NTN REPORT// पुणे। इंदौर के चर्चित सोनम रघुवंशी मामले की चर्चा अभी थमी भी नहीं थी कि महाराष्ट्र के पुणे जिले से एक ऐसा ही सनसनीखेज मामला सामने आया है। फर्क सिर्फ इतना है कि यहां घटना शादी के बाद नहीं, बल्कि शादी की तैयारियों के बीच हुई। 24 वर्षीय केतन अग्रवाल की लोहागढ़ किले में 350 फीट गहरी खाई में गिरकर मौत को शुरुआत में एक हादसा माना गया, लेकिन पुलिस जांच आगे बढ़ने के बाद मामला कथित हत्या की साजिश की ओर मुड़ गया है।

पुलिस की जांच में केतन की मंगेतर सिया गोयल और चेतन चौधरी नामक युवक की भूमिका संदेह के घेरे में आई है। पुलिस मोबाइल रिकॉर्ड, सोशल मीडिया गतिविधियों और अन्य डिजिटल सबूतों के आधार पर पूरे मामले की जांच कर रही है।
अगले महीने होनी थी शादी, घर में चल रही थीं तैयारियां
केतन अग्रवाल के परिवार के लिए यह समय खुशियों से भरा हुआ था। अगले महीने उनकी शादी होने वाली थी। परिवार ने जयपुर में भव्य समारोह की तैयारी की थी। एक पैलेस बुक किया गया था और मेहमानों के स्वागत से लेकर ठहरने तक की व्यवस्थाएं शुरू हो चुकी थीं।

किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि जिस घर में शादी की खुशियां आने वाली थीं, वहां अचानक मातम छा जाएगा।
मंगेतर के जन्मदिन को खास बनाने की थी तैयारी
परिवार के अनुसार केतन अपनी मंगेतर सिया गोयल के जन्मदिन को लेकर काफी उत्साहित थे। 19 जून को जन्मदिन के मौके पर खास कार्यक्रम की योजना बनाई गई थी।
बताया गया कि महाबलेश्वर के एक लग्जरी रिसॉर्ट में समारोह की तैयारी थी और करीब 40 कमरे तक बुक किए गए थे। शादी और जन्मदिन दोनों की खुशियों के बीच अचानक हुई मौत ने पूरे परिवार को झकझोर दिया।
बाली ट्रिप भी हुई थी प्लान, पासपोर्ट को लेकर उठा सवाल
परिवार के अनुसार शादी से पहले केतन और सिया की बाली यात्रा भी तय थी। टिकट और अन्य तैयारियां पूरी हो चुकी थीं, लेकिन यात्रा से पहले सिया ने कथित तौर पर पासपोर्ट खोने की बात कही, जिसके बाद ट्रिप रद्द करनी पड़ी।
जांच के दौरान पुलिस इस पहलू की भी पड़ताल कर रही है। पुलिस का दावा है कि होटल में नाश्ते के दौरान पासपोर्ट फाड़कर फेंकने जैसी बात सामने आई है, जिसकी पुष्टि की जा रही है।
लोहागढ़ किले से शुरू हुई संदिग्ध कहानी
पुलिस जांच के अनुसार 31 मई को केतन और सिया लोहागढ़ किले पर ट्रेकिंग के लिए गए थे। जांच एजेंसियों का दावा है कि इसी दौरान घटनाक्रम की शुरुआत हुई।
हालांकि पुलिस द्वारा लगाए जा रहे आरोपों की अंतिम पुष्टि अदालत की प्रक्रिया के बाद ही होगी, लेकिन जांच इसी दिशा में आगे बढ़ रही है।
14 जून को भी हुई थी कथित कोशिश
पुलिस के मुताबिक 14 जून को भी केतन को लोहागढ़ ले जाया गया था। आरोप है कि उस दिन भी उन्हें घाटी की तरफ ले जाने की कोशिश की गई।
जांच में यह भी सामने आया है कि कथित तौर पर सांप का डर दिखाकर उन्हें खाई के पास ले जाने की कोशिश की गई, लेकिन उस समय योजना सफल नहीं हो सकी और केतन सुरक्षित लौट आए।
19 जून बना मौत का दिन
19 जून को फिर से लोहागढ़ ट्रेक की योजना बनाई गई। पुलिस के अनुसार इस बार चेतन चौधरी को भी मौके पर बुलाया गया था।
आरोप है कि इसी दौरान केतन को किले से नीचे धक्का दिया गया, जिससे वह करीब 350 फीट गहरी खाई में जा गिरे और उनकी मौत हो गई।

शुरुआत में इसे ट्रेकिंग हादसा माना गया। पुलिस और परिवार को लगा कि फोटो खींचते समय या रास्ते में संतुलन बिगड़ने से यह घटना हुई होगी, लेकिन बाद की जांच ने पूरे मामले की दिशा बदल दी।
मोबाइल और डिजिटल सबूतों से बदला जांच का एंगल
पुलिस अधिकारियों के अनुसार जांच के दौरान कुछ बातें संदिग्ध लगीं। इसके बाद मोबाइल कॉल रिकॉर्ड, सोशल मीडिया गतिविधियां और अन्य डिजिटल सबूत खंगाले गए।
जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस ने इसे केवल हादसा मानने के बजाय कथित साजिश के एंगल से जांच शुरू की।
मंगेतर और युवक के रिश्ते की जांच
पुलिस को कथित तौर पर जानकारी मिली कि सिया गोयल और चेतन चौधरी के बीच संबंध थे। इसी आधार पर दोनों की भूमिका की जांच शुरू की गई।
पुलिस का आरोप है कि केतन को रास्ते की बाधा मानकर कथित साजिश रची गई। हालांकि सभी आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायालय में सुनवाई के बाद ही होगी।
परिवार के लिए सबसे बड़ा झटका
परिवार के लिए सबसे दर्दनाक बात यह रही कि जिस मौत को वे एक दुर्भाग्यपूर्ण हादसा मान रहे थे, वही अब हत्या की जांच में बदल गई।
रिश्तेदारों के अनुसार लोहागढ़ किला दोनों के लिए पहले से जाना-पहचाना स्थान था। यहां प्री-वेडिंग फोटोशूट की योजना भी बनाई गई थी। पुलिस अब पूरे घटनाक्रम की टाइमलाइन तैयार कर हर कड़ी को जोड़ने में जुटी है।
दोनों आरोपी पुलिस हिरासत में
पुणे ग्रामीण पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए चेतन चौधरी को देर रात करीब 2 बजे हिरासत में लिया। इसके बाद सुबह लगभग 7 बजे सिया गोयल को भी हिरासत में लिया गया।
फिलहाल पुलिस दोनों से पूछताछ कर रही है और पूरे मामले की तह तक पहुंचने की कोशिश जारी है।
डिस्क्लेमर: यह समाचार विभिन्न सार्वजनिक स्रोतों एवं प्राप्त जानकारी पर आधारित है।