
हाउसिंग बोर्ड की कॉलोनी में निर्माण कार्यों की खुली पोल, अपर आयुक्त अजीत पटेल ने निरीक्षण में लगाई अधिकारियों को फटकार
बिलासपुर संभाग के अपर आयुक्त ने किया कुलीपोटा आवासीय योजना का निरीक्षण, लापरवाही पर साइड इंजीनियर को कड़ी चेतावनी
NTN REPORT// कुलीपोटा। हाउसिंग बोर्ड द्वारा कुलीपोटा में बनाए जा रहे आवासीय भवनों के निर्माण कार्यों का बिलासपुर संभाग में पदस्थ अपर आयुक्त अजीत पटेल ने औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उनके साथ कार्यपालन अभियंता राघवेंद्र राठौर सहित हाउसिंग बोर्ड के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
अपर आयुक्त अजीत पटेल ने पूरी कॉलोनी का भ्रमण कर निर्माण कार्यों की वास्तविक स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान निर्माण कार्यों में कई स्थानों पर कमियां सामने आईं, जिस पर उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई और गुणवत्ता में सुधार के सख्त निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान निर्माण स्थल पर सामने आई खामियों को लेकर अपर आयुक्त ने साइड इंजीनियर और संबंधित कर्मचारियों को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि जो भी कमियां सामने आई हैं, उन्हें तत्काल प्रभाव से सुधार कर कार्यों को निर्धारित मापदंडों के अनुसार पूरा किया जाए, अन्यथा जिम्मेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
बताया जा रहा है कि मौके पर उप अभियंता जगत की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठे। आरोप है कि निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी नहीं होने के कारण कई कमियां सामने आई हैं। स्थानीय आवंटियों द्वारा भी उप अभियंता की कार्यशैली को लेकर पहले असंतोष जताया जाता रहा है।
निरीक्षण के दौरान अपर आयुक्त ने कुछ आवासीय भवनों के रुके हुए निर्माण कार्यों को भी जल्द शुरू कराने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को कहा कि निर्माण कार्य में आ रही समस्याओं का जल्द से जल्द निराकरण कर मुख्यालय स्तर पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें।
वहीं कॉलोनी में निर्माणाधीन भवनों के अंदर बिजली पोल नहीं हटने के कारण आ रही बाधा की जानकारी आवंटियों द्वारा अपर आयुक्त को दी गई। इस पर बिजली विभाग के अधिकारियों से चर्चा कर पोल हटाने की कार्रवाई जल्द करने की बात कही गई।
अपर आयुक्त के इस औचक निरीक्षण से हाउसिंग बोर्ड के निर्माण कार्यों में बरती जा रही लापरवाही उजागर हुई है। माना जा रहा है कि इस कार्रवाई के बाद निर्माण कार्यों की गुणवत्ता में सुधार आएगा और जिम्मेदार अधिकारी-कर्मचारी अब कार्यों की नियमित निगरानी करेंगे।