तमिलनाडु में सरकार गठन पर सस्पेंस, डीएमके-एआईएडीएमके गठबंधन की अटकलों से बढ़ी हलचल!
बहुमत के आंकड़े से पीछे टीवीके, विजय ने मांगा अतिरिक्त समय
NTN NEWS REPORT// तमिलनाडु में नई सरकार के गठन को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। राज्य की राजनीति में उस समय नया मोड़ आ गया, जब डीएमके और एआईएडीएमके जैसी धुर विरोधी पार्टियों के संभावित गठबंधन की चर्चाएं शुरू हो गईं। इसी बीच टीवीके प्रमुख विजय ने बुधवार को लोकभवन पहुंचकर राज्यपाल से मुलाकात की और सरकार बनाने का दावा पेश किया।

विजय ने राज्यपाल को 112 विधायकों के समर्थन पत्र सौंपे। हालांकि राज्यपाल ने स्पष्ट किया कि सरकार गठन के लिए 118 विधायकों का समर्थन जरूरी है। इसके बाद विजय ने बहुमत साबित करने के लिए अतिरिक्त समय की मांग की है।
वीसीके की बैठक रद्द, बदले राजनीतिक समीकरण
सरकार गठन को लेकर वीसीके की भूमिका भी अहम मानी जा रही थी। वीसीके ने चुनाव डीएमके के साथ गठबंधन में लड़ा था, लेकिन चर्चाएं थीं कि सत्ता गठन के लिए पार्टी टीवीके का समर्थन कर सकती है।
इसी मुद्दे पर वीसीके की एक महत्वपूर्ण बैठक प्रस्तावित थी, लेकिन डीएमके और एआईएडीएमके के संभावित गठबंधन की अटकलों के बीच बैठक अचानक रद्द कर दी गई। इससे तमिलनाडु की राजनीति में सस्पेंस और बढ़ गया है।
वाम दलों और आईयूएमएल ने समर्थन से किया इनकार
टीवीके को सरकार बनाने के लिए अन्य दलों का समर्थन जुटाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इससे पहले टीवीके की ओर से समर्थन के लिए दिए गए न्योते को वामपंथी दलों और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) ने ठुकरा दिया था।
इन दलों के इनकार के बाद विजय के लिए बहुमत का आंकड़ा जुटाना और मुश्किल हो गया है।
एआईएडीएमके ने भी समर्थन की खबरों को किया खारिज
उधर एआईएडीएमके ने भी टीवीके को समर्थन देने की खबरों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। पार्टी नेताओं ने साफ कहा है कि टीवीके के साथ किसी तरह के समर्थन या गठबंधन पर कोई चर्चा नहीं हुई है।
हालांकि राजनीतिक गलियारों में डीएमके और एआईएडीएमके के बीच संभावित समझौते को लेकर चर्चाएं लगातार जारी हैं।
आंकड़ों का गणित बना सबसे बड़ी चुनौती
तमिलनाडु विधानसभा की कुल 234 सीटों में बहुमत के लिए 118 सीटों की आवश्यकता है। चुनाव परिणामों में टीवीके 108 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, लेकिन बहुमत से अभी भी दूर है।
विजय दो सीटों से चुनाव जीते हैं। ऐसे में एक सीट छोड़ने के बाद टीवीके की संख्या 107 रह जाएगी।
वहीं डीएमके को 59 और एआईएडीएमके को 47 सीटें मिली हैं। यदि दोनों दल साथ आते हैं तो उनकी कुल संख्या 106 होती है, जो बहुमत से 12 सीटें कम है। ऐसे में किसी भी गठबंधन सरकार के लिए छोटे दलों और निर्दलीय विधायकों का समर्थन बेहद अहम हो जाएगा।
शपथ ग्रहण पर भी बना संशय
राजनीतिक हलकों में पहले चर्चा थी कि विजय 7 मई को मुख्यमंत्री पद की शपथ ले सकते हैं। कांग्रेस की ओर से भी उन्हें समर्थन मिलने की खबरें सामने आई थीं।
लेकिन बहुमत के आंकड़े तक नहीं पहुंच पाने के कारण अब सरकार गठन पर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। इसी वजह से विजय का संभावित शपथ ग्रहण समारोह भी टल सकता है।
तमिलनाडु में बढ़ा राजनीतिक सस्पेंस
तमिलनाडु की राजनीति इस समय पूरी तरह से जोड़-तोड़ और संभावित गठबंधनों के दौर से गुजर रही है। सभी दल अपनी राजनीतिक संभावनाओं को मजबूत करने में जुटे हैं। अब सबकी नजर राज्यपाल के अगले फैसले और विभिन्न दलों की रणनीति पर टिकी हुई है, जो राज्य की अगली सरकार की तस्वीर साफ करेगी।