
विधानसभा मामले में लापरवाही पर CMHO को नोटिस जांजगीर-चांपा की प्रभारी CMHO से स्वास्थ्य संचालनालय ने मांगा जवाब, दो दिन में स्पष्टीकरण देने के निर्देश
NTN NEWS REPORT// जांजगीर-चांपा। जिले की प्रभारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. अनीता श्रीवास्तव एक बार फिर प्रशासनिक कारणों से चर्चा में आ गई हैं। इस बार स्वास्थ्य सेवाएं संचालनालय, रायपुर ने विधानसभा से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में समय पर जानकारी उपलब्ध नहीं कराने को लेकर उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया है। संचालनालय द्वारा जारी पत्र क्रमांक 488 दिनांक 05 मार्च 2026 में दो दिनों के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
विधानसभा की ध्यानाकर्षण सूचना पर नहीं दी गई जानकारी : स्वास्थ्य सेवाएं संचालनालय द्वारा जारी पत्र के अनुसार विधानसभा सचिवालय की ध्यानाकर्षण सूचना क्रमांक 56 दिनांक 25 फरवरी 2026 की कार्यसूची में शामिल थी, जिस पर सदन में चर्चा प्रस्तावित थी। ऐसे मामलों में संबंधित विभाग से समय पर तथ्यात्मक जानकारी उपलब्ध कराना आवश्यक होता है।
लेकिन आरोप है कि प्रभारी CMHO द्वारा निर्धारित समय पर आवश्यक जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई, जिसके कारण विभाग को विधानसभा के लिए सटीक विभागीय टीप तैयार करने में कठिनाई का सामना करना पड़ा।
शासन ने माना कर्तव्य के प्रति लापरवाही : पत्र में स्पष्ट कहा गया है कि विधानसभा जैसे महत्वपूर्ण शासकीय कार्य के प्रति अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई गई। इसे शासकीय कार्यों के प्रति लापरवाही माना गया है, जो कि स्वीकार्य नहीं है।
सिविल सेवा आचरण नियम के उल्लंघन का आरोप : नोटिस में यह भी उल्लेख किया गया है कि अपने पद के दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही बरतते हुए छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम-03 के उप नियमों का उल्लंघन किया गया है। इसी आधार पर कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।
प्रशासनिक क्षमता पर उठने लगे सवाल : लगातार सामने आ रही घटनाओं के बाद प्रभारी CMHO की प्रशासनिक क्षमता को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। स्वास्थ्य विभाग से जुड़े सूत्रों का कहना है कि जिले जैसे बड़े प्रशासनिक दायित्व को संभालने के लिए नियमों और प्रक्रियाओं की गहरी समझ जरूरी होती है, लेकिन हाल की घटनाओं से प्रशासनिक अनुभव की कमी झलकती नजर आ रही है।
पीली बत्ती विवाद भी बना चर्चा का विषय : गौरतलब है कि हाल ही में प्रभारी CMHO अपने शासकीय वाहन में नियमों के विरुद्ध पीली बत्ती का उपयोग करते हुए भी नजर आई थीं। इस मामले की खबर प्रकाशित होने के बाद वाहन से पीली बत्ती को हटा लिया गया था। यह मामला भी विभागीय नियमों की जानकारी और प्रशासनिक समझ को लेकर सवाल खड़े कर रहा है।
दो दिनों में देना होगा जवाब : स्वास्थ्य सेवाएं संचालनालय ने नोटिस में निर्देश दिया है कि पत्र प्राप्ति के दो दिनों के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत किया जाए। साथ ही यह भी कहा गया है कि निर्धारित समय में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने की स्थिति में नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
CMHO से संपर्क का प्रयास, नहीं मिला जवाब : इस पूरे मामले में प्रभारी CMHO डॉ. अनीता श्रीवास्तव का पक्ष जानने के लिए फोन के माध्यम से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया। उनका पक्ष सामने आने के बाद ही मामले की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
बड़े जिले की जिम्मेदारी निभा पाएंगी या नहीं, इस पर नजर
लगातार सामने आ रहे मामलों के बाद अब यह चर्चा भी तेज हो गई है कि क्या प्रभारी CMHO जांजगीर-चांपा जैसे बड़े जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था को प्रभावी ढंग से संभाल पाएंगी या नहीं। आने वाले समय में उनके जवाब और विभागीय कार्रवाई के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं द्वारा जारी पत्र…
