
क्रीड़ा भारती छत्तीसगढ़ प्रांत का द्विदिवसीय आवासीय सम्मेलन संपन्न, खेल संस्कृति और राष्ट्र निर्माण पर हुआ मंथन
खेलों के माध्यम से स्वस्थ, संस्कारित एवं संगठित समाज निर्माण का लिया संकल्प
NTN REPORT// बिलासपुर। क्रीड़ा भारती छत्तीसगढ़ प्रांत का द्विदिवसीय आवासीय सम्मेलन 6 एवं 7 जून को सिंधु भवन में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। सम्मेलन में प्रदेशभर से आए कार्यकर्ताओं ने खेल संस्कृति के संवर्धन, पारंपरिक खेलों के संरक्षण तथा राष्ट्र निर्माण में खेलों की भूमिका जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर व्यापक चिंतन एवं मंथन किया।
सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में वरिष्ठ जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता क्रीड़ा भारती के नगर अध्यक्ष ने की। मंच पर क्रीड़ा भारती के प्रांत मंत्री भी उपस्थित रहे।
विभिन्न सत्रों में खेल, संस्कृति और संगठन विस्तार पर चर्चा
दो दिवसीय सम्मेलन के दौरान कुल 9 अलग-अलग सत्र आयोजित किए गए, जिनमें खेलों के माध्यम से व्यक्तित्व विकास, सामाजिक समरसता, संगठन विस्तार तथा युवाओं को खेलों से जोड़ने के विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यकर्ताओं को पारंपरिक भारतीय खेलों के महत्व एवं संरक्षण के संबंध में जानकारी प्रदान की गई।
सम्मेलन में सह मंत्री डॉ. तारणिश गौतम, प्रांत संगठन मंत्री कौशलेंद्र पटेल, रत्नेश सिंह, आरती मिश्रा, जसविंदर बग्गा, विभाग प्रमुख हर्षा साहू, सह मंत्री छगन सोनवानी, विभाग प्रमुख अजय दीप सारंग तथा प्रदेश उपाध्यक्ष गोपेश्वर कहरा सहित अनेक पदाधिकारियों का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ।
योग और स्वस्थ जीवनशैली पर दिया गया विशेष जोर
सम्मेलन में योग अभ्यास सत्र का भी आयोजन किया गया, जिसमें प्रतिभागियों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने एवं नियमित योग के महत्व के बारे में बताया गया। कार्यकर्ताओं को समाज में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने के लिए योग को जन-जन तक पहुंचाने का संदेश दिया गया।
सभी जिलों में जिला सम्मेलन आयोजित करने का निर्णय
बैठक के दौरान संगठन विस्तार को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। प्रदेश के सभी जिलों में जिला सम्मेलन आयोजित करने तथा विकासखंड स्तर पर क्रीड़ा भारती की कार्यकारिणी गठित करने का निर्णय लिया गया। इसके साथ ही आगामी 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर अधिकाधिक योग कार्यक्रम आयोजित करने का संकल्प लिया गया।
राष्ट्रीय खेल दिवस पर खेल सप्ताह मनाने की योजना
सम्मेलन में यह भी निर्णय लिया गया कि 29 अगस्त को राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर प्रदेशभर में खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा तथा खेल सप्ताह मनाकर युवाओं को खेलों के प्रति प्रेरित किया जाएगा।
सांस्कृतिक कार्यक्रम रहा आकर्षण का केंद्र
द्विदिवसीय आयोजन के दौरान आयोजित रात्रिकालीन सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रतिभागियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने भारतीय परंपरा, संस्कृति एवं खेल भावना के समन्वय को प्रभावी रूप से प्रस्तुत किया।
कार्यकर्ताओं के अथक प्रयास से सफल हुआ आयोजन
क्रीड़ा भारती छत्तीसगढ़ के सह मंत्री एवं कार्यक्रम के शिल्पकार डॉ. तारणिश गौतम के नेतृत्व में आयोजित इस सम्मेलन को सफल बनाने में रत्नेश सिंह, रविन्द्र मिश्रा, अजय सिंह, अजय यादव, प्रमोद तिवारी, जगदीश यादव, जिला मंत्री सुधीर राजपाल, नगर मंत्री सौरभ राय, मोहन थापा, भूपेंद्र पांडेय पाठक, मोनिका पाठक, पी.जी. जय कृष्णन सहित अनेक कार्यकर्ताओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
जांजगीर-चांपा जिले की रही सक्रिय सहभागिता
सम्मेलन में जांजगीर-चांपा जिले से भी बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। प्रमुख रूप से प्रदेश उपाध्यक्ष गोपेश्वर कहरा, राजीव ठाकुर, जिलाध्यक्ष पुष्कर दिनकर, मलखंभ प्रमुख धर्मेंद्र शर्मा, अजीत गढ़वाल, अमित यादव, देवानंद गढ़वाल, पलाश चंदेल, प्रदीप राठौर, योगेश चौरसिया, संजना साहू, सोनाली, दिनेश रात्रे, सनोद कुर्रे, अमित बौद्ध, बहोरिक, अकलेश नारंग एवं गौरव कटकवार की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।
जांजगीर-नैला से पहुंचे कार्यकर्ताओं की उत्साहपूर्ण सहभागिता ने सम्मेलन को और अधिक ऊर्जावान एवं प्रेरणादायी बनाया।
नई ऊर्जा और सकारात्मक दिशा देगा सम्मेलन
“क्रीड़ा से निर्माण चरित्र का, चरित्र से निर्माण राष्ट्र का” ध्येय वाक्य को लेकर आयोजित यह सम्मेलन खेलों के माध्यम से स्वस्थ, संस्कारित एवं संगठित समाज के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा। सम्मेलन से प्राप्त निष्कर्ष एवं योजनाएं प्रदेश में खेल संस्कृति के विस्तार तथा राष्ट्र निर्माण के कार्यों को नई गति प्रदान करेंगी।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. तारणिश गौतम ने किया, जबकि अंत में प्रांत मंत्री सुमित उपाध्याय ने सभी अतिथियों, पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया।