सुशासन को तमाचा! जल संसाधन विभाग के कार्यपालन अभियंता शशांक सिंह के बिगड़े बोल, ड्राइवर को अश्लील गाली देते ऑडियो वायरल, शशांक सिंह का तुगलकी फरमान भेज दिए जाओगे दंतेवाड़ा
ड्राइवर से अश्लील गाली-गलौज का ऑडियो वायरल, विभागीय अनुशासन पर खड़े हुए गंभीर प्रश्न, शशांक सिंह ने कहा एक दो महीने के मेहमान है कलेक्टर!
NTN REPORT// छत्तीसगढ़ के जांजगीर जिले में जल संसाधन विभाग के कार्यपालन अभियंता शशांक सिंह का कथित ऑडियो वायरल होने के बाद विभागीय कार्यप्रणाली और प्रशासनिक अनुशासन पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। वायरल ऑडियो में एक कर्मचारी ड्राइवर के साथ जिस तरह की अभद्र और अश्लील भाषा का प्रयोग किया गया है, उसे लेकर कर्मचारियों और आम लोगों में भारी नाराजगी देखी जा रही है।

बताया जा रहा है कि वायरल ऑडियो में कार्यपालन अभियंता न केवल एक छोटे कर्मचारी को अपमानजनक शब्दों से संबोधित कर रहे हैं, बल्कि अन्य वरिष्ठ और समकक्ष अधिकारियों के लिए भी आपत्तिजनक भाषा का उपयोग करते सुनाई दे रहे हैं। ऑडियो सामने आने के बाद विभाग की कार्यसंस्कृति और अधिकारियों के व्यवहार को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
“सुशासन” पर उठे सवाल
प्रदेश में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सरकार लगातार सुशासन और प्रशासनिक पारदर्शिता की बात कर रही है, लेकिन इस वायरल ऑडियो ने उन दावों पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि जब एक जिम्मेदार अधिकारी ही अनुशासन और मर्यादा की सीमाएं पार करता दिखाई दे रहा है, तब छोटे कर्मचारियों के सम्मान और अधिकारों की रक्षा कैसे होगी।
जांजगीर से “मोह” और प्रभावशाली पहुंच की चर्चा
विभागीय सूत्रों के अनुसार, शशांक सिंह पूर्व में सहायक अभियंता के रूप में भी जांजगीर में पदस्थ रह चुके हैं। चर्चा यह भी है कि उनका तबादला प्रदेश के अन्य जिलों में होने के बावजूद वे लगातार जांजगीर में ही पदस्थापना बनाए रखने में सफल रहे हैं। वायरल ऑडियो में कथित रूप से दंतेवाड़ा और बस्तर जैसे क्षेत्रों में भेजने की धमकी तथा प्रशासनिक अधिकारियों के कार्यकाल को लेकर भी टिप्पणियां सुनाई देने की बात कही जा रही है।
इसी को लेकर अब यह सवाल उठ रहे हैं कि आखिर ऐसी कौन सी मजबूत पकड़ है, जिसके चलते विभागीय स्तर पर उनके खिलाफ अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी।
छोटे कर्मचारियों के सम्मान का मुद्दा
कर्मचारी संगठनों और स्थानीय लोगों का कहना है कि किसी भी अधिकारी को अपने अधीनस्थ कर्मचारियों से अमर्यादित व्यवहार करने का अधिकार नहीं है। वायरल ऑडियो में जिस तरह की भाषा सुनाई दे रही है, उसे लेकर लोगों ने इसे “मानव गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला व्यवहार” बताया है।
लोगों का कहना है कि यदि छोटे कर्मचारियों को अनुशासन का पाठ पढ़ाया जाता है, तो अधिकारियों पर भी वही नियम समान रूप से लागू होने चाहिए।
कार्रवाई की मांग तेज
वायरल ऑडियो के सामने आने के बाद अब शशांक सिंह के खिलाफ कठोर विभागीय कार्रवाई की मांग उठने लगी है। लोगों का कहना है कि यदि शासन-प्रशासन ऐसे मामलों में सख्ती नहीं दिखाता, तो इससे अन्य अधिकारियों को भी गलत संदेश जाएगा।
अब देखने वाली बात यह होगी कि जिला प्रशासन, कलेक्टर और राज्य सरकार इस पूरे मामले में क्या संज्ञान लेते हैं और क्या संबंधित अधिकारी के खिलाफ कोई विभागीय जांच या कठोर कार्रवाई की जाती है।
कलेक्टर ने अपर कलेक्टर को दिए जांच के निर्देश
कलेक्टर कार्यालय से जारी जानकारी के अनुसार सोशल मीडिया में वायरल ऑडियो की जांच के लिए अपर कलेक्टर को निर्देशित किया गया है। कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने मामले की विस्तृत जांच कर तत्काल प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन का कहना है कि जांच प्रतिवेदन प्राप्त होने के बाद नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
अस्वीकरण: NTN REPORT सोशल मीडिया में वायरल कथित ऑडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है। वायरल ऑडियो की सत्यता एवं उसमें शामिल आवाजों की प्रमाणिकता जांच का विषय है।