
कर्क संक्रांति 2026: सूर्य के कर्क राशि में प्रवेश से शुरू हुआ दक्षिणायन, जानें 12 राशियों पर क्या पड़ेगा असर!
NTN REPORT। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ग्रहों के राजा सूर्य लगभग हर 30 दिन में राशि परिवर्तन करते हैं। सूर्य के प्रत्येक राशि परिवर्तन को संक्रांति कहा जाता है, जिसका प्रभाव मेष से लेकर मीन तक सभी 12 राशियों पर पड़ता है। सूर्य के मिथुन राशि से निकलकर कर्क राशि में प्रवेश करते ही कर्क संक्रांति का पावन पर्व मनाया जाता है। इसी के साथ सूर्य दक्षिणायन हो जाते हैं, जिसे धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।

संयोग से इस वर्ष कर्क संक्रांति के दिन ही जगन्नाथपुरी की विश्व प्रसिद्ध रथयात्रा का भी शुभारंभ हुआ, जिससे इस पर्व का धार्मिक महत्व और बढ़ गया।
क्या है कर्क संक्रांति का महत्व?
ज्योतिषियों के अनुसार सूर्य वर्षभर में 12 राशियों का भ्रमण करते हैं और प्रत्येक राशि में प्रवेश को संक्रांति कहा जाता है। इनमें मकर संक्रांति और कर्क संक्रांति सबसे महत्वपूर्ण मानी जाती हैं।
- मकर संक्रांति के साथ सूर्य उत्तरायण होते हैं और अग्नि तत्व की प्रधानता बढ़ती है।
- कर्क संक्रांति के साथ सूर्य दक्षिणायन होते हैं और जल तत्व का प्रभाव बढ़ने लगता है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कर्क संक्रांति पर पवित्र नदियों में स्नान, दान, जप, तप और ध्यान करने से शुभ फल प्राप्त होते हैं तथा पुण्य की प्राप्ति होती है।
ज्योतिषीय दृष्टि से क्या हैं संकेत?
ज्योतिषीय गणना के अनुसार सूर्य के कर्क राशि में प्रवेश के समय मीन लग्न का उदय हो रहा है। इस दौरान सूर्य और बृहस्पति पंचम भाव में स्थित हैं, लेकिन बृहस्पति के अस्त होने से कुछ चुनौतियों के संकेत भी माने जा रहे हैं।
ज्योतिषियों के अनुसार इस गोचर के दौरान—
- जल तत्व के प्रभाव से बाढ़, भूस्खलन और भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाओं की आशंका बढ़ सकती है।
- वैश्विक स्तर पर तनाव, संघर्ष और महंगाई बढ़ने के संकेत मिलते हैं।
- आम लोगों को स्वास्थ्य और सुरक्षा के प्रति विशेष सतर्क रहने की सलाह दी जाती है।
सूर्य के कर्क राशि में प्रवेश का 12 राशियों पर प्रभाव
मेष
स्वास्थ्य को लेकर विशेष सावधानी बरतें। किसी भी निर्णय में जल्दबाजी न करें और सोच-समझकर कदम उठाएं।
वृषभ
करियर में सफलता और आर्थिक लाभ के प्रबल योग बनेंगे। तनाव कम होगा और परिस्थितियां आपके पक्ष में रहेंगी।
मिथुन
पारिवारिक और वैवाहिक जीवन में कुछ उतार-चढ़ाव आ सकते हैं। रिश्तों में धैर्य और संतुलन बनाए रखें।
कर्क
स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं परेशान कर सकती हैं। विशेष रूप से सिरदर्द और हड्डियों से जुड़ी तकलीफों के प्रति सतर्क रहें।
सिंह
इस अवधि में बड़े निवेश या महत्वपूर्ण निर्णय लेने से बचें। अनावश्यक जोखिम नुकसान पहुंचा सकता है।
कन्या
यह गोचर शुभ फलदायी रहेगा। धन लाभ के योग बनेंगे और लंबे समय से रुके कार्य पूरे होने की संभावना है।
तुला
करियर में उन्नति के अवसर मिलेंगे। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और कार्यक्षेत्र में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
वृश्चिक
अपने स्वास्थ्य के साथ-साथ परिवार, विशेषकर पिता के स्वास्थ्य का भी विशेष ध्यान रखें।
धनु
दुर्घटनाओं से बचने के लिए सावधानी बरतें। स्वास्थ्य संबंधी लापरवाही भारी पड़ सकती है।
मकर
व्यापार और वैवाहिक जीवन में चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। धैर्य और समझदारी से निर्णय लें।
कुंभ
स्वास्थ्य में सुधार होगा और आर्थिक लाभ के नए अवसर मिल सकते हैं। समय अपेक्षाकृत अनुकूल रहेगा।
मीन
करियर में जोखिम लेने से बचें। बिना पूरी जानकारी के लिया गया निर्णय नुकसान पहुंचा सकता है।
धार्मिक मान्यता
मान्यता है कि कर्क संक्रांति के दिन सूर्य देव की उपासना, पवित्र नदी में स्नान, दान-पुण्य और ध्यान करने से शुभ फल प्राप्त होते हैं तथा जीवन में सुख, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
(अस्वीकरण: यह समाचार ज्योतिषीय मान्यताओं और धार्मिक विश्वासों पर आधारित है। ज्योतिषीय भविष्यवाणियों की वैज्ञानिक पुष्टि नहीं है। किसी भी निर्णय का आधार केवल ज्योतिषीय सलाह को न बनाएं।) यह समाचार विभिन्न सार्वजनिक स्रोतों एवं प्राप्त जानकारी पर आधारित है।