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राज्य/शहर

महाराष्ट्र में नए RTI नियमों पर फिलहाल रोक: अन्ना हजारे के विरोध के बाद फडणवीस सरकार ने लिया बड़ा फैसला

NTN REPORT// मुंबई। महाराष्ट्र सरकार ने विवादों में घिरे सूचना का अधिकार (RTI) नियम, 2026 के अमल पर फिलहाल रोक लगा दी है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के निर्देश के बाद राज्य के मुख्य सूचना आयुक्त ने नए नियमों को लागू करने की प्रक्रिया स्थगित कर दी है। यह फैसला सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे के कड़े विरोध और 5 जुलाई से प्रस्तावित अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल की चेतावनी के बाद लिया गया।

फाइल फोटो

दरअसल, राज्य के सामान्य प्रशासन विभाग (General Administration Department) ने 12 जून 2026 को राजपत्र (गजट) में अधिसूचना जारी कर नए RTI नियमों को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया था। इन नियमों में आवेदन शुल्क बढ़ाने, पहचान पत्र अनिवार्य करने, एक आवेदन में केवल एक विषय रखने और अपील पर शुल्क लगाने जैसे कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए थे, जिन्हें लेकर व्यापक विवाद खड़ा हो गया।

क्या थे नए RTI नियम?

नए नियमों के तहत सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के अंतर्गत आवेदन करने के लिए 30 रुपये आवेदन शुल्क निर्धारित किया गया था। इसके अलावा सूचना उपलब्ध कराने के लिए प्रति ए4 पृष्ठ 5 रुपये तथा डिजिटल या स्कैन की गई प्रति के लिए भी 5 रुपये प्रति पृष्ठ शुल्क तय किया गया था।

रिकॉर्ड का निरीक्षण पहले एक घंटे तक निःशुल्क रखा गया था, लेकिन उसके बाद 50 रुपये प्रति घंटा शुल्क देना प्रस्तावित था। गरीबी रेखा (बीपीएल) से नीचे रहने वाले आवेदकों को आवेदन शुल्क से छूट दी गई थी, हालांकि 50 पन्नों से अधिक की सूचना लेने पर उन्हें भी निर्धारित शुल्क देना होता।

एक आवेदन में केवल एक विषय रखने का प्रावधान

नए नियमों के अनुसार, प्रत्येक आरटीआई आवेदन सामान्यतः केवल एक ही विषय से संबंधित होना चाहिए और आवेदन की लंबाई 150 शब्दों से अधिक नहीं होनी थी। यदि किसी आवेदन में एक से अधिक विषय शामिल होते, तो लोक सूचना अधिकारी (PIO) केवल पहले विषय पर कार्रवाई करता और बाकी विषयों के लिए अलग-अलग आवेदन करने की सलाह देता।

सबसे ज्यादा विवाद पहचान पत्र अनिवार्य करने पर

नियमों का सबसे विवादित प्रावधान भारतीय नागरिकता का प्रमाण देना अनिवार्य करना था। इसके तहत प्रत्येक आरटीआई आवेदन के साथ स्वप्रमाणित (Self-attested) फोटो पहचान पत्र संलग्न करना आवश्यक किया गया था। यदि पहचान संबंधी दस्तावेज संलग्न नहीं किए जाते, तो आवेदन वापस किए जाने का भी प्रावधान रखा गया था।

इसके अलावा, यदि मांगी गई जानकारी पहले से संबंधित सरकारी विभाग या सार्वजनिक प्राधिकरण की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध हो, तो लोक सूचना अधिकारी आवेदक को ऑनलाइन जानकारी देखने का निर्देश दे सकता था और अलग से उसकी प्रति उपलब्ध कराने की बाध्यता नहीं रहती।

अपील प्रक्रिया में भी प्रस्तावित थे नए शुल्क

नियमों के अनुसार पहली अपील दाखिल करने के लिए 50 रुपये तथा महाराष्ट्र राज्य सूचना आयोग में दूसरी अपील के लिए 100 रुपये शुल्क देना अनिवार्य किया गया था। अपील के साथ आवश्यक दस्तावेज जमा करना भी जरूरी था। सुनवाई भौतिक रूप से या वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कराने का प्रावधान भी शामिल किया गया था।

साथ ही सार्वजनिक प्राधिकरणों के प्रमुखों को सूचना का अधिकार अधिनियम की धारा-4 के तहत अधिकतम सूचनाओं का स्वतः प्रकटीकरण (Proactive Disclosure) सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई थी। ऐसा नहीं करने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सेवा नियमों के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई का भी प्रावधान प्रस्तावित था।

अन्ना हजारे ने जताया कड़ा विरोध

सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने इन नियमों का लगातार विरोध करते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को ज्ञापन सौंपा था। उन्होंने आरोप लगाया कि नए नियम सूचना के अधिकार कानून की मूल भावना को कमजोर करते हैं और आम नागरिकों के लिए सूचना प्राप्त करना पहले की तुलना में अधिक कठिन बना देंगे।

हजारे का कहना था कि आवेदन शुल्क बढ़ाना, पहचान पत्र अनिवार्य करना, एक आवेदन को एक विषय तक सीमित करना तथा अपील प्रक्रिया में अतिरिक्त शुल्क लगाना पारदर्शिता और जवाबदेही की भावना के विपरीत है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार ने नियम लागू करने से पहले विशेषज्ञों, सामाजिक संगठनों, वकीलों, पत्रकारों और आम नागरिकों से कोई व्यापक परामर्श नहीं किया।

इसी मांग को लेकर उन्होंने 5 जुलाई से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करने की चेतावनी दी थी।

सरकार ने फिलहाल रोका अमल, होगी समीक्षा

अन्ना हजारे के विरोध और बढ़ते राजनीतिक एवं सामाजिक दबाव के बीच महाराष्ट्र सरकार ने फिलहाल नए RTI नियमों के अमल पर रोक लगाने का निर्णय लिया है। माना जा रहा है कि सरकार अब इन नियमों की दोबारा समीक्षा करेगी और विभिन्न पक्षों से चर्चा के बाद आगे का निर्णय लिया जाएगा।


(डिस्क्लेमर: यह समाचार विभिन्न सार्वजनिक स्रोतों एवं प्राप्त जानकारी पर आधारित है।)

Nilesh Tiwari

Editor- NTN Report 📱+91 93298 23355 📧 tnilesh2711@gmail.com
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