
जांजगीर-चांपा की ज्योति सोनी ने हासिल की दोहरी स्वर्णिम सफलता, बी.लिब. और एम.लिब. में प्रथम स्थान प्राप्त कर जिले का बढ़ाया मान
पंडित सुंदरलाल शर्मा विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में दो स्वर्ण पदकों से हुईं सम्मानित, शैक्षणिक उत्कृष्टता से जिले की प्रतिभाओं के लिए बनीं प्रेरणास्रोत
NTN REPORT// जांजगीर-चांपा। शिक्षा के क्षेत्र में अपनी प्रतिभा, कठिन परिश्रम और निरंतर लगन का शानदार परिचय देते हुए जांजगीर-चांपा जिले की श्रीमती ज्योति सोनी ने दो स्वर्ण पदक हासिल कर जिले का गौरव बढ़ाया है। पंडित सुंदरलाल शर्मा मुक्त विश्वविद्यालय, बिलासपुर के दीक्षांत समारोह में उन्हें बी.लिब. (बैचलर ऑफ लाइब्रेरी एंड इंफॉर्मेशन साइंस) एवं एम.लिब. (मास्टर ऑफ लाइब्रेरी एंड इंफॉर्मेशन साइंस) दोनों पाठ्यक्रमों में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया। उनकी इस दोहरी उपलब्धि से परिवार सहित पूरे जिले में हर्ष और गौरव का माहौल है।
विश्वविद्यालय में 03 नवंबर 2025 को आयोजित दीक्षांत समारोह में महामहिम राज्यपाल रमेन डेका की गरिमामयी उपस्थिति रही। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ शासन के उपमुख्यमंत्री अरुण साव सहित विधायकगण, जनप्रतिनिधि एवं अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। समारोह के दौरान श्रीमती ज्योति सोनी को उनकी उत्कृष्ट शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए दो स्वर्ण पदक प्रदान किए गए।
दो पाठ्यक्रमों में प्रथम स्थान, हासिल की दोहरी उपलब्धि
श्रीमती ज्योति सोनी, स्वर्गीय लीलाम्बर प्रसाद सोनी की पुत्रवधू एवं तनेन्द्र कुमार सोनी की पत्नी हैं। वे जांजगीर, जिला जांजगीर-चांपा, छत्तीसगढ़ की निवासी हैं। उन्होंने बी.लिब. और एम.लिब. दोनों ही पाठ्यक्रमों में प्रथम स्थान प्राप्त कर अपनी शैक्षणिक प्रतिभा का परिचय दिया है। शैक्षणिक उपलब्धियों के क्रम में दोनों पाठ्यक्रमों में सर्वोच्च स्थान हासिल कर दो स्वर्ण पदक प्राप्त करना उनकी मेहनत, अनुशासन, अध्ययन के प्रति समर्पण और दृढ़ इच्छाशक्ति को दर्शाता है।
परिवार और जिले में खुशी का माहौल
श्रीमती ज्योति सोनी की इस उपलब्धि से उनके परिवारजनों, रिश्तेदारों, शुभचिंतकों एवं क्षेत्रवासियों में खुशी की लहर है। उनकी सफलता को जिले के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। एक ही विद्यार्थी द्वारा दो अलग-अलग पाठ्यक्रमों में प्रथम स्थान प्राप्त कर स्वर्ण पदक हासिल करना निश्चित रूप से अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणादायक है।
विद्यार्थियों के लिए बनीं प्रेरणास्रोत
ज्योति सोनी की यह सफलता बताती है कि लक्ष्य के प्रति समर्पण, नियमित अध्ययन और कठिन परिश्रम के बल पर किसी भी मुकाम को हासिल किया जा सकता है। उनकी उपलब्धि विशेष रूप से उन छात्राओं और युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़कर अपनी अलग पहचान बनाना चाहते हैं।
उनकी इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर परिवारजनों, शुभचिंतकों एवं क्षेत्रवासियों ने बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
दो पाठ्यक्रम, दो प्रथम स्थान और दो स्वर्ण पदक—श्रीमती ज्योति सोनी की यह उपलब्धि जांजगीर-चांपा जिले के शैक्षणिक गौरव में एक नया अध्याय जोड़ती है।