
NTN NEWS REPORT// रायपुर / जगदलपुर, 4 अक्टूबर 2025। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में आयोजित बस्तर दशहरा महोत्सव को संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रसिद्ध माँ दंतेश्वरी मंदिर में दर्शन और पूजन भी किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उपमुख्यमंत्री डॉ. विजय शर्मा सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
🪔 विश्व का सबसे बड़ा सांस्कृतिक महोत्सव — बस्तर दशहरा : शाह ने कहा कि 75 दिनों तक चलने वाला बस्तर दशहरा केवल आदिवासी समाज या छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व का सबसे बड़ा सांस्कृतिक आयोजन है। उन्होंने बताया कि 14वीं शताब्दी से आरंभ हुई माँ दंतेश्वरी की रथ यात्रा ने पूरे बस्तर में सांस्कृतिक जागृति की नींव रखी।
“विकास की राह में सबसे बड़ी बाधा नक्सलवाद” गृह मंत्री ने कहा कि वर्षों तक यह भ्रांति फैलाई गई कि नक्सलवाद विकास की लड़ाई है, जबकि बस्तर के पिछड़ेपन का असली कारण नक्सलवाद ही है। उन्होंने कहा कि आज देश के हर गाँव में बिजली, सड़क, पानी, शौचालय, स्वास्थ्य बीमा और मुफ्त अनाज जैसी सुविधाएँ पहुँच चुकी हैं, लेकिन नक्सलवाद के कारण बस्तर इन सुविधाओं से वंचित रहा।
“31 मार्च 2026 तक खत्म होगा नक्सलवाद” शाह ने कहा — “मैं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी की ओर से यह भरोसा दिलाना चाहता हूँ कि 31 मार्च 2026 के बाद बस्तर के विकास और लोगों के अधिकारों को नक्सलवादी नहीं रोक पाएँगे।”
उन्होंने कहा कि बस्तर के जो युवा गुमराह होकर नक्सलवाद में शामिल हुए हैं, वे हमारे ही गाँवों के बच्चे हैं। बस्तर की जनता उन्हें समझाए कि वे हथियार छोड़कर मुख्यधारा में शामिल हों और विकास के सहभागी बनें।
सरेंडर नीति और विकास के प्रति प्रतिबद्धता : शाह ने कहा कि छत्तीसगढ़ शासन ने देश की सबसे बेहतर आत्मसमर्पण नीति बनाई है। पिछले एक महीने में ही 500 से अधिक नक्सलियों ने सरेंडर किया है। उन्होंने घोषणा की कि “जिस गाँव से नक्सलवाद पूरी तरह समाप्त होगा, वहाँ राज्य सरकार 1 करोड़ रुपये का विकास अनुदान देगी।” साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि जो कोई भी हथियार उठाकर बस्तर की शांति भंग करने का प्रयास करेगा, सशस्त्र बल, सीआरपीएफ और राज्य पुलिस मिलकर उसका करारा जवाब देंगी।

छत्तीसगढ़ को मिला 4.40 लाख करोड़ का सहयोग : गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी ने पिछले 10 वर्षों में छत्तीसगढ़ के विकास हेतु 4 लाख 40 हजार करोड़ रुपये की राशि प्रदान की है। राज्य में उद्योग, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं लघु उद्योगों के क्षेत्र में तेज़ी से प्रगति हो रही है।
🏹 बस्तर ओलंपिक और आदिवासी गौरव : शाह ने बताया कि इस बार बस्तर ओलंपिक में देशभर के आदिवासी खिलाड़ी भाग लेंगे। उन्होंने कहा कि बस्तर का खान-पान, वेशभूषा, वाद्य यंत्र, और कला संस्कृति अब पूरे विश्व में आकर्षण का केंद्र बन चुकी है। 1874 से निरंतर चल रहे मुरिया दरबार को उन्होंने “आदिवासी न्याय और जनसंवाद की वैश्विक धरोहर” बताया।
स्वदेशी को अपनाने का आह्वान : स्वदेशी मेला और स्वदेशी वॉकथॉन का उल्लेख करते हुए शाह ने कहा “यदि 140 करोड़ भारतीय स्वदेशी का संकल्प ले लें, तो भारत विश्व की सर्वोच्च आर्थिक शक्ति बन सकता है।” उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी ने हाल ही में 395 वस्तुओं पर जीएसटी में राहत दी है और दैनिक उपयोग की वस्तुओं को लगभग करमुक्त कर दिया है।
👩👩👧 महिलाओं और आदिवासियों के सम्मान की दिशा में कदम : कार्यक्रम के दौरान शाह ने बताया कि आज ‘महतारी वंदन योजना’ की 20वीं किस्त के तहत 70 लाख माताओं को 607 करोड़ रुपये वितरित किए गए हैं। साथ ही ‘मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना’ का शुभारंभ किया गया, जिसके अंतर्गत बस्तर और सरगुजा संभाग के 250 गाँव शामिल किए गए हैं।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी ने आदिवासी समाज के गौरव के लिए कई ऐतिहासिक कदम उठाए हैं —
महामहिम द्रौपदी मुर्मू को राष्ट्रपति बनाना, भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती को जनजातीय गौरव वर्ष के रूप में मनाना, और बस्तर संभाग में नक्सल पीड़ित परिवारों के लिए 15,000 से अधिक प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति देना।
🏅 बस्तर के सपूतों को पद्म सम्मान : उन्होंने बताया कि नारायणपुर के पंडी राम मंडावी व हेमचंद मांझी, तथा कांकेर के अजय कुमार मंडावी को पद्म पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है।
अमित शाह का संदेश : शाह ने कहा —“बस्तर दशहरा, बस्तर ओलंपिक, मुरिया दरबार, और स्वदेशी की भावना — ये सभी मिलकर भारत की असली आत्मा हैं। हम सबका लक्ष्य है कि 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद मुक्त, आत्मनिर्भर और गौरवशाली बस्तर का निर्माण हो।”