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छत्तीसगढ़

बिलासपुर रेंज में डिजिटल पुलिसिंग पर बड़ा जोर: आईजी राम गोपाल गर्ग ने समीक्षा बैठक में दिए सख्त निर्देश, ई-समन से लेकर ई-साक्ष्य तक 100% क्रियान्वयन के आदेश

अवैध प्रवासियों और किरायेदारों का नियमित होगा सत्यापन

NTN REPORT// बिलासपुर। बिलासपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक राम गोपाल गर्ग ने मंगलवार को रेंज स्तरीय समीक्षा बैठक लेकर पुलिसिंग व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, तकनीक आधारित और प्रभावी बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित इस बैठक में रेंज के सभी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एवं पुलिस अधीक्षक शामिल हुए। बैठक का मुख्य फोकस डिजिटल पुलिसिंग, न्यायालयीन प्रक्रियाओं में तकनीक का अधिकतम उपयोग, लंबित मामलों के त्वरित निपटारे तथा पुलिस कार्यप्रणाली में गुणवत्ता सुनिश्चित करना रहा।बैठक में बिलासपुर, रायगढ़, मुंगेली, कोरबा, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, सक्ती, जांजगीर-चांपा एवं सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिलों के पुलिस अधीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।

फाइल फोटो

गूगल शीट से होगी समन और वारंट की रियल-टाइम मॉनिटरिंग

आईजी ने निर्देश दिए कि अब न्यायालयीन समन और वारंट की तामिली की निगरानी गूगल शीट के माध्यम से की जाएगी। थानों में पदस्थ कोर्ट आरक्षक तामिली की स्थिति, अदम तामिली के कारण तथा गवाहों की उपस्थिति का पूरा विवरण ऑनलाइन दर्ज करेंगे। इससे अनावश्यक पत्राचार समाप्त होगा और न्यायालयीन मामलों की प्रभावी मॉनिटरिंग संभव हो सकेगी।

व्हाट्सएप के जरिए भी भेजे जाएंगे ई-समन

बैठक में ई-समन प्रणाली को प्रभावी बनाने पर विशेष जोर दिया गया। निर्देशानुसार अब व्हाट्सएप के माध्यम से भी समन की तामिली की जा सकेगी। प्राप्तकर्ता द्वारा भेजा गया “OK” संदेश एवं उसका स्क्रीनशॉट वैध साक्ष्य माना जाएगा। साथ ही नए जिलों में डेटा मैपिंग और दूरस्थ क्षेत्रों में नेटवर्क संबंधी तकनीकी समस्याओं के शीघ्र समाधान के निर्देश भी दिए गए।

‘न्याय श्रुति’ के तहत वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से होगी गवाही

न्यायालयीन कार्यवाही को सरल और समयबद्ध बनाने के लिए थानों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सुविधा से जोड़ने तथा आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। साथ ही न्यायालयों से अनुरोध किया जाएगा कि समन जारी करते समय यह स्पष्ट उल्लेख किया जाए कि गवाही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से होगी या व्यक्तिगत उपस्थिति आवश्यक होगी।

ई-साक्ष्य व्यवस्था होगी अनिवार्य

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 105 के तहत तलाशी, जब्ती एवं गवाहों के बयान की वीडियो रिकॉर्डिंग को अनिवार्य रूप से लागू करने के निर्देश दिए गए। आईजी ने प्रत्येक जिले में एक “आइडियल CCTNS थाना” विकसित करने के निर्देश भी दिए, जहां विवेचक स्वयं सभी ऑनलाइन प्रविष्टियां सुनिश्चित करेंगे।

अवैध प्रवासियों और किरायेदारों का नियमित सत्यापन होगा

बैठक में कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाने के उद्देश्य से समाधान ऐप के माध्यम से अवैध प्रवासियों, किरायेदारों एवं फेरीवालों के नियमित सत्यापन के निर्देश दिए गए। इसकी साप्ताहिक रिपोर्ट रेंज कार्यालय को भेजना भी अनिवार्य किया गया।

वाहन चोरी के मामलों में इंजन और चेसिस नंबर दर्ज करना होगा जरूरी

संपत्ति संबंधी अपराधों, विशेषकर बाइक चोरी के मामलों में एफआईआर दर्ज करते समय वाहन का इंजन नंबर एवं चेसिस नंबर अनिवार्य रूप से दर्ज करने के निर्देश दिए गए, ताकि डिजिटल डेटाबेस अधिक सटीक और प्रभावी बनाया जा सके।

पारदर्शी और तकनीक आधारित पुलिसिंग पर विशेष जोर

आईजी राम गोपाल गर्ग ने कहा कि बैठक का उद्देश्य पुलिसिंग में पारदर्शिता, तकनीकी दक्षता और लंबित मामलों के शीघ्र निराकरण को सुनिश्चित करना है। उन्होंने सभी पुलिस अधीक्षकों को टीम भावना के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक डिजिटल मॉड्यूल में शत-प्रतिशत गुणवत्ता, शुद्धता और समयबद्धता बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि तकनीक के व्यापक उपयोग से पुलिसिंग की गुणवत्ता में सुधार होगा, न्यायालयीन प्रक्रियाएं तेज होंगी और थानों में लंबित मामलों की संख्या में कमी आएगी।

Nilesh Tiwari

Editor- NTN Report 📱+91 93298 23355 📧 tnilesh2711@gmail.com
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