राज्यसभा में जोरदार हंगामा: बीजेपी सांसद के बयान पर गूंजे ‘कांग्रेस के दफ्तर में’ के नारे, कांग्रेस ने किया पलटवार!
NTN REPORT// 07.08.26, नई दिल्ली। संसद के उच्च सदन राज्यसभा में गुरुवार को उस समय जोरदार हंगामा देखने को मिला, जब महाराष्ट्र से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के राज्यसभा सांसद डॉ. अनिल सुखदेवराव बोंडे के भाषण के दौरान सत्ता पक्ष के सांसदों ने कांग्रेस के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। इस घटनाक्रम के बाद सदन का माहौल कुछ देर के लिए काफी गर्म हो गया।

बीजेपी सांसद ने उठाए सवाल, सत्ता पक्ष ने लगाए नारे
सदन में चर्चा के दौरान डॉ. अनिल बोंडे ने वर्ष 2014 से पहले के राजनीतिक माहौल का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय लोग यह कहते थे कि “कोयला चोर, भ्रष्टाचारी और आतंकवादी कहां मिलेंगे?”
जैसे ही उन्होंने यह सवाल पूछा, सत्ता पक्ष की ओर से कई सांसदों ने एक स्वर में जवाब दिया, “कांग्रेस के दफ्तर में।”
इसके बाद बोंडे ने आगे कहा, “देशद्रोही कहां मिलेंगे? सैन्य विरोधी कहां मिलेंगे? किसान विरोधी कहां मिलेंगे?” इन सवालों पर भी सत्ता पक्ष के सांसदों ने फिर वही नारा दोहराया—“कांग्रेस के दफ्तर में।”
उपसभापति हरिवंश ने किया हस्तक्षेप
सदन में लगातार हो रही नारेबाजी और बढ़ते शोर-शराबे को देखते हुए राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने तत्काल हस्तक्षेप किया। उन्होंने डॉ. अनिल बोंडे को विषय पर ही अपनी बात रखने की हिदायत देते हुए कहा कि वे मुद्दे से न भटकें और केवल वही बातें रिकॉर्ड का हिस्सा बनेंगी जो सदन की कार्यवाही के अनुरूप होंगी।
कांग्रेस का पलटवार
बीजेपी सांसदों की ओर से लगाए गए नारों पर कांग्रेस ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी। कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा कि यदि बीजेपी सांसदों का आरोप सही है तो सरकार को यह बताना चाहिए कि वर्ष 2014 के बाद कांग्रेस कार्यालयों से कितने आतंकवादियों को गिरफ्तार किया गया।
उन्होंने कहा,
“अगर आपकी सरकार के अनुसार कांग्रेस कार्यालय में आतंकवादी थे, तो 2014 के बाद आपने वहां से कितने लोगों को गिरफ्तार किया? यदि कोई गिरफ्तारी नहीं हुई, तो यह आपकी सरकार की विफलता है। यह केवल असली मुद्दों से ध्यान भटकाने का प्रयास है।”
राजनीतिक बयानबाजी से गरमाया सदन
इस घटनाक्रम के बाद राज्यसभा में कुछ समय तक माहौल तनावपूर्ण बना रहा। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। हालांकि, पीठासीन अधिकारी के हस्तक्षेप के बाद सदन की कार्यवाही आगे बढ़ाई गई।
अस्वीकरण: यह समाचार संसद की कार्यवाही के दौरान विभिन्न नेताओं द्वारा दिए गए सार्वजनिक बयानों और उपलब्ध जानकारी पर आधारित है। लगाए गए आरोप एवं राजनीतिक टिप्पणियां संबंधित वक्ताओं के अपने बयान हैं। इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है।
यह समाचार विभिन्न सार्वजनिक स्रोतों एवं प्राप्त जानकारी पर आधारित है।