
NTN REPORT// सक्ती। एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) बिलासपुर की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जिला सक्ती में जनपद पंचायत सक्ती के सीईओ, उनके सहयोगी बाबू और एक भृत्य को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। तीनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है।
जानकारी के अनुसार प्रार्थी श्री अरुण भारद्वाज द्वारा एंटी करप्शन ब्यूरो बिलासपुर में शिकायत दर्ज कराई गई थी कि उनकी माता ग्राम लिमतरा, जिला सक्ती की सरपंच हैं। प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के तहत पंचायत में निर्मल घाट एवं नाली निर्माण सहित अन्य कार्यों के लिए कुल 20 लाख रुपये स्वीकृत हुए थे।
स्वीकृत राशि में से 8 लाख रुपये का चेक जनपद पंचायत सक्ती से जारी हो चुका था। शेष 12 लाख रुपये की राशि का चेक जारी कराने के लिए प्रार्थी की माता द्वारा जनपद पंचायत सक्ती में आगे की प्रक्रिया पूरी कराने का प्रयास किया जा रहा था।
आरोप है कि शेष राशि का चेक जारी करने के एवज में जनपद पंचायत सक्ती के सीईओ और उनके बाबू द्वारा प्रार्थी से 2 लाख रुपये कमीशन के रूप में रिश्वत की मांग की गई थी।
प्रार्थी रिश्वत देना नहीं चाहता था, बल्कि आरोपियों को रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़वाना चाहता था। शिकायत के सत्यापन के दौरान यह भी सामने आया कि आरोपी बाबू अविनाश ठाकुर द्वारा अपने कार्यालय के भृत्य के माध्यम से पहले ही 1 लाख रुपये की रिश्वत राशि ले ली गई थी।
एसीबी बिलासपुर ने शिकायत के आधार पर ट्रैप की योजना बनाई। 15 जून 2026 को आयोजित ट्रैप कार्रवाई के दौरान प्रार्थी से शेष 1 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए जनपद पंचायत सक्ती के सीईओ निखिल कश्यप, सहयोगी बाबू अविनाश ठाकुर एवं भृत्य लच्छन भानु को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया गया।
तीनों आरोपियों के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित अधिनियम 2018) की धाराओं के तहत अग्रिम कार्रवाई की जा रही है।
यह समाचार विभिन्न सार्वजनिक स्रोतों एवं प्राप्त जानकारी पर आधारित है।