
सामाजिक बदलाव की ओर बड़ा कदम: जांजगीर-चांपा पुलिस की अनोखी पहल से सबरिया व धनुहार समाज के युवा बन रहे स्वावलंबन के प्रतीक
NTN NEWS REPORT// जांजगीर। जिले में सामाजिक पुलिसिंग के तहत शुरू की गई पहल अब सकारात्मक परिणाम देने लगी है। सबरिया एवं धनुहार समाज के युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से जांजगीर-चांपा पुलिस लगातार सार्थक कार्य कर रही है। इसी क्रम में आज एक महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें युवाओं और महिलाओं को स्वरोजगार से जुड़ी उपयोगी जानकारियां प्रदान की गईं।
स्वावलंबन की दिशा में कदम – युवाओं की पुलिस अधीक्षक से सौजन्य मुलाकात
सबरिया व धनुहार समाज के युवाओं तथा मानिकपुरी समाज की महिलाओं ने पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय (IPS) से सौजन्य मुलाकात की। इस मुलाकात में समाज की आर्थिक स्थिति बेहतर बनाने हेतु विभिन्न स्वरोजगार गतिविधियों पर विस्तृत चर्चा हुई।
Maanikpuri समाज की महिलाओं ने दिए स्वरोजगार के गुर
मानिकपुरी समाज की महिलाओं ने युवा प्रतिभागियों को घरेलू उद्योगों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्रदान कीं, जिनमें शामिल हैं— साबुन निर्माण , डिटर्जेंट पावडर निर्माण , अगरबत्ती निर्माण, फिनायल निर्माण इन उत्पादों की बढ़ती मांग को देखते हुए युवाओं को घर-घर तक पहुंचने वाले सफल व्यवसाय की राह समझाई गई।
कृषि विज्ञान केंद्र में विशेष प्रशिक्षण: गेंदा, मशरूम और मत्स्य पालन की जानकारी
पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में आज सबरिया एवं धनुहार समाज के लगभग 30 युवाओं को कृषि विज्ञान केंद्र, जांजगीर में पहुंचाकर गेंदा फूल की खेती , मशरूम उत्पादन , मत्स्य पालन
से संबंधित आवश्यक परीक्षण एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल कराया गया। यह पहल न केवल युवाओं को रोजगार के नए अवसरों से जोड़ रही है, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनने की दिशा में प्रेरित भी कर रही है।
पुलिस की सोच – “आत्मनिर्भर समाज ही अपराध से दूर रहता है”
पुलिस अधीक्षक का मानना है कि जब समाज का कमजोर वर्ग आर्थिक रूप से मजबूत होता है, तो वह अवैध गतिविधियों से दूरी बना लेता है। पुलिस का यह प्रयास जिले में सामाजिक सुधार का महत्वपूर्ण उदाहरण बन रहा है।
जांजगीर-चांपा पुलिस की अपील
अवैध शराब की बिक्री एक दंडनीय अपराध है, जो समाज में कई गंभीर समस्याओं को जन्म देती है। सभी नागरिक ऐसे अपराधों की रोकथाम में पुलिस का सहयोग करें। कहीं भी अवैध शराब का निर्माण या विक्रय दिखाई दे तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।पुलिस प्रशासन को विश्वास है कि यह पहल न केवल सबरिया समाज बल्कि पूरे जिले में अपराध नियंत्रण और स्वावलंबन की दिशा में प्रभावी साबित होगी।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में लगभग 30 युवा शामिल हुए। साथ ही कोटमीसोनार पुलिस सहायता केंद्र प्रभारी ASI राजेंद्र सिंह क्षत्रिय भी मौजूद रहे।