
इंस्टाग्राम पर वायरल वीडियो से खुला वन्यजीव शिकार का मामला, बंगाल मॉनिटर के शिकार में 5 आरोपी गिरफ्तार , सभी न्यायिक अभिरक्षा में भेजे गए जेल
NTN REPORT// जांजगीर-चांपा। जिले में वन्यजीव संरक्षण के तहत वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए इंस्टाग्राम पर वायरल हुए एक वीडियो के आधार पर बंगाल मॉनिटर (गोह) के शिकार के मामले का खुलासा किया है। मामले की जांच के बाद वन विभाग ने कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया। सभी आरोपियों को जांजगीर के न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
यह पूरी कार्रवाई वन मंडलाधिकारी हिमांशु डोंगरे के निर्देशन में वन विभाग की टीम द्वारा की गई।
ये हैं गिरफ्तार किए गए पांच आरोपी
- दिनेश पटेल, पिता दुकालूराम पटेल, उम्र लगभग 23 वर्ष, निवासी भदरा, तहसील बम्हनीडीह, जिला जांजगीर-चांपा।
- हरिराम गोंड, पिता बाबूलाल गोंड, उम्र लगभग 25 वर्ष, निवासी सवरिया डेरा, गोविंदा, तहसील बम्हनीडीह, जिला जांजगीर-चांपा।
- शिवा गोंड, पिता राजाराम गोंड, उम्र लगभग 24 वर्ष, निवासी सवरिया डेरा, गोविंदा, तहसील बम्हनीडीह, जिला जांजगीर-चांपा।
- चमन गोंड, पिता नरसिंह गोंड, उम्र लगभग 23 वर्ष, निवासी सवरिया डेरा, गोविंदा, तहसील बम्हनीडीह, जिला जांजगीर-चांपा।
- विनोद केवट, पिता जलेश्वर केवट, उम्र लगभग 33 वर्ष, निवासी भदरा, तहसील बम्हनीडीह, जिला जांजगीर-चांपा।
वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत दर्ज हुआ प्रकरण
वन विभाग के अनुसार, आरोपियों के विरुद्ध वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की धारा 9, 39, 51 तथा धारा 2(15) एवं 2(16)(बी) के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। कार्रवाई के दौरान वन विभाग ने एक मृत बंगाल मॉनिटर (गोह), एक फावड़ा, एक सब्बल तथा एक मोबाइल फोन जब्त किया है।
वायरल वीडियो बना कार्रवाई का आधार
वन विभाग को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर एक वीडियो वायरल होने की जानकारी मिली थी। वीडियो की जांच और सत्यापन के बाद वन विभाग ने आरोपियों की पहचान कर उनके विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की। जांच में सामने आया कि बंगाल मॉनिटर का शिकार कर उसके साथ क्रूरता की गई थी, जिसके बाद विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
सभी आरोपियों को भेजा गया जेल
गिरफ्तारी के बाद सभी आरोपियों जांजगीर के न्यायालय में पेश किया गया। वन विभाग द्वारा न्यायिक रिमांड का आवेदन प्रस्तुत किए जाने के बाद न्यायालय ने सभी आरोपियों जेल भेजने का आदेश दिया।
वन विभाग का कहना है कि मामले की विवेचना जारी है और यदि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।