Gmail यूजर्स के लिए बड़ी राहत: एंड्रॉयड और iOS ऐप पर मिलेगा एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन सपोर्ट
अब मोबाइल से ही भेज सकेंगे पूरी तरह सुरक्षित ईमेल, अलग सॉफ्टवेयर या एक्सटेंशन की जरूरत खत्म
NTN NEWS REPORT// नई दिल्ली। टेक दिग्गज गूगल ने Gmail यूजर्स के लिए बड़ा ऐलान किया है। कंपनी ने Gmail के एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन (E2EE) सपोर्ट को अब एंड्रॉयड और iOS डिवाइस तक विस्तारित कर दिया है। इस अपडेट के बाद यूजर्स सीधे मोबाइल ऐप के जरिए एन्क्रिप्टेड ईमेल लिख, भेज और पढ़ सकेंगे।

अब तक एन्क्रिप्टेड ईमेल भेजने के लिए डेस्कटॉप या थर्ड-पार्टी टूल्स की जरूरत पड़ती थी, लेकिन नए अपडेट के बाद यह सुविधा मोबाइल पर भी उपलब्ध होगी।
क्या है एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन?
एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन एक डिजिटल सिक्योरिटी लॉक सिस्टम की तरह काम करता है। इस तकनीक के तहत ईमेल या मैसेज को इस तरह एन्क्रिप्ट किया जाता है कि उसे केवल भेजने वाला और प्राप्त करने वाला ही पढ़ सकता है।
आसान भाषा में समझें तो जैसे कोई कीमती सामान ताले वाले बक्से में भेजा जाए और उसकी चाबी सिर्फ रिसीवर के पास हो—ठीक उसी तरह E2EE काम करता है। बीच में कोई तीसरा व्यक्ति डेटा को डिकोड नहीं कर सकता।
इसी तरह की सुविधा इंस्टेंट मैसेजिंग ऐप में पहले से उपलब्ध है।
किन यूजर्स को मिलेगा फायदा?
यह सुविधा गूगल workspace के एंटरप्राइज यूजर्स के लिए उपलब्ध होगी, जिनके पास क्लाइंट-साइड एन्क्रिप्शन (CSE) की क्षमता है।
हालांकि, इसके लिए एडमिन को पहले Admin Console के जरिए एंड्रॉयड और iOS सपोर्ट को एक्टिवेट करना होगा। इसके बाद ही संबंधित यूजर्स इस सुविधा का लाभ उठा पाएंगे।
कैसे काम करेगा नया अपडेट?
- अपडेट रैपिड रिलीज और शेड्यूल रिलीज दोनों डोमेन के लिए लाइव कर दिया गया है।
- यूजर्स सीधे Gmail मोबाइल ऐप से एन्क्रिप्टेड ईमेल तैयार कर सकेंगे।
- सेंसिटिव ईमेल भेजने के लिए अब अलग से सिक्योरिटी सॉफ्टवेयर या ब्राउज़र एक्सटेंशन की जरूरत नहीं होगी।
- कहीं से भी सुरक्षित तरीके से एन्क्रिप्टेड ईमेल एक्सेस किया जा सकेगा।
क्या होगा फायदा?
इस अपडेट के बाद बिजनेस और एंटरप्राइज यूजर्स को संवेदनशील जानकारी जैसे वित्तीय दस्तावेज, कानूनी फाइलें या गोपनीय डेटा भेजने में अतिरिक्त सुरक्षा मिलेगी। मोबाइल सपोर्ट के कारण अब सुरक्षित ईमेल एक्सेस और ट्रांसमिशन पहले से ज्यादा आसान और सुविधाजनक हो जाएगा।
गूगल का यह कदम डेटा प्राइवेसी और साइबर सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक अहम पहल माना जा रहा है।