
सरस्वती शिशु मंदिर नैला में शाला प्रवेश उत्सव: हरि लीला ट्रस्ट ने भेंट किए वाद्य यंत्र, नवप्रवेशी विद्यार्थियों को बांटे उपहार
अमर सुल्तानिया ने विद्यार्थियों को दिए संस्कार, लक्ष्य और मेहनत के महत्व के संदेश
NTN REPORT// जांजगीर-चांपा। सरस्वती शिशु मंदिर नैला-जांजगीर में बुधवार 01 जुलाई को शाला प्रवेश उत्सव का आयोजन उत्साह और गरिमामय वातावरण में किया गया। कार्यक्रम में नवप्रवेशी विद्यार्थियों का तिलक लगाकर आत्मीय स्वागत किया गया। इस अवसर पर अंचल की अग्रणी समाजसेवी संस्था हरि लीला ट्रस्ट, बनारी की ओर से विद्यालय को संगीत गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए वाद्य यंत्र प्रदान किए गए, वहीं नए विद्यार्थियों को उपहार वितरित कर उनका उत्साह बढ़ाया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं हरि लीला ट्रस्ट के ट्रस्टी तथा भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य अमर सुल्तानिया ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि “बड़ा बनने के लिए बड़े स्कूल नहीं, बल्कि बड़े संस्कार और बड़ा लक्ष्य जरूरी है।” उन्होंने विद्यार्थियों को जीवन में ऊंचे लक्ष्य निर्धारित करने, निरंतर मेहनत करने और संस्कारों से जुड़े रहने की प्रेरणा दी।
अमर सुल्तानिया ने कहा कि सरस्वती शिशु मंदिर जैसी संस्थाएं केवल शिक्षा देने का कार्य नहीं करतीं, बल्कि विद्यार्थियों में चरित्र निर्माण, अनुशासन और राष्ट्रभावना का विकास भी करती हैं। यही इस संस्था की सबसे बड़ी विशेषता है।
उन्होंने विद्यार्थियों को महापुरुषों के संघर्षपूर्ण जीवन से प्रेरणा लेने की बात कही। उन्होंने कहा कि व्यक्ति चाहे कितनी भी ऊंचाई हासिल कर ले, लेकिन समाज में वास्तविक सम्मान उसे अपने अच्छे संस्कारों से ही मिलता है। उन्होंने स्वस्थ शरीर को सफलता की नींव बताते हुए विद्यार्थियों को नियमित रूप से खेल गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि जब कोई विद्यार्थी अपने क्षेत्र में सफलता प्राप्त करता है तो वह केवल स्वयं का नहीं बल्कि अपने माता-पिता, शिक्षकों और पूरे जिले का नाम रोशन करता है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे मनोज पाण्डेय ने कहा कि शिक्षा के साथ नैतिकता, अनुशासन और सदाचार भी विद्यार्थियों के जीवन में समान रूप से आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि सफलता किसी स्कूल या माध्यम की मोहताज नहीं होती, बल्कि यह विद्यार्थियों की मेहनत, लगन और समर्पण से प्राप्त होती है।
शाला प्रवेश उत्सव के दौरान हरि लीला ट्रस्ट द्वारा विद्यालय को संगीत गतिविधियों के लिए वाद्य यंत्र सौंपे गए। साथ ही नवप्रवेशी बच्चों को उपहार मिलने से उनके चेहरे खुशी से खिल उठे। विद्यालय परिवार और उपस्थित पालकों ने ट्रस्ट की इस पहल की सराहना की।
इस अवसर पर संतोष उपाध्याय, कैलाश बसाईवाल, रविंद्र शराफ, प्रकाश शर्मा, गोविंद राम सोनी, बबीता वर्मा, भगवान दास वैष्णव सहित अन्य अतिथि उपस्थित रहे। सभी ने विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पालकगण, शिक्षक एवं विद्यालय परिवार के सदस्य मौजूद रहे।