फीफा वर्ल्ड कप 2026: मेसी की ऐतिहासिक हैट्रिक से अर्जेंटीना की धमाकेदार शुरुआत, 38 की उम्र में रचा नया इतिहास
NTN REPORT// फीफा वर्ल्ड कप 2026 में डिफेंडिंग चैंपियन अर्जेंटीना ने अपने खिताब बचाने के अभियान की शुरुआत शानदार जीत के साथ की। अल्जीरिया के खिलाफ खेले गए मुकाबले में अर्जेंटीना ने 3-0 से जीत दर्ज की, लेकिन मैच की सबसे बड़ी कहानी एक बार फिर कप्तान लियोनेल मेसी रहे।

38 वर्षीय मेसी ने अपने 200वें अंतरराष्ट्रीय मुकाबले और रिकॉर्ड छठे वर्ल्ड कप में ऐसा प्रदर्शन किया, जिसने फुटबॉल इतिहास में एक और सुनहरा अध्याय जोड़ दिया।
कैनसस सिटी के GEHA फील्ड एट एरोहेड स्टेडियम में 69,045 दर्शकों के सामने मेसी ने शानदार हैट्रिक लगाकर अर्जेंटीना को जीत दिलाई। इस प्रदर्शन के साथ उन्होंने वर्ल्ड कप में अपने गोलों की संख्या 16 तक पहुंचा दी और जर्मनी के दिग्गज स्ट्राइकर मिरोस्लाव क्लोज के सर्वकालिक रिकॉर्ड की बराबरी कर ली।
यह मेसी के वर्ल्ड कप करियर की पहली हैट्रिक रही। इसके साथ ही वह टूर्नामेंट के इतिहास में हैट्रिक लगाने वाले सबसे उम्रदराज खिलाड़ी बन गए और उन्होंने क्रिस्टियानो रोनाल्डो का रिकॉर्ड भी पीछे छोड़ दिया।
शुरुआत में दिखी अल्जीरिया की चुनौती
मैच की शुरुआत अर्जेंटीना के लिए आसान नहीं रही। पांचवें मिनट में मेसी ने गेंद को गोल में पहुंचा दिया था, लेकिन बिल्ड-अप में ऑफसाइड के कारण गोल रद्द कर दिया गया।
इसके कुछ ही देर बाद अल्जीरिया ने भी बढ़त बनाने की कोशिश की। फार्स चाबी ने गोल किया, लेकिन VAR जांच के बाद उसे भी ऑफसाइड करार दिया गया।
पहले 15 मिनट तक अल्जीरिया ने विश्व चैंपियन अर्जेंटीना को कड़ी टक्कर दी और गेंद पर अच्छा नियंत्रण बनाए रखा। हालांकि इसके बाद मेसी ने अपनी असली क्षमता दिखाई।
मेसी का पहला गोल, 20 साल पुराने इतिहास की वापसी
17वें मिनट में रोड्रिगो डी पॉल ने शानदार थ्रू बॉल खेली। मेसी ने डिफेंडरों के दबाव के बीच बेहतरीन नियंत्रण दिखाते हुए गेंद को टॉप कॉर्नर में पहुंचा दिया। अल्जीरियाई गोलकीपर लुका जिदान के पास इस शानदार शॉट का कोई जवाब नहीं था।
यह गोल इसलिए भी खास रहा क्योंकि ठीक 20 साल पहले 16 जून 2006 को मेसी ने सर्बिया और मोंटेनेग्रो के खिलाफ अपना पहला वर्ल्ड कप गोल किया था। उसी तारीख को उन्होंने एक और ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम कर ली।
इस गोल के साथ मेसी पुरुष फुटबॉल में पांच अलग-अलग वर्ल्ड कप में गोल करने वाले दुनिया के दूसरे खिलाड़ी बन गए। उनसे पहले यह उपलब्धि सिर्फ क्रिस्टियानो रोनाल्डो हासिल कर चुके थे।
छह वर्ल्ड कप खेलने वाले पहले फुटबॉलर बने मेसी
