
गोगामुख से पीएम मोदी का चुनावी शंखनाद: कांग्रेस पर तीखा हमला, ‘बाढ़ मुक्त असम’ से लेकर मुफ्त शिक्षा तक कई बड़ी गारंटियां
NTN NEWS REPORT// गोगामुख/डिब्रूगढ़, असम।
असम विधानसभा चुनाव के मद्देनजर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गोगामुख में अपनी पहली जनसभा को संबोधित करते हुए चुनावी अभियान का औपचारिक आगाज किया। जनसभा में उमड़ी भारी भीड़ के बीच प्रधानमंत्री ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला और राज्य के विकास, सांस्कृतिक पहचान और किसानों-आदिवासियों के अधिकारों की रक्षा को लेकर कई बड़ी घोषणाएं कीं।
‘कांग्रेस विदेशियों को बसाना चाहती है’

प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस असम में विदेशियों को बसाना चाहती है और यहां की मूल संतानों को अल्पसंख्यक बनाना चाहती है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि बीजेपी-एनडीए सरकार किसानों, आदिवासियों और जंगलों की जमीन पर घुसपैठियों का कब्जा कभी नहीं होने देगी। अवैध कब्जों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी और असम की पहचान की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी।
तीसरी बार सरकार बनने का दावा
रैली में मौजूद युवाओं और महिलाओं के उत्साह का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यह जोश साफ संकेत दे रहा है कि असम में तीसरी बार बीजेपी की सरकार बनने जा रही है। उन्होंने कहा कि जनता के प्यार की वजह से ही उन्हें लगातार तीन बार देश की सेवा का अवसर मिला है।
पिछले दस वर्षों के कामकाज को गिनाते हुए उन्होंने कहा कि सर्वानंद सोनोवाल और हिमंता विश्व शर्मा के नेतृत्व में असम ने विकास का नया दौर देखा है। उनके मुताबिक यह चुनाव सिर्फ असम के लिए नहीं, बल्कि पूरे भारत को विकसित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
सांप्रदायिक हिंसा विधेयक का जिक्र
प्रधानमंत्री ने कहा कि 2014 से पहले केंद्र सरकार सांप्रदायिक हिंसा विधेयक लाने की तैयारी कर रही थी, जिसमें बहुसंख्यक और अल्पसंख्यक समुदायों से जुड़े विशेष प्रावधान थे। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस अब असम में भी इसी तरह का कानून लाने की बात कर रही है।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जहां बीजेपी की जीत तय है, वहीं कांग्रेस की हार की हैट्रिक भी पक्की है। कांग्रेस के “स्वघोषित राजकुमार” पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि वह लगातार चुनाव हार रहे हैं और इस बार उनकी हार की सेंचुरी लगने वाली है।
‘हिंसा से विकास तक का सफर’
प्रधानमंत्री ने कहा कि पहले असम से हिंसा की खबरें आती थीं, लेकिन आज राज्य विकास और प्रगति की मिसाल बन रहा है। उन्होंने कांग्रेस की परिवारवादी राजनीति पर हमला करते हुए कहा कि कांग्रेस के लिए हमेशा सत्ता और परिवार ही सर्वोपरि रहा है, चाहे वह दिल्ली का परिवार हो या असम का।
मेडिकल कॉलेज और शिक्षा पर फोकस
प्रधानमंत्री ने आंकड़े पेश करते हुए कहा कि बीते 6-7 दशकों में असम में केवल 6 मेडिकल कॉलेज बने थे, जबकि वर्तमान में 14 मेडिकल कॉलेज कार्यरत हैं और 10 नए कॉलेजों पर तेजी से काम चल रहा है।
उन्होंने गरीब परिवारों के बच्चों के लिए केजी से पीजी तक मुफ्त शिक्षा देने का वादा किया।
आवास, महिलाओं और किसानों के लिए घोषणाएं
प्रधानमंत्री ने बताया कि अब तक 22 लाख से अधिक परिवारों को पक्का घर दिया जा चुका है और आगामी समय में 15 लाख और परिवारों को पक्की छत देने का लक्ष्य है।
महिलाओं के लिए ‘लखपति दीदी’ अभियान का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि असम की 3 लाख महिलाएं लखपति बन चुकी हैं और लक्ष्य इसे 40 लाख तक पहुंचाने का है।
किसानों के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत 11 लाख किसानों को 730 करोड़ रुपये से अधिक का दावा भुगतान किया जा चुका है।
‘बाढ़ मुक्त असम मिशन’ की घोषणा
असम की सबसे बड़ी समस्या बाढ़ को बताते हुए प्रधानमंत्री ने ‘बाढ़ मुक्त असम मिशन’ का जिक्र किया। इस मिशन के लिए 18,000 करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किया गया है, ताकि स्थायी समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाए जा सकें।
यूनिफॉर्म सिविल कोड और सांस्कृतिक संरक्षण
प्रधानमंत्री ने कहा कि असम में समान नागरिक संहिता लागू करना और आदिवासी समाज की परंपराओं को सुरक्षित रखना उनकी सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
डिब्रूगढ़ के चाय बागान में महिलाओं से मुलाकात
गोगामुख की रैली से पहले प्रधानमंत्री डिब्रूगढ़ के एक चाय बागान पहुंचे। वहां उन्होंने चाय बागान में काम करने वाली महिलाओं से बातचीत की और उनके साथ चाय की पत्तियां भी तोड़ीं।
प्रधानमंत्री ने इस मुलाकात की तस्वीरें अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा करते हुए लिखा कि काम के बाद महिलाओं ने अपनी संस्कृति के बारे में चर्चा की और उनके साथ तस्वीरें भी खिंचवाईं।
असम विधानसभा चुनाव से पहले प्रधानमंत्री की यह रैली राजनीतिक दृष्टि से बेहद अहम मानी जा रही है, जिसमें विकास, पहचान और कल्याणकारी योजनाओं को प्रमुख मुद्दा बनाया गया।