NTN REPORT// श्रीगंगानगर। राजस्थान के श्रीगंगानगर में नाबालिग बालिका के शारीरिक शोषण से जुड़े बेहद संवेदनशील मामले में पुलिस जांच लगातार नए खुलासे कर रही है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि शहर के तीन होटलों का इस्तेमाल कथित रूप से संगठित तरीके से इस अवैध गतिविधि के लिए किया जा रहा था। अब तक इस मामले में 19 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि एक प्रमुख आरोपी अभी भी फरार बताया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि मामले के प्रत्येक पहलू की गंभीरता से जांच की जा रही है और फरार आरोपियों की तलाश जारी है।

पुलिस के अनुसार, एक विशेष रेस्क्यू अभियान चलाकर नाबालिग पीड़िता को आरोपियों के चंगुल से सुरक्षित मुक्त कराया गया था। शुरुआती कार्रवाई तीन आरोपियों की गिरफ्तारी से शुरू हुई थी, लेकिन जांच आगे बढ़ने के साथ यह मामला एक व्यापक नेटवर्क के रूप में सामने आया। पुलिस लगातार डिजिटल साक्ष्य, सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी प्रमाणों के आधार पर आरोपियों तक पहुंच रही है।
विश्वसनीय ग्राहकों के जरिए संचालित किया जाता था पूरा नेटवर्क
जांच में सामने आया है कि होटल संचालकों और प्रबंधकों ने कथित रूप से केवल भरोसेमंद एवं स्थायी ग्राहकों के माध्यम से इस अवैध गतिविधि का संचालन किया। पुलिस के अनुसार, सोशल मीडिया समूहों के जरिए चुनिंदा लोगों से संपर्क किया जाता था और कथित रूप से वहीं पर सौदे तय किए जाते थे। इसके बाद सीमित समय के लिए होटल के कमरे उपलब्ध कराए जाते थे।
नकद लेन-देन और बिना रिकॉर्ड के चल रहा था पूरा कारोबार
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक आरोपियों ने ऑनलाइन भुगतान से पूरी तरह दूरी बनाई हुई थी। सभी लेन-देन नकद में किए जाते थे तथा होटल के विजिटर रजिस्टर में संबंधित व्यक्तियों का कोई रिकॉर्ड दर्ज नहीं किया जाता था। यही कारण है कि आर्थिक लेन-देन से जुड़े दस्तावेजी और डिजिटल साक्ष्य जुटाना जांच एजेंसियों के लिए चुनौती बना हुआ है।
तीन होटलों की भूमिका जांच के दायरे में, प्रशासन ने की कार्रवाई
जांच के दौरान शहर के तीन होटलों की भूमिका सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने संबंधित भवनों पर कार्रवाई करते हुए अवैध निर्माण के हिस्सों को ध्वस्त कराया है। वहीं पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि फरार आरोपी का अन्य होटलों से कोई संबंध था या नहीं। हालांकि इस संबंध में पुलिस ने अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
सीसीटीवी फुटेज के आधार पर एक और आरोपी गिरफ्तार
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दीपक शर्मा ने बताया कि जांच के दौरान होटल में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज के आधार पर एक और आरोपी की पहचान कर उसे गिरफ्तार किया गया। पुलिस का दावा है कि आरोपी की भूमिका जांच में सामने आने के बाद उसके खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की गई। इस गिरफ्तारी के साथ मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढ़कर 19 हो गई है।
अफवाह फैलाने वालों पर भी सख्त कार्रवाई
जिला पुलिस ने इस संवेदनशील मामले में सोशल मीडिया पर पीड़िता की पहचान उजागर करने अथवा भ्रामक एवं अपुष्ट जानकारी प्रसारित करने वालों के खिलाफ भी सख्त रुख अपनाया है। पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया है कि ऐसे मामलों में पोक्सो अधिनियम तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही भ्रामक सामग्री हटाने और संबंधित सोशल मीडिया चैनलों पर कार्रवाई की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
राष्ट्रीय महिला आयोग ने मांगी रिपोर्ट
मामले की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय महिला आयोग ने श्रीगंगानगर पुलिस से विस्तृत रिपोर्ट तलब की। इसके बाद पुलिस अधीक्षक ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोग को अब तक की जांच, पीड़िता के रेस्क्यू, गिरफ्तार आरोपियों तथा आगे की कार्रवाई की जानकारी दी।
बार एसोसिएशन ने जताया कड़ा विरोध, एसआईटी जांच की मांग
घटना के बाद स्थानीय समाज और अधिवक्ता समुदाय में भी व्यापक आक्रोश देखा जा रहा है। श्रीगंगानगर बार एसोसिएशन ने इस मामले में आरोपियों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित कर निष्पक्ष एवं व्यापक जांच कराने की मांग की है। विभिन्न सामाजिक एवं राजनीतिक संगठनों ने भी दोषियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की मांग की है।
फरार आरोपी की तलाश जारी, जांच में हो सकते हैं और खुलासे
पुलिस का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की गहन जांच जारी है। फरार आरोपी की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि उसकी गिरफ्तारी के बाद मामले से जुड़े अन्य तथ्यों का भी खुलासा हो सकता है। फिलहाल पुलिस साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है।
अस्वीकरण: नाबालिग पीड़िता की पहचान गोपनीय रखना कानूनन अनिवार्य है। इस समाचार में उपलब्ध जानकारी पुलिस एवं संबंधित अधिकारियों द्वारा सार्वजनिक रूप से साझा की गई सूचनाओं पर आधारित है। किसी भी आरोपी का दोष न्यायालय में आरोप सिद्ध होने के बाद ही अंतिम रूप से माना जाएगा।
यह समाचार विभिन्न सार्वजनिक स्रोतों एवं प्राप्त जानकारी पर आधारित है।