NTN REPORT// नई दिल्ली। देश में बालिकाओं की सुरक्षा और मानवाधिकारों को लेकर एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने मध्य प्रदेश, राजस्थान और महाराष्ट्र में कथित तौर पर नाबालिग लड़कियों की खरीद-फरोख्त और मानव तस्करी के मामले में तीनों राज्यों की सरकारों तथा पुलिस प्रशासन को नोटिस जारी किया है। आयोग ने मीडिया में प्रकाशित एक रिपोर्ट का स्वतः संज्ञान लेते हुए संबंधित राज्यों के मुख्य सचिवों और पुलिस महानिदेशकों (DGP) से दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है।

गरीबी और मजबूरी का फायदा उठाकर बेटियों को बेचने का आरोप
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मध्य प्रदेश और राजस्थान की सीमा से लगे कई जिलों में कथित तौर पर कुछ माता-पिता गरीबी और अन्य पारिवारिक परिस्थितियों के चलते अपनी नाबालिग बेटियों को बिचौलियों के हाथों 3 से 5 लाख रुपये में बेच रहे हैं। बताया गया है कि इस पूरे नेटवर्क में बिचौलिये सक्रिय हैं, जो लड़कियों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने के लिए कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों का सहारा लेते हैं।
इन दस्तावेजों में नाबालिग लड़कियों को संबंधित लोगों का गोद लिया हुआ बच्चा दर्शाया जाता है, ताकि उनकी वास्तविक पहचान और तस्करी से जुड़े तथ्यों को छिपाया जा सके।
फर्जी दस्तावेजों के सहारे महाराष्ट्र तक पहुंचाई जाती हैं लड़कियां
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि तस्करी के इस कथित नेटवर्क में लड़कियों की पहचान छिपाने के लिए दस्तावेजों में हेरफेर किया जाता है। बालिग होने पर उनकी व्यक्तिगत जानकारियां और पहचान संबंधी विवरण भी बदल दिए जाते हैं।
इसके बाद कथित तौर पर इन लड़कियों को महाराष्ट्र के अलग-अलग शहरों में 35 से 40 लाख रुपये तक में बेचा जाता है। रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि वहां पहुंचने के बाद कई लड़कियों को यौन व्यापार में धकेल दिया जाता है।
चार पीड़िताओं के मामलों का रिपोर्ट में उल्लेख
30 अक्टूबर को प्रकाशित मीडिया रिपोर्ट में मानव तस्करी से जुड़े चार विशिष्ट मामलों का उल्लेख किया गया है। इन मामलों के माध्यम से कथित तौर पर सामने आया है कि किस तरह आर्थिक तंगी और पारिवारिक मजबूरियों का फायदा उठाकर नाबालिग लड़कियों को बिचौलियों के माध्यम से तस्करी के जाल में फंसाया जा रहा है।
हालांकि, इन आरोपों की वास्तविकता और पूरे नेटवर्क की भूमिका की पुष्टि संबंधित एजेंसियों की जांच के बाद ही हो सकेगी।
NHRC ने तीन राज्यों के मुख्य सचिवों और DGP को भेजा नोटिस
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए मध्य प्रदेश, राजस्थान और महाराष्ट्र के मुख्य सचिवों तथा पुलिस महानिदेशकों को नोटिस जारी किया है। आयोग ने संबंधित अधिकारियों से दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
आयोग का कहना है कि यदि मीडिया रिपोर्ट में सामने आए तथ्य सही पाए जाते हैं, तो यह नाबालिग लड़कियों के मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन है। इसमें बच्चों की सुरक्षा, गरिमा और शोषण से मुक्त जीवन जीने के अधिकार जैसे महत्वपूर्ण पहलू शामिल हैं।
अब जांच और प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी नजरें
इस मामले में NHRC की पहल के बाद तीनों राज्यों के प्रशासन और पुलिस विभाग की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है। अब यह देखना होगा कि संबंधित राज्य सरकारें आयोग को अपनी रिपोर्ट में क्या जानकारी देती हैं और कथित मानव तस्करी के नेटवर्क की जांच के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि आरोप सही साबित होते हैं, तो इस कथित कारोबार में शामिल बिचौलियों, फर्जी दस्तावेज तैयार करने वालों और अन्य जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कितनी सख्त कार्रवाई होती है। साथ ही, तस्करी का शिकार हुई लड़कियों की पहचान, सुरक्षा, पुनर्वास और न्याय सुनिश्चित करना भी प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती होगी।
नोट: इस मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने मीडिया रिपोर्ट का स्वतः संज्ञान लेकर नोटिस जारी किया है। रिपोर्ट में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र जांच और आधिकारिक पुष्टि अभी अपेक्षित है।
यह समाचार विभिन्न सार्वजनिक स्रोतों एवं प्राप्त जानकारी पर आधारित है।