
अवैध रेत खनन के खिलाफ खड़ी हुई सरपंच, रेत माफियाओं का जानलेवा हमला
9 आरोपियों पर मामला दर्ज, प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग
NTN NEWS REPORT// जांजगीर-चांपा | बम्हनीडीह जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत खपरीडीह एवं आश्रित ग्राम अमोदी क्षेत्र में लंबे समय से चल रहे अवैध रेत खनन को लेकर स्थिति अब बेहद गंभीर होती जा रही है। रेत माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि वे अब जनप्रतिनिधियों पर खुलेआम जानलेवा हमले कर रहे हैं।
कलेक्टर को दिया गया था लिखित आवेदन : ग्राम पंचायत खपरीडी के सरपंच द्वारा जिला कलेक्टर, जांजगीर-चांपा को लिखित आवेदन देकर अवैध रेत खनन बंद कराने की मांग की गई थी। आवेदन में बताया गया था कि ग्राम पंचायत खपरीडीह एवं ग्राम अमोदी के समीप नदी किनारे धड़ल्ले से अवैध रेत उत्खनन किया जा रहा है।
रेत माफियाओं द्वारा चेन माउंटेन, जेसीबी और लोडर मशीनों का उपयोग कर भारी मात्रा में रेत निकाली जा रही है, जिसे नदी किनारे एवं आसपास की शासकीय भूमि पर अवैध रूप से डंप किया जा रहा है।
विरोध करने पर दी जा रही जान से मारने की धमकी : सरपंच एवं पंचों द्वारा जब अवैध खनन रोकने का प्रयास किया गया, तो रेत माफियाओं ने उन्हें जान से मारने की धमकी देना शुरू कर दिया। बावजूद इसके सरपंच एवं पंचायत प्रतिनिधि डटे रहे और प्रशासन से कार्रवाई की मांग करते रहे।
सुबह 9:30 बजे हुआ जानलेवा हमला : आज सुबह करीब 9:30 बजे, जब सरपंच पति एवं अन्य पंचों ने मौके पर पहुंचकर अवैध उत्खनन का विरोध किया, तब अवैध खनन में लिप्त लोगों ने जानलेवा हमला कर दिया।
घटना के बाद सरपंच ,सरपंच पति एवं पंचों द्वारा बम्हनीडीह थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई गई, जिस पर पुलिस ने 9 लोगों के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध किया है।
क्षेत्र बन सकता है अपराध का गढ़ : जिस प्रकार बामणीडी एवं आसपास के क्षेत्रों में रेत माफियाओं का वर्चस्व बढ़ता जा रहा है, उससे यह आशंका गहराती जा रही है कि आने वाले समय में यह इलाका अपराध का गढ़ बन सकता है। रेत माफिया शासन-प्रशासन को खुली चुनौती देते हुए बेखौफ होकर अवैध उत्खनन कर रहे हैं।
प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग : ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों का कहना है कि अवैध रेत खनन में उपयोग हो रही जेसीबी, लोडर और चेन माउंटेन मशीनों को तत्काल जब्त कर राजसात किया जाना चाहिए। साथ ही अवैध खनन में लिप्त माफियाओं को जेल भेजना ही एकमात्र समाधान बचा है।
लगातार और कठोर कार्रवाई से ही रेत माफियाओं का मनोबल तोड़ा जा सकता है और क्षेत्र को अपराध से बचाया जा सकता है।