
उधारी, जलन और कारोबार की दुश्मनी बनी मौत की वजह: करही गोलीकांड में पुलिस का बड़ा खुलासा
करही गोलीकांड: 7 राज्यों तक चली जांच के बाद पुलिस के हत्थे चढ़े आरोपी, हत्या की वजह सुनकर चौंके लोग
NTN REPORT// जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले के थाना बिर्रा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम करही में हुए चर्चित गोलीकांड मामले में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। लगभग एक माह तक चली गहन जांच और विशेष अभियान “ऑपरेशन हंट” के तहत पुलिस ने अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाते हुए 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार हत्या के पीछे आर्थिक विवाद, व्यवसायिक प्रतिस्पर्धा और आपसी द्वेष मुख्य वजह रही। 
उधारी विवाद और जलन बनी हत्या की वजह
पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मृतक आयुष कश्यप और आरोपियों के बीच लंबे समय से आर्थिक लेन-देन को लेकर विवाद चल रहा था। पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपी मृतक की बढ़ती आर्थिक स्थिति, प्रभाव और व्यवसायिक प्रगति से जलन रखते थे। इसी प्रतिशोध और द्वेष की भावना में हत्या की साजिश रची गई।
घटना में प्रयुक्त हथियार और बाइक बरामद
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त सामग्री बरामद की है, जिनमें शामिल हैं—
- एक पिस्टल और मैगजीन
- एक अतिरिक्त खाली मैगजीन
- घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों को हथियार कहां से उपलब्ध कराया गया।
गिरफ्तार आरोपी
पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है—
- हेमंत कुमार बघेल (23 वर्ष), निवासी वार्ड क्रमांक 11, करही, थाना बिर्रा, जिला सक्ती
- भूषण बघेल (23 वर्ष), निवासी वार्ड क्रमांक 01, करही, थाना बिर्रा, जिला सक्ती
- अमित टंडन (28 वर्ष), निवासी वार्ड क्रमांक 09, करही, थाना बिर्रा, जिला सक्ती
क्या था पूरा मामला
23-24 अप्रैल 2026 की दरम्यानी रात ग्राम करही में तीन नकाबपोश बदमाश घर में घुस गए थे। आरोपियों ने आयुष कश्यप पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर उसकी हत्या कर दी थी। बीच-बचाव करने आए उसके छोटे भाई को भी गोली मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया गया था।
घटना की सूचना मिलते ही तत्कालीन प्रभारी पुलिस अधीक्षक निवेदिता पाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उमेश कुमार कश्यप, डॉग स्क्वॉड और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए बिलासपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक रामगोपाल गर्ग स्वयं घटनास्थल पहुंचे और त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।
7 राज्यों तक पहुंची जांच
मामले की तह तक पहुंचने के लिए पुलिस टीमों ने गुजरात, तमिलनाडु, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, ओडिशा, दिल्ली और जम्मू-कश्मीर तक दबिश दी। जांच के दौरान—
- 200 से अधिक CCTV फुटेज खंगाले गए
- तकनीकी और साइबर साक्ष्य जुटाए गए
- संदिग्धों से लगातार पूछताछ की गई
- साइबर और आसूचना टीम लगातार सक्रिय रही
जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि आरोपी भूषण बघेल के पास पहले भी अवैध हथियार देखा गया था। इसके बाद पुलिस ने संदेह के आधार पर आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ की, जिसमें उन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
वारदात को ऐसे दिया अंजाम
पुलिस के मुताबिक घटना की रात तीनों आरोपी पहले से मृतक के घर के आसपास मौजूद थे। उनके अन्य सहयोगियों ने पहले CCTV कैमरे तोड़े। इसके बाद आरोपी घर में घुसे और मृतक के पिता के कमरे को बाहर से बंद कर दिया।
इसके बाद आरोपियों ने आयुष कश्यप के कमरे में घुसकर उस पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं। बीच-बचाव करने आए छोटे भाई को भी गोली मार दी गई। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए।
मुख्य साजिशकर्ता अब भी फरार
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली है, लेकिन मामले का मुख्य साजिशकर्ता अभी फरार है। उसकी तलाश लगातार जारी है और पुलिस का दावा है कि उसे भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय ने बताया कि आरोपियों को हथियार उपलब्ध कराने वाले व्यक्ति की भी पहचान की जा रही है और जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
पुलिस टीम को मिलेगा पुरस्कार
इस जघन्य हत्याकांड के खुलासे में पुलिस महानिरीक्षक रामगोपाल गर्ग के मार्गदर्शन तथा पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय, प्रभारी पुलिस अधीक्षक निवेदिता पाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उमेश कुमार कश्यप और उदयन बेहार के नेतृत्व में जिले के राजपत्रित अधिकारियों, साइबर थाना जांजगीर, थाना बिर्रा, बम्हनीडीह, मुलमुला रेंज साइबर सेल और जिला पुलिस बल की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
मामले के खुलासे पर पुलिस महानिरीक्षक ने पूरी टीम को शाबाशी देते हुए उचित इनाम देने की घोषणा की है।