हर मैच होगा करो या मरो: ICC ने बदला वनडे और टी20 वर्ल्ड कप का फॉर्मेट, सुपर-7, सुपर-10 और एलिमिनेटर की होगी एंट्री!
NTN REPORT// एडिनबर्ग। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने पुरुष वनडे और टी20 विश्व कप के प्रारूप में बड़े बदलावों को मंजूरी दे दी है। एडिनबर्ग में आयोजित ICC बोर्ड की वार्षिक बैठक में मुख्य कार्यकारी समिति की सिफारिशों को स्वीकार करते हुए यह निर्णय लिया गया। नए प्रारूप का उद्देश्य विश्व कप के हर मुकाबले को अधिक प्रतिस्पर्धी, रोमांचक और महत्वपूर्ण बनाना है, ताकि शुरुआती मैच भी नॉकआउट मुकाबलों जैसी अहमियत रखें।

इसके साथ ही ICC ने 2028 पुरुष टी20 विश्व कप के लिए नए क्वालिफिकेशन सिस्टम को भी मंजूरी दी है। वहीं एसोसिएट सदस्य देशों के लिए 16 टीमों वाले एक नए वैश्विक टी20 टूर्नामेंट के प्रस्ताव को भी सिद्धांततः समर्थन दिया गया है। हालांकि इस टूर्नामेंट को अंतिम स्वीकृति नवंबर में होने वाली ICC की वित्त एवं वाणिज्यिक मामलों की समिति की समीक्षा के बाद मिलेगी।
वनडे विश्व कप में पहली बार होगी ‘सुपर सीरीज’
वनडे विश्व कप में पहले की तरह 14 टीमें ही हिस्सा लेंगी, लेकिन पूरे टूर्नामेंट का प्रारूप पूरी तरह बदल जाएगा। प्रतियोगिता अब तीन चरणों में आयोजित होगी।
पहला चरण : सुपर सीरीज
विश्व कप की शुरुआत रैंकिंग में 12वें, 13वें और 14वें स्थान पर रहने वाली तीन टीमों के बीच राउंड-रॉबिन प्रारूप में होगी। इन तीनों में शीर्ष पर रहने वाली टीम अगले चरण में प्रवेश करेगी।
दूसरा चरण : ग्रुप स्टेज
इसके बाद कुल 12 टीमों को दो समूहों में विभाजित किया जाएगा। प्रत्येक समूह में छह-छह टीमें होंगी। दोनों समूहों से शीर्ष तीन-तीन टीमें तथा दोनों समूहों में चौथे स्थान पर रहने वाली टीमों में बेहतर प्रदर्शन करने वाली एक टीम सुपर-7 में पहुंचेगी।
तीसरा चरण : सुपर-7
यह नए प्रारूप का सबसे बड़ा बदलाव होगा। सुपर-7 में पहुंचने वाली सातों टीमें एक-दूसरे के खिलाफ मुकाबले खेलेंगी। अंकतालिका में शीर्ष चार स्थान हासिल करने वाली टीमें सेमीफाइनल में प्रवेश करेंगी। पहला स्थान प्राप्त करने वाली टीम चौथे स्थान वाली टीम से जबकि दूसरे स्थान वाली टीम तीसरे स्थान वाली टीम से भिड़ेगी। दोनों विजेता फाइनल खेलेंगे।
ICC का मानना है कि इस व्यवस्था से टूर्नामेंट का हर मुकाबला निर्णायक बनेगा और किसी भी टीम के लिए धीमी शुरुआत की गुंजाइश नहीं रहेगी।
पुराने और नए वनडे फॉर्मेट में क्या बदला?
