था है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस उस समय अस्तित्व में आई थी जब आधुनिक भारत का निर्माण भी नहीं हुआ था और आजादी के आंदोलन के दौरान उसने प्रतिरोध की भूमिका निभाई।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस कभी भी BJP या RSS के साथ खड़ी नहीं होगी।
राहुल गांधी ने दावा किया कि कांग्रेस कार्यकर्ता विचारधारा के लिए संघर्ष करेंगे और किसी दबाव में नहीं झुकेंगे।
“2024 में विपक्ष हारा नहीं, हमने मुकाबला जीता”
राहुल गांधी ने दावा किया कि 2024 का लोकसभा चुनाव विपक्ष की हार नहीं बल्कि एक बड़ी राजनीतिक उपलब्धि थी।
उन्होंने कहा कि जनता में बीजेपी के खिलाफ नाराजगी मौजूद है और आने वाले चुनावों में विपक्ष के सामने सबसे बड़ी चुनौती चुनाव जीतना नहीं बल्कि लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करना है।
नीतीश कुमार के INDIA गठबंधन छोड़ने पर भी बोले राहुल
राहुल गांधी ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के INDIA गठबंधन छोड़ने के मुद्दे पर भी बात की।
उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार का फैसला न उनकी वजह से हुआ और न कांग्रेस की वजह से।
राहुल गांधी ने गठबंधन के अंदर मौजूद निराशा पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि कई नेताओं को लगता है कि बीजेपी को हराना मुश्किल है, लेकिन विश्वास और एकजुटता के साथ मुकाबला किया जा सकता है।
“BJP राज्य दर राज्य कमजोर होगी”: राहुल गांधी
अपने भाषण के अंत में राहुल गांधी ने गठबंधन के नेताओं से भरोसा बनाए रखने की अपील की।
उन्होंने कहा कि अगर विपक्ष एकजुट होकर प्रतिरोध की राजनीति करता है तो बीजेपी राज्य दर राज्य और चुनाव दर चुनाव कमजोर होगी।
यह समाचार विभिन्न सार्वजनिक स्रोतों एवं प्राप्त जानकारी पर आधारित है।