ईरान युद्ध के बीच फिर बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम, 9 दिनों में करीब ₹5 महंगा हुआ ईंधन
ईरान युद्ध के बीच फिर बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम, 9 दिनों में करीब ₹5 महंगा हुआ ईंधन
NTN REPORT// ईरान युद्ध के बाद वैश्विक कच्चे तेल बाजार में बढ़ती अस्थिरता का असर अब भारत में भी साफ दिखाई देने लगा है. देश में पेट्रोल, डीजल और सीएनजी की कीमतों में लगातार तीसरी बार बढ़ोतरी की गई है. पिछले 9 दिनों के भीतर ईंधन के दामों में करीब 5 रुपये प्रति लीटर तक की वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे आम लोगों पर महंगाई का अतिरिक्त बोझ बढ़ गया है.
शनिवार को जारी नई दरों के अनुसार पेट्रोल 87 पैसे प्रति लीटर और डीजल 91 पैसे प्रति लीटर महंगा हुआ है. वहीं सीएनजी की कीमत में 1 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी की गई है।

15 मई से लगातार बढ़ रहे हैं दाम
इससे पहले 15 मई 2026 को पेट्रोल, डीजल और सीएनजी की कीमतों में एक साथ 3-3 रुपये की बड़ी बढ़ोतरी की गई थी. इसके बाद 19 मई को पेट्रोल 87 पैसे और डीजल 91 पैसे प्रति लीटर महंगा किया गया था. अब 23 मई को तीसरी बार दाम बढ़ाए गए हैं.
लगातार तीन चरणों में हुई इस बढ़ोतरी के बाद पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कुल वृद्धि लगभग ₹4.74 से ₹4.82 प्रति लीटर तक पहुंच गई है.
दिल्ली में पेट्रोल ₹100 के करीब
नई कीमतों के बाद राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पेट्रोल 98.64 रुपये से बढ़कर 99.51 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है. वहीं डीजल की कीमत 91.58 रुपये से बढ़कर 92.49 रुपये प्रति लीटर हो गई है.
सीएनजी उपभोक्ताओं को भी राहत नहीं मिली है. राजधानी में सीएनजी अब 81.09 रुपये प्रति किलो की दर से बिक रही है.
वैश्विक तेल संकट का असर
सरकारी सूत्रों के अनुसार ईरान युद्ध के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है. इसके बावजूद सरकार और ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) ने करीब 76 दिनों तक घरेलू ईंधन कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं की थी.
सूत्रों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय दबाव के मुकाबले भारत में कीमतों में सीमित बढ़ोतरी की गई है ताकि आम जनता पर बोझ कम रखा जा सके.
केंद्र सरकार ने पहले घटाई थी एक्साइज ड्यूटी
केंद्र सरकार ने मार्च 2026 में पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में 10 रुपये प्रति लीटर की कटौती की थी. सरकार का दावा है कि इसी फैसले की वजह से वैश्विक तेल संकट के बावजूद देश में ईंधन की कीमतों में बड़ी उछाल देखने को नहीं मिली.
हालांकि लगातार बढ़ती कीमतों से परिवहन, खाद्य पदार्थों और रोजमर्रा की जरूरतों पर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है. आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति के आधार पर ईंधन कीमतों में और बदलाव संभव माना जा रहा है.
यह समाचार विभिन्न सार्वजनिक स्रोतों एवं प्राप्त जानकारी पर आधारित है।