बिहार में सत्ता परिवर्तन अंतिम चरण में: मंगलवार को विधायक दल की बैठक में नए मुख्यमंत्री के नाम पर लगेगी मुहर
NTN NEWS REPORT// पटना। बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव सामने आने वाला है। राज्य में सत्ता परिवर्तन की प्रक्रिया अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। सत्तारूढ़ एनडीए ने मंगलवार को विधायक दल की महत्वपूर्ण बैठक बुलाने का निर्णय लिया है, जिसमें नए मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम मुहर लगाई जाएगी। वर्तमान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के उत्तराधिकारी का चयन इसी बैठक में किए जाने की संभावना है।

दो चरणों में होगी बैठक
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी के अनुसार, मंगलवार दोपहर 2 बजे भाजपा विधायक दल की बैठक पार्टी कार्यालय में आयोजित की जाएगी। इसके बाद शाम 4 बजे विधानसभा के केंद्रीय कक्ष में एनडीए विधायकों की संयुक्त बैठक होगी। इस अहम बैठक में नए नेता का चयन कर औपचारिक घोषणा की जाएगी।
भाजपा संसदीय बोर्ड ने केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान को केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। वे पटना पहुंचकर विधायक दल की बैठक की निगरानी करेंगे और नेतृत्व चयन की प्रक्रिया को अंतिम रूप देंगे।
नीतीश कुमार की आखिरी कैबिनेट बैठक
इधर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंगलवार सुबह 11 बजे कैबिनेट की बैठक बुलाई है। माना जा रहा है कि इस बैठक में वे औपचारिक रूप से इस्तीफे की घोषणा कर सकते हैं। इसके बाद वे राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंपेंगे।
मंत्री दिलीप जायसवाल ने इसे एक संवैधानिक प्रक्रिया बताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री अपने मंत्रिमंडल को भंग करने की सिफारिश करते हैं और उसके बाद नए नेतृत्व के लिए रास्ता साफ होता है।
सम्राट चौधरी सबसे आगे, लेकिन सस्पेंस बरकरार
मुख्यमंत्री पद की दौड़ में उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का नाम सबसे आगे माना जा रहा है। हालांकि पार्टी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन हाल के दिनों में उनके आवास पर नेताओं और अधिकारियों की बढ़ती गतिविधियों ने अटकलों को तेज कर दिया है।
चुनाव प्रचार के दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने सम्राट चौधरी को “बड़ा आदमी” बनाने का वादा किया था, जिससे उनके नाम को और बल मिला है। सम्राट चौधरी कोइरी समुदाय से आते हैं, जो बिहार की बड़ी ओबीसी आबादी में शामिल है। ऐसे में सामाजिक समीकरणों को ध्यान में रखते हुए उनका नाम मजबूत दावेदार माना जा रहा है।
अन्य नाम भी चर्चा में
हालांकि पार्टी के भीतर कुछ नेता अन्य विकल्पों की भी चर्चा कर रहे हैं। केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय का नाम भी संभावित उम्मीदवारों में शामिल बताया जा रहा है। भाजपा की कार्यशैली को देखते हुए यह भी संभव है कि अंतिम क्षणों में नेतृत्व कोई चौंकाने वाला फैसला ले।
राजनीतिक हलकों में बढ़ी हलचल
नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के फैसले के बाद से ही राजनीतिक हलचल तेज हो गई थी। अब विधायक दल की बैठक के साथ ही बिहार में नए नेतृत्व की तस्वीर साफ होने की उम्मीद है। सभी की निगाहें मंगलवार की बैठक पर टिकी हैं, जहां से बिहार की राजनीति के नए अध्याय की शुरुआत होगी।