Advertisment
छत्तीसगढ़स्थानीय समाचार / शहर की खबरें

दोषमुक्ति पर सख्त रुख: आईजी राम गोपाल गर्ग की समीक्षा मीटिंग, विवेचना में त्रुटियों पर जताई चिंता

फरवरी 2026 के 800 से ज्यादा मामलों की समीक्षा, NDPS केस और ई-साक्ष्य पर दिए विशेष निर्देश

NTN NEWS REPORT// बिलासपुर। बिलासपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक राम गोपाल गर्ग ने दोषमुक्ति के बढ़ते मामलों को गंभीरता से लेते हुए 29 अप्रैल 2026 को रेंज स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की। यह बैठक आईजी कार्यालय के मीटिंग हॉल में हुई, जिसमें विभिन्न जिलों के अभियोजन अधिकारियों और पुलिस अधिकारियों ने भाग लिया।

बैठक में फरवरी 2026 के दौरान दोषमुक्त हुए प्रकरणों की गहन समीक्षा की गई। इस दौरान यह बात सामने आई कि विवेचना के दौरान होने वाली प्रक्रियात्मक और तकनीकी त्रुटियों के कारण अभियोजन पक्ष कमजोर पड़ता है, जिसका सीधा लाभ आरोपियों को मिलता है।


800+ मामलों की गहन समीक्षा

प्रभारी संयुक्त संचालक अभियोजन आशीष झा ने बैठक में जानकारी दी कि सत्र न्यायालय के 106 और अन्य न्यायालयों के 709 मामलों सहित कुल 800 से अधिक प्रकरणों की समीक्षा की गई। उन्होंने उन बिंदुओं को रेखांकित किया, जहां छोटी-छोटी चूकें भी आरोपियों के दोषमुक्त होने का कारण बनती हैं।


विवेचना में गुणवत्ता सुधार पर जोर

आईजी गर्ग ने स्पष्ट निर्देश दिए कि विवेचना का स्तर आधुनिक चुनौतियों के अनुरूप होना चाहिए। उन्होंने कहा कि—

  • चालान पेश करने से पहले प्रकरण का गहराई से परीक्षण किया जाए
  • जिला अभियोजन अधिकारी से विधिवत स्वीकृति ली जाए
  • अपील योग्य मामलों में समय पर न्यायालय में अपील प्रस्तुत की जाए

ई-साक्ष्य और वीडियोग्राफी को प्राथमिकता

बैठक में डिजिटल साक्ष्यों के महत्व पर विशेष जोर दिया गया। घटनास्थल की वीडियोग्राफी और ई-साक्ष्य के बेहतर संकलन के निर्देश दिए गए, ताकि अदालत में सशक्त साक्ष्य प्रस्तुत किए जा सकें।


NDPS मामलों में विशेष सतर्कता के निर्देश

नशीले पदार्थों से जुड़े मामलों (NDPS) में प्रक्रियागत शुद्धता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया। आईजी ने कहा कि इन मामलों में छोटी सी तकनीकी गलती भी आरोपी को लाभ पहुंचा सकती है, इसलिए विधि सम्मत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।


अधिकारियों को स्पष्ट संदेश

आईजी राम गोपाल गर्ग ने रेंज के सभी विवेचकों से अपील की कि वे विवेचना के दौरान होने वाली त्रुटियों को पूरी तरह समाप्त करें। उन्होंने कहा कि साक्ष्य संकलन और जांच इतनी सटीक होनी चाहिए कि न्यायिक प्रक्रिया में कोई कमी न रह जाए।


बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद

बैठक में पुलिस अधीक्षक जांजगीर निवेदिता पाल (आईपीएस), उप निदेशक अभियोजन वेद प्रकाश पटेल (रायगढ़), विवेक त्रिपाठी (कोरबा), श्याम लाल पटेल (जांजगीर), पी.के. भगत (मुंगेली), संजीव राय (पेंड्रा) सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक के अंत में आईजी ने विश्वास जताया कि इस समीक्षा से विवेचना में सुधार होगा और आने वाले समय में दोषसिद्धि (सजा) की दर में उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिलेगी।

Nilesh Tiwari

Editor- NTN Report 📱+91 93298 23355 📧 tnilesh2711@gmail.com
Back to top button
error: Content is protected !!