केंद्रीय कैबिनेट का बड़ा फैसला: सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या 34 से बढ़कर 38 होगी
NTN NEWS REPORT// नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने देश की सर्वोच्च अदालत में लंबित मामलों के बढ़ते दबाव को देखते हुए बड़ा फैसला लिया है। केंद्रीय कैबिनेट ने सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस फैसले के तहत शीर्ष अदालत में 4 नए जजों के पद जोड़े जाएंगे। इसके बाद भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सहित सुप्रीम Court में कुल जजों की संख्या 34 से बढ़कर 38 हो जाएगी।

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट के इस निर्णय की जानकारी देते हुए बताया कि सरकार संसद के आगामी सत्र में संबंधित विधेयक पेश करेगी। संसद से बिल पारित होने और कानून बनने के बाद सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या आधिकारिक रूप से बढ़ जाएगी।
फिलहाल दो पद पहले से खाली
वर्तमान में सुप्रीम कोर्ट में मुख्य न्यायाधीश सहित कुल 34 पद स्वीकृत हैं। हालांकि इनमें से दो पद पहले से रिक्त चल रहे हैं। नए संशोधन के बाद कुल स्वीकृत पदों की संख्या 38 हो जाएगी, जिससे मामलों के तेजी से निपटारे में मदद मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
2019 में हुआ था आखिरी संशोधन
सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या में आखिरी बार वर्ष 2019 में बढ़ोतरी की गई थी। उस समय मुख्य न्यायाधीश को छोड़कर जजों की संख्या 30 से बढ़ाकर 33 की गई थी।
दरअसल, सुप्रीम कोर्ट अधिनियम 1956 के अनुसार प्रारंभ में मुख्य न्यायाधीश के अलावा केवल 10 जजों का प्रावधान था। बाद में समय-समय पर बढ़ते मामलों और न्यायिक आवश्यकताओं को देखते हुए इसमें कई संशोधन किए गए।
समय के साथ ऐसे बढ़ती गई जजों की संख्या
- 1956 : मुख्य न्यायाधीश के अलावा 10 जजों का प्रावधान
- 1960 : संख्या बढ़ाकर 13 की गई
- बाद के संशोधन में यह बढ़कर 17 हुई
- 1986 : 17 से बढ़ाकर 25 जज किए गए
- 2009 : संख्या 25 से बढ़ाकर 30 की गई
- 2019 : संख्या 30 से बढ़ाकर 33 की गई
- अब 2026 में इसे बढ़ाकर 37 (मुख्य न्यायाधीश के अलावा) किए जाने का प्रस्ताव
सुप्रीम कोर्ट का जज बनने की क्या है योग्यता?
भारतीय संविधान के अनुच्छेद 124(3) में सुप्रीम कोर्ट के जज बनने की योग्यता निर्धारित की गई है। इसके अनुसार कोई भी भारतीय नागरिक निम्न शर्तों को पूरा करने पर सुप्रीम कोर्ट का जज बन सकता है—
- कम से कम 5 वर्ष तक किसी हाईकोर्ट में न्यायाधीश रहा हो
- या 10 वर्ष तक हाईकोर्ट में वकील के रूप में प्रैक्टिस की हो
- इसके अलावा किसी प्रतिष्ठित कानूनविद् को भी नियुक्त किया जा सकता है
कैसे बढ़ाई जाती है जजों की संख्या?
सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ाने की प्रक्रिया मुख्य न्यायाधीश की सिफारिश से शुरू होती है। मुख्य न्यायाधीश इस संबंध में केंद्रीय कानून मंत्री को पत्र भेजते हैं। इसके बाद वित्त मंत्रालय से परामर्श लिया जाता है।
फिर कानून मंत्रालय का न्याय विभाग एक ड्राफ्ट विधेयक तैयार करता है, जिसे केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजा जाता है। कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद बिल संसद में पेश किया जाता है। अब इस प्रस्ताव को कैबिनेट की स्वीकृति मिल चुकी है और अगले सत्र में इसे संसद में पेश किया जाएगा।