
छत्तीसगढ़/बिलासपुर :- पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देश पर सिविल लाईन पुलिस द्वारा बलात्कार के आरोपी को 12 घंटे के अंदर किया गिरफ्तार किया गया है आरोपी द्वारा पीडिता का अश्लील विडियो फोटो को वायरल करने का धमकी देकर जबरदस्ती बलात्कार करता था। आरोपी के कब्जे से एक नग मोबाइल जप्त किया गया है।
आरोपी का नाम धनंजय शर्मा पिता स्व. शत्रुधन प्रसाद शर्मा उम्र 37 वर्ष साकिन डाकाचाका महामाया चौक थाना पथरिया जिला मुंगेली हाल मुकाम दीनदयाल कालोंनी मंगला थाना सिविल लाईन जिला बिलासपुर (छ.ग.) का रहने वाला है आरोपी के विरूद्ध धारा 376 (2) (एन),323506, 509 भादवि 64 (2) (एम),115 (2),351 (2), 79 बीएनएस 04 पॉक्सो एक्ट की कार्यवाही कर जेल भेज दिया गया है।
पुलिस से प्राप्त जानकारी अनुसार मामले का विवरण इस प्रकार है कि प्रकरण के प्रार्थीया थाना उपस्थित आकर लिखित आवेदन पत्र पेश कर रिपोर्ट दर्ज करायी कि धनंजय शर्मा और उनकी पत्नी निशा शर्मा इनके घर दीनदयाल कालोनी के बगल मे रहते थे है जिन्हे प्रार्थीया चाचा चाची बोलती थी और उन लोग भी प्रार्थीया को बेटी बेटी कहकर बुलाते थे और कहते थे कि हमारी बेटी नही है तुम्हे बेटी ही मानते है जिसके कारण प्रार्थीया उनके घर आना जाना करती थी उनके घर से हमारा परिवार जैसा रिश्ता था।
जनवरी 2024 को दोपहर 12 बजे करीबन प्रार्थीया अपने घर मे अकेली थी छोटी बहन बाहर खेल रही थी । प्रार्थीया के माता काम मे गए थे और भाई स्कूल गया था तभी चाचा धनंजय शर्मा घर आकर पानी पीने के बहाने प्रार्थीया के साथ जबरदस्ती नाबालिग जानते हुए गलत काम ( बलात्कार) किया और प्रार्थीया का अश्लील फोटो एवं वीडियो बना लिया और उसी दिन से लगातार उसी वीडियो एवं फोटो को वायरल करने और माता पिता को फोटो वीडियो को दिखाने के लिए धमकी देकर लगातार । जब प्रार्थीया के घर मे कोई नही रहते थे तो प्रार्थीया के घर आकर गलत काम ( बलात्कार ) करता था और अपने घर ले जाकर भी गलत काम ( बलात्कार ) करता था ।
प्रार्थीया की रिपोर्ट पर अपराध पंजीबध्द कर, सूचना तत्काल पुलिस अधीक्षक महोदय बिलासपुर राजनेश सिंह को अवगत कराया जाकर उनके निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महोदय शहर उमेश कश्यप व नगर पुलिस अधीक्षक महोदय सिविल लाइन उमेश प्रसाद गुप्ता (भा.पु.से.) के मार्गदर्शन में सिविल लाईन थाना प्रभारी निरीक्षक प्रदीप आर्य के द्वारा तत्काल आरोपी धनंजय शर्मा को घेराबंदी कर पकडा गया, जिसे माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया