ट्रंप-नेतन्याहू में ईरान को लेकर मतभेद, अमेरिकी राष्ट्रपति ने इजरायली रणनीति पर जताई नाराजगी; नेतन्याहू बोले- परमाणु हथियार नहीं बनने देंगे
NTN REPORT// अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव को कम करने के लिए प्रस्तावित समझौते के बीच पश्चिम एशिया की राजनीति में नया मोड़ आ गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की रणनीति पर नाराजगी जताई है, वहीं नेतन्याहू ने साफ कर दिया है कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के लिए इजरायल अपनी कार्रवाई जारी रखेगा।

अमेरिका-ईरान समझौते के बीच इजरायल का सख्त रुख
अमेरिका और ईरान के बीच पिछले कुछ महीनों से जारी तनाव को कम करने के लिए एक समझौते की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। बताया जा रहा है कि इस समझौते पर जिनेवा में हस्ताक्षर होने हैं। इसमें क्षेत्रीय तनाव कम करने, हॉर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने और ईरान पर कुछ प्रतिबंधों में राहत जैसे मुद्दे शामिल हो सकते हैं।
हालांकि, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू इस समझौते के बावजूद पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने कहा कि इजरायल ने खुद को बड़े खतरे से बचाया है, लेकिन संघर्ष अभी खत्म नहीं हुआ है।
नेतन्याहू बोले- ईरान को परमाणु हथियार नहीं रखने देंगे
नेतन्याहू ने कहा कि समझौता हो या न हो, ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इजरायल क्षेत्र में मौजूद खतरों को खत्म करने के लिए अपनी कार्रवाई जारी रखेगा।
उन्होंने कहा कि अमेरिका और इजरायल के बीच संबंध मजबूत हैं, लेकिन हर मुद्दे पर दोनों देशों की राय एक जैसी हो यह जरूरी नहीं है। कई बार दोनों सहमत होते हैं और कुछ मामलों में अलग राय भी रखते हैं।
नेतन्याहू ने दोहराया कि ईरान और उसके सहयोगी संगठनों के खिलाफ इजरायल का अभियान अभी जारी है। उनका कहना है कि इजरायल की प्राथमिकता अपने देश पर मंडरा रहे परमाणु खतरे को खत्म करना है।
लेबनान और हिज्बुल्लाह को लेकर भी जारी तनाव
इजरायली प्रधानमंत्री ने लेबनान को लेकर भी सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि जब तक जरूरत होगी, इजरायल सुरक्षा क्षेत्र में मौजूद रहेगा और अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए कार्रवाई करने की स्वतंत्रता बनाए रखेगा।
उन्होंने दावा किया कि इजरायली सेना ने उन अहम क्षेत्रों पर नियंत्रण हासिल किया है, जिनका इस्तेमाल हिज्बुल्लाह द्वारा इजरायल के खिलाफ खतरे के रूप में किया जाता था।
ट्रंप ने इजरायल की रणनीति पर उठाए सवाल
दूसरी तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायल की सैन्य रणनीति पर नाराजगी जताई है। ट्रंप ने कहा कि हिज्बुल्लाह से निपटने में सीरिया इजरायल से बेहतर भूमिका निभा सकता है।
ट्रंप का कहना है कि लेबनान में इजरायल की कार्रवाई से ईरान के साथ चल रही शांति प्रक्रिया प्रभावित हुई है। उन्होंने आम नागरिकों की मौतों को लेकर भी चिंता जताई।
ट्रंप ने कहा कि किसी एक व्यक्ति को निशाना बनाने के लिए पूरी इमारत को निशाना बनाना सही नहीं है, क्योंकि वहां रहने वाले सभी लोग किसी संगठन से जुड़े नहीं होते।
ट्रंप बोले- नेतन्याहू से रिश्ते मजबूत
इजरायल की आलोचना के बावजूद ट्रंप ने साफ किया कि नेतन्याहू के साथ उनके रिश्तों में कोई दरार नहीं आई है। उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं के बीच अच्छे संबंध हैं।
हालांकि, ट्रंप की टिप्पणी को इजरायल की मौजूदा सैन्य नीति पर अमेरिकी असहमति के तौर पर देखा जा रहा है।
पश्चिम एशिया में नई कूटनीतिक चुनौती
अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते ने पश्चिम एशिया की राजनीति को नई दिशा दी है। एक ओर अमेरिका तनाव कम करने की कोशिश कर रहा है, वहीं इजरायल ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर किसी भी तरह का जोखिम लेने के पक्ष में नहीं दिख रहा।
इस पूरे घटनाक्रम ने अमेरिका-इजरायल संबंधों और क्षेत्रीय सुरक्षा नीति को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
डिस्क्लेमर: यह समाचार विभिन्न सार्वजनिक स्रोतों एवं प्राप्त जानकारी पर आधारित है।