पहले विश्व कप में 14 टीमों को सात-सात टीमों के दो समूहों में बांटा जाता था। दोनों समूहों से शीर्ष तीन टीमें सुपर-6 में पहुंचती थीं और वहां से सेमीफाइनल का रास्ता तय होता था।
अब सुपर-6 की जगह सुपर-7 होगा। इसके अलावा ग्रुप चरण से पहले सुपर सीरीज जोड़ी गई है। इससे विश्व कप का पहला मुकाबला भी बेहद महत्वपूर्ण हो जाएगा और औपचारिक मैच जैसी स्थिति नहीं रहेगी।
टी20 विश्व कप में भी बड़ा बदलाव, अब होगा सुपर-10
ICC ने पुरुष टी20 विश्व कप के प्रारूप में भी महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। 2026 टी20 विश्व कप में उभरती टीमों के शानदार प्रदर्शन को देखते हुए बोर्ड ने प्रतियोगिता को और अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने का फैसला लिया है।
ग्रुप चरण में नया प्रारूप
पहले चार समूहों में पांच-पांच टीमें होती थीं। अब पांच समूह बनाए जाएंगे और प्रत्येक समूह में चार-चार टीमें रहेंगी। हर समूह से शीर्ष दो टीमें अगले चरण में पहुंचेंगी।
सुपर-8 की जगह सुपर-10
दूसरे चरण में अब सुपर-8 नहीं बल्कि सुपर-10 होगा। इसमें कुल 10 टीमें दो समूहों में विभाजित होंगी। प्रत्येक समूह में पांच-पांच टीमें रहेंगी। इससे पहले की तुलना में दो अतिरिक्त टीमों को दूसरे चरण में खेलने का अवसर मिलेगा।
सेमीफाइनल से पहले होगा एलिमिनेटर
दोनों समूहों की शीर्ष टीमें सीधे सेमीफाइनल में पहुंचेंगी।
वहीं पहले समूह की दूसरे स्थान वाली टीम दूसरे समूह की तीसरे स्थान वाली टीम से एलिमिनेटर खेलेगी। इसी प्रकार दूसरे समूह की दूसरे स्थान वाली टीम पहले समूह की तीसरे स्थान वाली टीम से भिड़ेगी। इन दोनों एलिमिनेटर मुकाबलों के विजेता बाकी दो सेमीफाइनल स्थान हासिल करेंगे।
इस नए सिस्टम से सुपर-10 चरण के अंतिम मैच तक क्वालिफिकेशन की दौड़ रोमांचक बनी रहेगी।
2028 टी20 विश्व कप का नया क्वालिफिकेशन सिस्टम
ICC ने 2028 टी20 विश्व कप के लिए नया क्वालिफिकेशन ढांचा भी मंजूर किया है।
- 2026 टी20 विश्व कप के प्रदर्शन के आधार पर स्कॉटलैंड को सीधे यूरोप रीजनल फाइनल में प्रवेश मिलेगा।
- 2026 टी20 विश्व कप खेलने वाली वे टीमें, जो स्वतः 2028 संस्करण के लिए क्वालिफाई नहीं करेंगी, सीधे ग्लोबल क्वालिफायर खेलेंगी।
- ग्लोबल क्वालिफायर की आठ सीटें क्षेत्रीय प्रतियोगिताओं के माध्यम से भरी जाएंगी।
- अफ्रीका, एशिया और यूरोप से दो-दो टीमें तथा अमेरिका और ईस्ट एशिया-प्रशांत क्षेत्र से एक-एक टीम ग्लोबल क्वालिफायर में पहुंचेगी।
- प्रत्येक क्षेत्र की शीर्ष टीम सीधे विश्व कप के लिए क्वालिफाई करेगी, जबकि शेष तीन सर्वश्रेष्ठ टीमें न्यूनतम प्रदर्शन मानदंड पूरा करने पर विश्व कप में स्थान बनाएंगी।
एसोसिएट देशों को मिलेगा बड़ा मंच
ICC ने एसोसिएट सदस्य देशों के लिए 16 टीमों वाले नए वैश्विक टी20 टूर्नामेंट के प्रस्ताव का भी समर्थन किया है। इसे टी20 विश्व कप से पहले आयोजित करने की योजना है, जिससे उभरती क्रिकेट टीमों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अधिक प्रतिस्पर्धी मैच खेलने का अवसर मिल सके।
हालांकि इस टूर्नामेंट को अभी अंतिम मंजूरी नहीं मिली है। नवंबर में वित्त एवं वाणिज्यिक मामलों की समिति की समीक्षा के बाद इस पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
ICC का उद्देश्य क्या है?
ICC का कहना है कि इन सभी बदलावों का मुख्य उद्देश्य विश्व क्रिकेट को अधिक प्रतिस्पर्धी बनाना है। बोर्ड चाहता है कि विश्व कप का हर मुकाबला महत्वपूर्ण हो और शुरुआती चरण से ही रोमांच बना रहे। नए प्रारूप से बड़ी टीमों के बीच मुकाबले और कठिन होंगे, वहीं उभरती टीमों को भी लंबे समय तक प्रतियोगिता में बने रहने और अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा।
प्रमुख बदलाव एक नजर में
- वनडे विश्व कप में पहली बार सुपर सीरीज और सुपर-7 लागू होगा।
- सुपर-6 की जगह सुपर-7 चरण खेला जाएगा।
- टी20 विश्व कप में सुपर-8 की जगह सुपर-10 होगा।
- सेमीफाइनल से पहले एलिमिनेटर मुकाबले खेले जाएंगे।
- 2028 टी20 विश्व कप के लिए नया क्वालिफिकेशन सिस्टम लागू होगा।
- एसोसिएट देशों के लिए 16 टीमों का अलग वैश्विक टी20 टूर्नामेंट प्रस्तावित किया गया है।
यह समाचार विभिन्न सार्वजनिक स्रोतों एवं प्राप्त जानकारी पर आधारित है।