अल्जीरिया के खिलाफ मुकाबला मेसी के लिए कई मायनों में ऐतिहासिक रहा। वह वर्ल्ड कप इतिहास में छह संस्करणों में खेलने वाले दुनिया के पहले फुटबॉलर बन गए।
इसके अलावा वह दक्षिण अमेरिका के पहले पुरुष फुटबॉलर और दुनिया के केवल तीसरे पुरुष खिलाड़ी बने, जिन्होंने 200 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले पूरे किए।
दूसरे हाफ में मेसी का जलवा, पूरी की हैट्रिक
पहले गोल के बाद अर्जेंटीना ने मैच पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली। हालांकि अल्जीरिया ने लगातार संघर्ष किया और गेंद पर लगभग बराबर कब्जा बनाए रखा, लेकिन उसकी सात कोशिशों में कोई भी शॉट लक्ष्य पर नहीं पहुंच सका।
60वें मिनट में एलेक्सिस मैक एलिस्टर के शॉट को गोलकीपर पूरी तरह रोक नहीं पाए। गेंद रिबाउंड होकर मेसी के पास पहुंची और उन्होंने मौके का फायदा उठाते हुए दूसरा गोल कर दिया।
76वें मिनट में निकोलस गोंजालेज ने गेंद छीनी और मेसी को पास दिया। कप्तान मेसी ने बाएं पैर से शानदार शॉट लगाकर गेंद को नेट में पहुंचाया और अपनी पहली वर्ल्ड कप हैट्रिक पूरी कर ली।
मेसी ने बनाए कई बड़े रिकॉर्ड
हैट्रिक के साथ मेसी ने कई ऐतिहासिक रिकॉर्ड अपने नाम किए:
- वर्ल्ड कप में मेसी के गोलों की संख्या 16 पहुंच गई।
- वर्ल्ड कप में उनके नाम अब 8 असिस्ट समेत कुल 24 गोल योगदान हो गए हैं।
- उन्होंने पेले के 21 गोल योगदान के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया।
- वह लगातार पांच वर्ल्ड कप मुकाबलों में गोल करने वाले खिलाड़ियों की सूची में शामिल हो गए।
- वर्ल्ड कप में पेनल्टी बॉक्स के बाहर से उनके गोलों की संख्या पांच हो गई, जो पिछले छह दशकों में सबसे ज्यादा है।
- क्लब और देश के लिए उनके करियर का कुल गोल योगदान 911 तक पहुंच गया।
डिफेंडिंग चैंपियन अर्जेंटीना ने भी बनाया रिकॉर्ड
मेसी के रिकॉर्ड्स के अलावा अर्जेंटीना ने भी इतिहास रचा। तीन बार की विश्व चैंपियन टीम ने पहली बार डिफेंडिंग चैंपियन के रूप में अपना शुरुआती वर्ल्ड कप मुकाबला जीता। इससे पहले 1982 और 1990 में खिताब जीतने के बाद अर्जेंटीना को अपने पहले मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा था।
ग्रुप J में इस जीत के साथ अर्जेंटीना ने टूर्नामेंट की मजबूत शुरुआत कर दी है। अब टीम की नजरें अगले मुकाबलों में ऑस्ट्रिया और जॉर्डन के खिलाफ जीत दर्ज कर नॉकआउट चरण में जगह बनाने पर होंगी।
फिलहाल फुटबॉल जगत में सिर्फ एक ही नाम गूंज रहा है — लियोनेल मेसी, जिन्होंने 38 साल की उम्र में भी साबित कर दिया कि महानता उम्र से नहीं, प्रदर्शन से तय होती है।
डिस्क्लेमर: यह समाचार विभिन्न सार्वजनिक स्रोतों एवं प्राप्त जानकारी पर आधारित है।