
वेस्ट एशिया में तनाव घटने के संकेत से बाजार में रौनक, सेंसेक्स 1186 अंक उछला; निवेशकों की संपत्ति 11 लाख करोड़ बढ़ी
NTN NEWS REPORT// मुंबई। वेस्ट एशिया में जंग के बीच तनाव कम होने की उम्मीदों और वैश्विक बाजारों में आई तेजी का असर बुधवार को भारतीय शेयर बाजार पर भी दिखा। लगातार दो सत्रों की भारी गिरावट के बाद घरेलू बाजार में जोरदार वापसी दर्ज की गई। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों प्रमुख सूचकांक मजबूत बढ़त के साथ बंद हुए।
सेंसेक्स-निफ्टी में दमदार उछाल
बाजार बंद होने पर बीएसई सेंसेक्स 1186.77 अंक यानी 1.65 प्रतिशत की तेजी के साथ 73,134.32 पर बंद हुआ। वहीं, एनएसई निफ्टी 348 अंक यानी 1.56 प्रतिशत चढ़कर 22,679.40 के स्तर पर पहुंच गया।
इस तेजी से निवेशकों की संपत्ति में करीब 11 लाख करोड़ रुपये का इजाफा हुआ। बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण पिछले सत्र के 411 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 422 लाख करोड़ रुपये हो गया।
इन शेयरों में रही सबसे ज्यादा तेजी
सेंसेक्स के टॉप-30 शेयरों में ट्रेंट सबसे अधिक लाभ में रहा। कंपनी का शेयर 6.74 प्रतिशत की तेजी के साथ 3516.75 रुपये पर पहुंच गया।

इंटरग्लोब एविएशन (इंडिगो) में 6.22 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। इसके अलावा अडानी पोर्ट्स में 5.47 प्रतिशत, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स (बीईएल) में 4.54 प्रतिशत, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) में 3.89 प्रतिशत और इटरनल में 3.34 प्रतिशत की तेजी रही।
वहीं, सन फार्मा, एनटीपीसी और पावर ग्रिड के शेयरों में 1.64 प्रतिशत तक की गिरावट देखी गई। रिलायंस इंडस्ट्रीज, एसबीआई, एचडीएफसी बैंक, एलएंडटी और एक्सिस बैंक ने सेंसेक्स की बढ़त में अहम योगदान दिया।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों का बेहतर प्रदर्शन
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के रिसर्च हेड विनोद नायर के अनुसार, व्यापक खरीदारी ने बेंचमार्क इंडेक्स को सहारा दिया। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों ने लार्जकैप की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया।
उन्होंने कहा कि रुपये की स्थिरता और कच्चे तेल की नरम कीमतों ने बाजार को मजबूती दी। बैंकिंग, केमिकल्स, मेटल्स और रियल्टी सेक्टर सत्र के प्रमुख प्रदर्शनकर्ता रहे। हालांकि बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और इंट्राडे उतार-चढ़ाव के कारण बढ़त सीमित रही।
सभी प्रमुख सेक्टर हरे निशान में बंद
सत्र के अंत में सभी प्रमुख सेक्टर सकारात्मक दायरे में बंद हुए। बीएसई पीएसयू बैंक सूचकांक 3.66 प्रतिशत बढ़कर 4,583.75 पर बंद हुआ। वहीं, बीएसई आईटी सूचकांक 2.40 प्रतिशत की तेजी के साथ 28,596.85 पर पहुंच गया।
विश्लेषकों का मानना है कि सकारात्मक माहौल के बावजूद बाजार भू-राजनीतिक परिस्थितियों में अचानक बदलाव के प्रति संवेदनशील बना रह सकता है।