
संकल्प बजट 2026-27: समावेशी विकास और आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ की दिशा में ठोस पहल — अंबेश जांगड़े
NTN REPORT// जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा विधानसभा में प्रस्तुत संकल्प बजट 2026-27 को भारतीय जनता पार्टी के जिला पदाधिकारियों ने राज्य के समग्र विकास की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया है। लगभग ₹1.72 लाख करोड़ के इस बजट को सामाजिक न्याय, आर्थिक सुदृढ़ता और क्षेत्रीय संतुलन पर आधारित विकास का प्रभावी रोडमैप करार दिया गया है।
सर्वांगीण विकास का रोडमैप: अंबेश जांगड़े
भाजपा जिलाध्यक्ष अंबेश जांगड़े ने बजट की सराहना करते हुए कहा कि द्वारा प्रस्तुत संकल्प बजट 2026-27 केवल आंकड़ों का दस्तावेज नहीं, बल्कि नीति से परिणाम तक विकास को धरातल पर उतारने की स्पष्ट कार्ययोजना है।
उन्होंने कहा कि यह बजट राज्य के सर्वांगीण और संतुलित विकास की सोच को साकार करता है। शिक्षा, स्वास्थ्य, अधोसंरचना, उद्योग और सामाजिक कल्याण जैसे सभी क्षेत्रों में व्यापक प्रावधान किए गए हैं।
अंबेश जांगड़े के अनुसार यह बजट सामाजिक न्याय को प्राथमिकता देते हुए समाज के सभी वर्गों—किसानों, युवाओं, महिलाओं और कमजोर तबकों—को मुख्यधारा में लाने का प्रयास करता है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस बजट के माध्यम से आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ के लक्ष्य को गति मिलेगी।
कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने वाला बजट: पंकज अग्रवाल
भाजपा जिला उपाध्यक्ष पंकज अग्रवाल ने बजट को राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताया। उन्होंने कहा कि संकल्प बजट 2026-27 विशेष रूप से कृषि और ग्रामीण क्षेत्र को सशक्त बनाने पर केंद्रित है।
पंकज अग्रवाल ने कहा कि बजट में किसानों की आय बढ़ाने, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार, ग्रामीण रोजगार सृजन और बुनियादी ढांचे के विकास पर विशेष ध्यान दिया गया है। इससे गांवों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ठोस आधार तैयार होगा।
उन्होंने आगे कहा कि कृषि आधारित उद्योगों को प्रोत्साहन, ग्रामीण सड़कों के निर्माण, और आधुनिक तकनीक के उपयोग से किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। इससे न केवल उत्पादन बढ़ेगा बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
जनकल्याण और सुशासन की झलक
भाजपा नेताओं ने कहा कि यह बजट केवल वर्तमान जरूरतों को पूरा करने तक सीमित नहीं है, बल्कि भविष्य की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। इसमें पारदर्शिता, जवाबदेही और सुशासन की स्पष्ट झलक दिखाई देती है।
उन्होंने उम्मीद जताई कि बजट में किए गए प्रावधानों का प्रभावी क्रियान्वयन राज्य को विकास के नए आयामों तक पहुंचाएगा और छत्तीसगढ़ को आत्मनिर्भर एवं सशक्त राज्य के रूप में स्थापित करेगा।