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राजनीति

लोकसभा में महिला आरक्षण संशोधन विधेयक गिरा, प्रधानमंत्री ने विपक्ष पर साधा निशाना, देश के नाम संबोधन में कांग्रेस, डीएमके, टीएमसी और सपा पर लगाए गंभीर आरोप

NTN NEWS REPORT// नई दिल्ली। लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़ा संशोधन विधेयक पारित नहीं हो सका, जिसके बाद प्रधानमंत्री ने शनिवार को देश के नाम संबोधन में विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने विधेयक के गिरने के लिए कांग्रेस, डीएमके, टीएमसी और समाजवादी पार्टी को जिम्मेदार ठहराते हुए देश की महिलाओं से माफी मांगी और कहा कि सरकार महिला सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है तथा इस विधेयक को दोबारा लाने का संकल्प लेती है।


“विपक्ष की स्वार्थी राजनीति से रुका महिला हित का प्रस्ताव”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि यह संशोधन विधेयक तमिलनाडु से लेकर पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश से लेकर केरल तक सभी राज्यों के लिए लाभकारी था। उनके अनुसार, इससे संसद में महिलाओं की भागीदारी बढ़ती और राज्यों की सीटों में समान अनुपात में वृद्धि संभव होती।

उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष की “स्वार्थी राजनीति” के कारण यह विधेयक पारित नहीं हो सका। प्रधानमंत्री ने कहा कि जब प्रस्ताव गिरा, तब कुछ विपक्षी दलों के सदस्यों द्वारा तालियां बजाना नारी सम्मान को ठेस पहुंचाने जैसा था।


कांग्रेस पर सबसे ज्यादा हमला

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कांग्रेस को मुख्य निशाने पर रखते हुए कहा कि कांग्रेस की राजनीति “लटकाने, अटकाने और भटकाने” की रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस हर बड़े सुधार के प्रयास में बाधा डालती रही है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि महिला आरक्षण जैसे मुद्दे पर भी कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने बहाने बनाए और तकनीकी पेच खड़े कर प्रस्ताव को विफल किया। उन्होंने विपक्षी दलों को “परिवारवादी पार्टियां” बताते हुए कहा कि उन्हें डर है कि यदि महिलाएं सशक्त होंगी तो उनका वर्चस्व समाप्त हो जाएगा।


“महिलाएं अपमान नहीं भूलतीं”

प्रधानमंत्री ने कहा कि संसद में जो घटनाक्रम हुआ, उसे देश की महिलाओं ने गंभीरता से देखा है। उन्होंने कहा, महिलाएं बहुत कुछ सह सकती हैं, लेकिन अपमान को कभी नहीं भूलतीं।

प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि प्रस्ताव गिरने के बाद जिस प्रकार विपक्षी दलों ने प्रतिक्रिया दी, वह निराशाजनक था और इससे नारी गरिमा को ठेस पहुंची है।


“यह नारी शक्ति के साथ अन्याय”

प्रधानमंत्री मोदी ने कांग्रेस और उसके सहयोगियों पर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने एक ईमानदार प्रयास को विफल किया, जो नारी शक्ति के साथ अन्याय है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ऐतिहासिक रूप से महिला आरक्षण के खिलाफ रही है और हर बार इसमें रोड़े अटकाती रही है।

उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस क्षेत्रीय दलों के सहारे चल रही है और वह नहीं चाहती कि क्षेत्रीय दल मजबूत हों, इसलिए उसने इस संशोधन का विरोध किया।


परिसीमन (डी-लिमिटेशन) पर झूठ फैलाने का आरोप

प्रधानमंत्री ने परिसीमन के मुद्दे पर भी विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दल इस विषय पर भ्रम फैला रहे हैं।

उन्होंने स्पष्ट किया कि परिसीमन से न किसी राज्य की हिस्सेदारी कम होगी और न ही संसद में उनका प्रतिनिधित्व घटेगा, बल्कि सभी राज्यों की सीटें समान अनुपात में बढ़ेंगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस “बांटो और राज करो” की राजनीति कर रही है।


विपक्ष की प्रतिक्रिया

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री के संबोधन को राजनीतिक और झूठ से भरा बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने महिलाओं के मुद्दे से ज्यादा कांग्रेस पर हमला बोला।

विपक्षी दलों ने भी महिला आरक्षण और परिसीमन के मुद्दे पर सरकार के रुख पर सवाल उठाए हैं।


आगे की राह

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में दोहराया कि सरकार महिला सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है और भविष्य में इस विधेयक को फिर से लाने का प्रयास किया जाएगा।

अब राजनीतिक गलियारों में इस मुद्दे पर सियासी घमासान तेज होने के संकेत हैं, वहीं देशभर की महिलाओं की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि महिला आरक्षण से जुड़ा प्रस्ताव आगे किस रूप में और कब दोबारा संसद में आता है।

Nilesh Tiwari

Editor- NTN Report 📱+91 93298 23355 📧 tnilesh2711@gmail.com
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