छात्र आंदोलन पर संसद में चर्चा को तैयार सरकार, किरेन रिजिजू बोले- विपक्ष हंगामा छोड़कर रखे अपनी बात; गृह मंत्री देंगे जवाब
NTN REPORT// नई दिल्ली। संसद के मॉनसून सत्र के बीच छात्र आंदोलन और परीक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार ने अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा है कि सरकार छात्रों से जुड़े मुद्दों पर संसद में पूरी और विस्तार से चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने विपक्ष से अपील की कि चर्चा के दौरान हंगामा करने के बजाय सभी सदस्य अपनी बात सदन में रखें।

रिजिजू ने कहा कि विपक्ष जिन मुद्दों को उठाना चाहता है, सरकार उन सभी का जवाब देने के लिए तैयार है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि छात्र आंदोलन से जुड़े विषय पर सरकार की ओर से गृह मंत्री सदन में जवाब देंगे।
NEET पेपर लीक और छात्र प्रदर्शन पर विपक्ष की चर्चा की मांग
हालिया NEET पेपर लीक विवाद और छात्र प्रदर्शनों को लेकर विपक्ष लगातार संसद में चर्चा की मांग करता रहा है। विपक्ष की ओर से छात्रों की मांगों, परीक्षा व्यवस्था में कथित खामियों और प्रदर्शन के दौरान हुई कार्रवाई को लेकर सरकार से जवाब मांगा जा रहा है।
सरकार का कहना है कि छात्रों से जुड़े मुद्दे बेहद महत्वपूर्ण हैं और इन पर संसद में गंभीर एवं विस्तृत चर्चा होनी चाहिए। इसी क्रम में सरकार ने विपक्ष को चर्चा में शामिल होने और अपनी बात सदन के सामने रखने का अवसर देने की बात कही है।
BAC बैठक में छात्र आंदोलन पर चर्चा का प्रस्ताव
संसद की बिजनेस एडवाइजरी कमेटी (BAC) की बैठक में सरकार की ओर से छात्र आंदोलन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार होने की बात रखी गई। सरकार का रुख है कि छात्रों से संबंधित विषयों पर सदन में चर्चा हो और सभी पक्ष अपनी बात रखें।
हालांकि, विपक्ष ने इस दौरान अयोध्या के राम मंदिर से जुड़े चंदे में कथित गड़बड़ी के मामले को भी चर्चा के लिए उठाने की मांग की। इससे साफ है कि सरकार और विपक्ष की चर्चा की प्राथमिकताओं में फिलहाल अंतर बना हुआ है।
गृह मंत्री देंगे सरकार की ओर से जवाब
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू के मुताबिक, छात्र आंदोलन के मुद्दे पर चर्चा के दौरान सरकार की ओर से गृह मंत्री जवाब देंगे। सरकार ने विपक्ष से अपील की है कि चर्चा को बाधित करने के बजाय सदन में तथ्यों और मुद्दों के आधार पर अपनी बात रखी जाए।
सरकार का मानना है कि छात्रों से जुड़े विषयों पर राजनीतिक टकराव के बजाय गंभीर चर्चा के जरिए समाधान की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।
FCRA और परिसीमन विधेयकों पर फिलहाल चर्चा का प्रस्ताव नहीं
BAC की बैठक में विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम (FCRA) में प्रस्तावित संशोधन और परिसीमन से जुड़े विधेयकों पर चर्चा को लेकर फिलहाल कोई प्रस्ताव सामने नहीं आया है।
इस समय सरकार की प्राथमिकता छात्र आंदोलन, परीक्षा व्यवस्था और परीक्षा में अनुचित साधनों को रोकने से जुड़े विषयों पर चर्चा कराने की बताई जा रही है।
परीक्षा में नकल और पेपर लीक रोकने के लिए नया विधेयक
इससे पहले सरकार लोकसभा में पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) अमेंडमेंट बिल, 2026 पेश कर चुकी है। यह विधेयक परीक्षाओं में पेपर लीक, नकल और अन्य अनुचित साधनों पर रोक लगाने के लिए मौजूदा कानूनी व्यवस्था को और मजबूत करने से संबंधित है।
सरकार ने विपक्ष से इस विधेयक पर भी विस्तृत चर्चा में शामिल होने की अपील की है। सरकार का कहना है कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और छात्रों के भविष्य की सुरक्षा के लिए प्रभावी कानूनी व्यवस्था जरूरी है।
छात्र आंदोलन पर सरकार-विपक्ष में टकराव जारी
छात्र आंदोलन का मुद्दा संसद के अंदर और बाहर दोनों जगह राजनीतिक बहस का केंद्र बना हुआ है। विपक्ष छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई, परीक्षा व्यवस्था और पेपर लीक जैसे मुद्दों को लेकर सरकार पर सवाल उठा रहा है।
वहीं सरकार का कहना है कि छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए परीक्षा व्यवस्था में सुधार और पेपर लीक जैसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए कानूनी एवं प्रशासनिक कदम उठाए जा रहे हैं।
अब सरकार के चर्चा के लिए तैयार होने के बाद सबकी नजर इस बात पर है कि संसद में छात्र आंदोलन पर चर्चा कब शुरू होती है और विपक्ष इस दौरान किन मुद्दों को प्रमुखता से उठाता है। साथ ही यह भी महत्वपूर्ण होगा कि सरकार की ओर से गृह मंत्री सदन में किन सवालों का जवाब देते हैं।
छात्र आंदोलन, NEET पेपर लीक और परीक्षा सुधार से जुड़े मुद्दे मॉनसून सत्र में सरकार और विपक्ष के बीच अहम राजनीतिक मुद्दे बने हुए हैं। सरकार ने जहां विस्तृत चर्चा के लिए तैयार होने का संकेत दिया है, वहीं विपक्ष अन्य मुद्दों को भी चर्चा के एजेंडे में शामिल कराने की मांग कर रहा है।
डिस्क्लेमर: यह समाचार विभिन्न सार्वजनिक स्रोतों एवं प्राप्त जानकारी पर आधारित है।