ट्विशा शर्मा मौत मामला: दूसरे पोस्टमार्टम की मांग कोर्ट ने की खारिज, शव सुरक्षित रखने को लेकर पुलिस को दिए अहम निर्देश
NTN REPORT// भोपाल में चर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले में दूसरे पोस्टमार्टम को लेकर दायर याचिका पर कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है. कोर्ट ने AIIMS दिल्ली में दोबारा पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक विश्लेषण कराने की मांग को खारिज कर दिया. हालांकि शव को सुरक्षित रखने के मुद्दे पर अदालत ने गंभीरता दिखाते हुए पुलिस को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

कोर्ट ने क्या कहा?
भोपाल कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट कहा कि AIIMS दिल्ली में दूसरा पोस्टमार्टम कराने और मृतक के फॉरेंसिक विश्लेषण के लिए पूर्व में दिए गए निर्देश इस आदेश के साथ निरस्त किए जाते हैं. यानी अब फिलहाल दूसरे पोस्टमार्टम की अनुमति नहीं दी जाएगी.
अदालत ने यह भी कहा कि शव को संरक्षित रखने की मांग मूल आवेदन का हिस्सा थी, इसलिए इस पहलू पर आवश्यक कदम उठाना जरूरी है.
शव की स्थिति पर कोर्ट की चिंता
पुलिस रिपोर्ट के अनुसार ट्विशा शर्मा का शव वर्तमान में AIIMS भोपाल की मोर्चरी में -4 डिग्री सेल्सियस तापमान पर रखा गया है. लेकिन AIIMS भोपाल के अधिकारियों ने कोर्ट को बताया कि शव को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए -80 डिग्री सेल्सियस तापमान की आवश्यकता है.
अदालत को यह भी जानकारी दी गई कि भोपाल के अन्य संस्थानों में इतनी कम तापमान क्षमता वाली सुविधा उपलब्ध नहीं है. इसके बाद कोर्ट ने मामले को गंभीर मानते हुए आगे के निर्देश जारी किए.
SHO कटारा हिल्स को कोर्ट का निर्देश
कोर्ट ने थाना कटारा हिल्स के SHO को पत्र जारी करने के निर्देश दिए हैं. अदालत ने कहा कि पुलिस तत्काल यह जानकारी एकत्र करे कि मध्य प्रदेश के अन्य बड़े चिकित्सा संस्थानों या महानगरों के मेडिकल संस्थानों में -80 डिग्री सेल्सियस या उससे कम तापमान पर शव सुरक्षित रखने की सुविधा उपलब्ध है या नहीं.
साथ ही अदालत ने निर्देश दिया कि बिना किसी देरी के इस संबंध में विस्तृत लिखित रिपोर्ट कोर्ट में पेश की जाए.
मामले में आगे क्या?
कोर्ट के इस फैसले के बाद अब ध्यान शव को वैज्ञानिक तरीके से सुरक्षित रखने की व्यवस्था पर केंद्रित हो गया है. यदि मध्य प्रदेश के किसी अन्य मेडिकल संस्थान में अत्याधुनिक कोल्ड स्टोरेज सुविधा मिलती है, तो शव को वहां शिफ्ट किया जा सकता है.
दूसरी ओर, दूसरे पोस्टमार्टम की मांग खारिज होने के बाद मामले में आगे की कानूनी रणनीति को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है.
यह समाचार विभिन्न सार्वजनिक स्रोतों एवं प्राप्त जानकारी पर आधारित है।