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भारतराज्य/शहर

NEET-UG 2026 रद्द: पेपर लीक ने तोड़े 22 लाख छात्रों के सपने, CBI जांच शुरू

NTN REPORT// नई दिल्ली, 13 मई 2026। देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 एक बार फिर गंभीर विवादों में घिर गई है। 3 मई 2026 को आयोजित परीक्षा को राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) ने कथित पेपर लीक के आरोपों के बाद रद्द कर दिया है। इस फैसले से करीब 22.79 लाख अभ्यर्थियों का भविष्य फिलहाल अधर में लटक गया है। परीक्षा रद्द होने के बाद देशभर में छात्रों और अभिभावकों में भारी नाराजगी है, जबकि केंद्र सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच CBI को सौंप दी है।

प्रतीकात्मक तस्वीर

NTA ने रद्द की परीक्षा, जल्द होगी दोबारा आयोजित

राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी ने मंगलवार को आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा कि NEET-UG 2026 दोबारा आयोजित की जाएगी। नई परीक्षा तिथि और एडमिट कार्ड से संबंधित जानकारी जल्द ही एजेंसी की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी की जाएगी।

NTA निदेशक अभिषेक सिंह ने कहा कि 7 मई को मिली शुरुआती शिकायतों और रिपोर्ट्स की गहन जांच के बाद पेपर लीक के आरोपों को गंभीर पाया गया, जिसके चलते परीक्षा रद्द करने का निर्णय लिया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि छात्रों से दोबारा परीक्षा के लिए कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा


CBI ने दर्ज की FIR, महाराष्ट्र से पहला आरोपी गिरफ्तार

शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग की लिखित शिकायत पर CBI ने FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

इस मामले में पहला बड़ा एक्शन लेते हुए महाराष्ट्र के नासिक से शुभम खैरनार नामक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। शुभम BAMS का छात्र बताया जा रहा है। जांच एजेंसियों के अनुसार, उसने कथित रूप से 10 लाख रुपये में पेपर खरीदा और 15 लाख रुपये में हरियाणा के एक व्यक्ति को बेच दिया।


टेलीग्राम के जरिए फैला पेपर, मल्टी-स्टेट नेटवर्क के संकेत

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कथित पेपर लीक की सूचना टेलीग्राम ऐप के जरिए फैलाई गई थी। जांच एजेंसियों को राजस्थान, महाराष्ट्र, हरियाणा, दिल्ली, बिहार, जम्मू-कश्मीर और केरल तक फैले एक संगठित नेटवर्क के संकेत मिले हैं।

स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने करीब 150 छात्रों और 70 अभिभावकों की सूची CBI को सौंपी है, जिन्हें कथित तौर पर लीक हुआ पेपर मिला था। इसके अलावा 13 MBBS काउंसलर्स को भी CBI के हवाले कर दिया गया है।


गुरुग्राम और राजस्थान से भी हिरासत

राजस्थान SIT और गुरुग्राम क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने गुरुग्राम से यश यादव नामक युवक को हिरासत में लिया है। हालांकि, अभी उसकी भूमिका को लेकर आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।


सीकर बना जांच का केंद्र, कोचिंग नेटवर्क पर शक

जांच एजेंसियों का सबसे ज्यादा फोकस अब राजस्थान के सीकर और जयपुर पर है। माना जा रहा है कि कोटा के बाद सीकर तेजी से नया कोचिंग हब बना है, और इसी बढ़ते नेटवर्क का दुरुपयोग पेपर लीक गिरोह ने किया।

जांच में मनीष यादव और अविनाश लांबा नाम के दो लोगों को मुख्य सरगना माना जा रहा है। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है।


₹5 हजार से ₹28 लाख तक में बिका पेपर

जांच में सामने आया है कि पेपर अलग-अलग स्तरों पर अलग-अलग कीमतों में बेचा गया—

  • शुरुआती दौर में 5 लाख रुपये प्रति कॉपी
  • परीक्षा से एक रात पहले 30 हजार रुपये
  • कुछ छात्रों से ₹28 लाख तक वसूले जाने की भी जानकारी

बताया जा रहा है कि नागौर का एक छात्र परीक्षा से चार दिन पहले सीकर पहुंचा था, जहां उसे कथित रूप से पेपर उपलब्ध कराया गया।


720 में से 600 नंबर के सवाल मिले हूबहू

राजस्थान SOG की जांच में सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ कि 720 में से लगभग 600 नंबर के सवाल परीक्षा से दो दिन पहले ही छात्रों तक पहुंच चुके थे।

जांच में पाया गया कि—

  • कथित प्रश्न बैंक में 300 से अधिक सवाल थे
  • इनमें से करीब 140 सवाल हूबहू परीक्षा में आए
  • प्रश्नों के विकल्पों का क्रम तक असली परीक्षा से मेल खा रहा था

यह प्रश्न बैंक फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी तीनों विषयों का था।


केरल-कनेक्शन भी आया सामने

सूत्रों के मुताबिक, यह कथित क्वेश्चन बैंक चूरू के एक युवक से जुड़ा है, जो फिलहाल केरल के एक मेडिकल कॉलेज में MBBS की पढ़ाई कर रहा है।

बताया जा रहा है कि उसने 1 मई को यह सामग्री सीकर में अपने एक दोस्त को भेजी, जिसके बाद यह दस्तावेज तेजी से छात्रों और काउंसलिंग नेटवर्क में फैल गया।


2024 में भी विवादों में रही थी परीक्षा

यह पहला मौका नहीं है जब NEET विवादों में आई है। 2024 की परीक्षा में भी गड़बड़ियों के आरोप लगे थे, जिसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा था। हालांकि उस समय पूरी परीक्षा रद्द नहीं हुई थी और सिर्फ प्रभावित छात्रों के लिए दोबारा परीक्षा कराई गई थी।


विपक्ष का सरकार पर हमला

परीक्षा रद्द होने के बाद विपक्ष ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला।

राहुल गांधी ने कहा—
“22 लाख छात्रों की मेहनत और सपनों को भ्रष्ट व्यवस्था ने कुचल दिया है।”

सचिन पायलट ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि
“बार-बार पेपर लीक होना शिक्षा व्यवस्था की विफलता है।”

अखिलेश यादव ने सवाल उठाया—
“क्या गारंटी है कि दोबारा परीक्षा में पेपर फिर लीक नहीं होगा?”


दिल्ली में छात्रों का प्रदर्शन, कई हिरासत में

NEET परीक्षा रद्द होने के विरोध में छात्र संगठनों NSUI और SFI ने दिल्ली में प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कई कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया।


22 लाख छात्रों के भविष्य पर सवाल

NEET-UG 2026 रद्द होने से लाखों छात्रों की महीनों की मेहनत पर पानी फिर गया है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या दोबारा परीक्षा निष्पक्ष तरीके से हो पाएगी और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी?

फिलहाल पूरे देश की नजरें CBI जांच और NTA की नई परीक्षा तिथि पर टिकी हैं।

Nilesh Tiwari

Editor- NTN Report 📱+91 93298 23355 📧 tnilesh2711@gmail.com
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