आसनसोल में पीएम मोदी का तीखा हमला: ‘4 मई के बाद बंगाल में कानून का राज’, टीएमसी पर भ्रष्टाचार और घुसपैठ को लेकर साधा निशाना
NTN NEWS REPORT// आसनसोल (पश्चिम बंगाल)। प्रधानमंत्री ने गुरुवार को पश्चिम बंगाल के आसनसोल में चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए राज्य की कानून-व्यवस्था, भ्रष्टाचार और घुसपैठ के मुद्दे पर टीएमसी सरकार पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा कि “4 मई के बाद बंगाल में कानून का राज स्थापित होगा। हर तरह की गुंडागर्दी का हिसाब लिया जाएगा, एक-एक करके जवाबदेही तय होगी।”
उनके इस बयान को राज्य में कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर सीधा राजनीतिक हमला माना जा रहा है।

बंगाल के लिए छह गारंटी का ऐलान
पीएम मोदी ने दावा किया कि भाजपा की सरकार बनने के बाद राज्य की हर समस्या का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। उन्होंने मंच से बंगाल के लिए छह गारंटी भी गिनाईं—
- डर का माहौल खत्म कर विश्वास का वातावरण बनाया जाएगा और कानून के शासन में जनता का भरोसा बहाल किया जाएगा।
- प्रशासनिक व्यवस्था को जवाबदेह बनाया जाएगा।
- हर घोटाले, हर भ्रष्टाचार और हर अन्याय की जांच कराई जाएगी।
- टीएमसी शासन में भ्रष्टाचार में शामिल लोगों को जेल भेजा जाएगा।
- शरणार्थियों को संविधान के तहत सभी अधिकार दिए जाएंगे, जबकि अवैध घुसपैठियों को बाहर किया जाएगा।
- भाजपा सरकार बनते ही 7वां वेतन आयोग लागू किया जाएगा।
उन्होंने दोहराया कि 4 मई के बाद राज्य में कानून का सख्ती से पालन होगा और “गुंडागर्दी का अंत” किया जाएगा।
आरजी कर और संदेशखाली का जिक्र
प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में हाल के चर्चित मामलों का उल्लेख करते हुए राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि आरजी कर जैसे घटनाक्रम और संदेशखाली की घटना यह दिखाती है कि राज्य सरकार दुष्कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने में विफल रही है।
उन्होंने दावा किया कि इन घटनाओं के कारण राज्य में महिलाओं के बीच असुरक्षा की भावना बढ़ी है और एसिड अटैक जैसे मामलों में भी इजाफा हुआ है।
घुसपैठ और जनसांख्यिकी बदलाव का मुद्दा
पीएम मोदी ने घुसपैठ को बंगाल की “सबसे बड़ी समस्या” बताते हुए कहा कि अवैध घुसपैठिए जमीनों पर कब्जा कर रहे हैं और इससे राज्य की जनसांख्यिकी प्रभावित हो रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ क्षेत्रों में लोगों को पूजा की अनुमति नहीं दी जाती और दुर्गा पूजा जैसे धार्मिक आयोजनों में भी बाधाएं डाली जाती हैं। इसके लिए उन्होंने टीएमसी सरकार को जिम्मेदार ठहराया।
‘सबका साथ, सबका विकास’ के साथ नया नारा
अपने भाषण के अंत में प्रधानमंत्री ने कहा, “आपने मेरे मुंह से ‘सबका साथ, सबका विकास’ सुना है। आज मैं बंगाल के लिए यह गारंटी देता हूं—‘सबका साथ, सबका विकास’, सिवाय उन लोगों के जिन्होंने बंगाल को लूटा है।”
उन्होंने जोड़ा, “लुटेरों का होगा हिसाब और विनाश।”
पीएम मोदी का यह भाषण स्पष्ट रूप से कानून-व्यवस्था, महिला सुरक्षा, भ्रष्टाचार और घुसपैठ जैसे मुद्दों पर केंद्रित रहा। आगामी चरणों के मतदान से पहले इसे राज्य की सियासत में एक अहम बयान के तौर पर देखा जा रहा है।