
रोहित शर्मा का ‘DRS माइंड गेम’: कुलदीप को चकमा, दिल्ली ने गंवाया रिव्यू; DC ने 11 गेंद शेष रहते जीता मैच
NTN NEWS REPORT। टीम इंडिया के पूर्व कप्तान रोहित शर्मा ने एक बार फिर साबित कर दिया कि क्रिकेट केवल ताकत का नहीं, बल्कि तेज दिमाग का भी खेल है। 4 अप्रैल (शनिवार) को अरुण जेटली स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में मुंबई इंडियंस (MI) की ओर से बल्लेबाजी करते हुए रोहित ने 26 गेंदों में 35 रन बनाए। हालांकि उनकी पारी से ज्यादा चर्चा एक चतुर DRS (निर्णय समीक्षा प्रणाली) मोमेंट की रही।
9वें ओवर में ‘माइंड गेम’ की शुरुआत
मुंबई की पारी के 9वें ओवर में कुलदीप यादव की पांचवीं गेंद पर रोहित ने स्वीप शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन गेंद बल्ले से काफी दूर रही। इसके बावजूद दिल्ली कैपिटल्स की ओर से जोरदार अपील हुई। इसी दौरान रोहित शर्मा ऐसे चलते नजर आए जैसे वह आउट हो गए हों।

उनकी बॉडी लैंग्वेज ने गेंदबाज कुलदीप यादव और दिल्ली कैपिटल्स के खिलाड़ियों को भ्रमित कर दिया। दिल्ली ने तुरंत DRS ले लिया, लेकिन रिप्ले में साफ हो गया कि गेंद बल्ले के पास भी नहीं थी। इस तरह दिल्ली कैपिटल्स ने अपना एक अहम रिव्यू गंवा दिया, जबकि रोहित सुरक्षित रहे।
रोहित बोले – “कुलदीप को DRS लेना पसंद है”
मिड-इनिंग ब्रेक के दौरान रोहित शर्मा ने इस घटना पर मुस्कुराते हुए कहा,
“मैं कुलदीप को अच्छी तरह जानता हूं। उसे DRS लेना पसंद है, इसलिए मैं थोड़ी किस्मत आजमा रहा था। हालांकि मैं अगले ही ओवर में आउट हो गया। मैं खेल को अंत तक ले जाना चाहता था, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया। फिर भी वहां साथियों के साथ थोड़ी मस्ती हुई।”
रवि शास्त्री ने की तारीफ
टीम इंडिया के पूर्व कोच रवि शास्त्री ने कमेंट्री के दौरान रोहित की चालाकी की सराहना की। उन्होंने कहा,
“रोहित शर्मा ने उन्हें फंसा दिया। यह शानदार क्रिकेटिंग दिमाग का उदाहरण है।”
मैच का हाल
टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए मुंबई इंडियंस ने 20 ओवर में 6 विकेट पर 162 रन बनाए। टीम की ओर से कप्तान सूर्यकुमार यादव ने सर्वाधिक 51 रन बनाए।
जवाब में दिल्ली कैपिटल्स ने लक्ष्य को 11 गेंद शेष रहते हासिल कर लिया। समीर रिजवी ने मैच जिताऊ 90 रनों की शानदार पारी खेली और टीम को जीत दिलाई।
इस मुकाबले में भले ही मुंबई इंडियंस को हार का सामना करना पड़ा, लेकिन रोहित शर्मा का ‘DRS माइंड गेम’ लंबे समय तक चर्चा में रहेगा। क्रिकेट के मैदान पर अनुभव और समझदारी किस तरह खेल का रुख बदल सकती है, इसका यह बेहतरीन उदाहरण रहा।