
सहायक अभियंता कमलेश डेहरे के नेतृत्व में विद्युत व्यवस्था में सुधार, ट्रांसफार्मर क्षमता वृद्धि से उपभोक्ताओं को राहत
NTN NEWS REPORT// शहर में बिजली व्यवस्था को लेकर लगातार मिल रही शिकायतों के बीच विद्युत विभाग में सहायक अभियंता कमलेश डेहरे की पदस्थापना के बाद उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है। अक्टूबर माह में पदभार ग्रहण करने के बाद से उन्होंने विद्युत आपूर्ति को सुचारू और व्यवस्थित करने की दिशा में निरंतर कार्य किया है।
बार-बार बिजली गुल होने की समस्या में कमी
पूर्व में शहर में दिनभर में 10 से 12 बार बिजली बाधित होने की शिकायतें आम थीं। लेकिन हाल के महीनों में विद्युत आपूर्ति में स्थिरता आई है। विभागीय स्तर पर त्वरित निगरानी और सुधारात्मक कदमों के कारण अनावश्यक विद्युत कटौती में कमी दर्ज की गई है, जिससे उपभोक्ताओं को राहत मिली है।
10 स्थानों पर ट्रांसफार्मर की क्षमता वृद्धि
प्राप्त जानकारी के अनुसार, अब तक शहर के 10 विभिन्न स्थानों पर ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि की जा चुकी है। बढ़ते लोड को देखते हुए यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जहां-जहां ओवरलोड की समस्या सामने आई, वहां तत्काल तकनीकी सर्वे के बाद आवश्यक सुधार किए गए।
शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई
विद्युत विभाग द्वारा उपभोक्ताओं की शिकायतों पर त्वरित संज्ञान लिया जा रहा है। चाहे ट्रांसफार्मर खराब होने की सूचना हो या जर्जर पोल बदलने की मांग, हर मामले में तेजी से कार्यवाही की गई है।
हाल ही में एक वार्ड के पार्षद द्वारा खराब ट्रांसफार्मर की जानकारी दिए जाने पर उसे तत्काल बदलवाया गया। इसी प्रकार शहर के कई क्षेत्रों में जर्जर पोलों को बदला गया, जिनमें प्रमुख रूप से—
- पुरानी बस्ती, बरम बाबा गली
- जय भारत स्कूल, वार्ड क्रमांक 18
- अमरैया पारा, वार्ड क्रमांक 23
शामिल हैं। पार्षदों एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों से सूचना मिलते ही आवश्यक कार्रवाई की गई।
स्मार्ट मीटर और गलत बिल की शिकायतों में कमी
लंबे समय से स्मार्ट मीटर में गड़बड़ी और गलत बिजली बिल की शिकायतें मिल रही थीं। सहायक अभियंता के पदभार संभालने के बाद इन शिकायतों में भी उल्लेखनीय कमी आई है। तकनीकी जांच और बिलिंग प्रणाली की निगरानी से उपभोक्ताओं का विश्वास बढ़ा है।
राजस्व वसूली में सुधार
विभागीय कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और सख्ती का असर राजस्व वसूली पर भी दिखाई दे रहा है।
- सितंबर 2025 में जहां गैर शासकीय बकाया राशि 5 करोड़ रुपए से अधिक हो गई थी, वह वर्तमान में घटकर लगभग 4 करोड़ रुपए रह गई है।
- शासकीय बकाया में भी लगभग 4 करोड़ रुपए की कमी दर्ज की गई है।
यह दर्शाता है कि विभाग द्वारा बकाया वसूली और वित्तीय अनुशासन पर भी गंभीरता से काम किया जा रहा है।
विभागीय छवि में सुधार
जनसुविधाओं को प्राथमिकता देते हुए जिस प्रकार से विद्युत विभाग द्वारा लगातार सुधारात्मक कार्य किए जा रहे हैं, उससे विभाग की छवि में सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिल रहा है। उपभोक्ताओं को बेहतर और निर्बाध विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराने की दिशा में आगे भी इसी तरह प्रयास जारी रहने की बात कही जा रही है।
निस्संदेह, जन अपेक्षाओं के अनुरूप किए जा रहे इन कार्यों से आने वाले समय में विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली और अधिक मजबूत एवं भरोसेमंद बनने की संभावना है।