IPL 2026 में BCCI की सख्ती: मैदान पर सिर्फ 16 खिलाड़ी ही जा सकेंगे, बाउंड्री और ड्रिंक्स नियमों में बड़ा बदलाव
NTN NEWS REPORT// नई दिल्ली: इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 के बीच भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने प्लेइंग कंडीशन्स को और सख्त करते हुए खिलाड़ियों के मैदान पर मूवमेंट को लेकर नए नियम लागू कर दिए हैं। क्रिकबज की रिपोर्ट के मुताबिक अब मैच के दौरान केवल उन्हीं 16 खिलाड़ियों को मैदान पर जाने की अनुमति होगी, जिनका नाम आधिकारिक टीम शीट में शामिल है।

मैदान पर एंट्री सिर्फ 16 खिलाड़ियों तक सीमित
एक टीम के स्क्वॉड में अधिकतम 25 खिलाड़ी हो सकते हैं, लेकिन हर मैच के लिए 16 खिलाड़ियों के नाम टीम शीट में दर्ज होते हैं। नए नियमों के तहत जो खिलाड़ी इन 16 में शामिल नहीं हैं, वे अब ड्रिंक्स, बैट या कोई संदेश लेकर मैदान पर नहीं जा सकेंगे।
यानी अतिरिक्त खिलाड़ी अब ऑन-फील्ड कम्युनिकेशन का हिस्सा नहीं बन पाएंगे।
बाउंड्री लाइन पर भी सख्ती, सिर्फ 5 खिलाड़ियों को अनुमति
बीसीसीआई ने बाउंड्री लाइन के आसपास भी सख्ती बढ़ा दी है। नए निर्देशों के मुताबिक एक समय में केवल 5 खिलाड़ी (ट्रेनिंग बिब्स पहनकर) ही बाउंड्री के पास रह सकते हैं।
ये खिलाड़ी प्लेइंग ग्रुप के 16 में शामिल हों या बाकी स्क्वॉड से, संख्या पांच से अधिक नहीं हो सकती।
बाकी सभी खिलाड़ियों को डगआउट में बैठना अनिवार्य होगा। उन्हें बाउंड्री लाइन से लेकर LED विज्ञापन बोर्ड तक के एरिया में घूमने की अनुमति नहीं होगी।
टीम सूत्रों के अनुसार ये निर्देश हाल ही में सभी फ्रेंचाइजी टीमों को दे दिए गए हैं और इन्हें तुरंत प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
क्लॉज 11.5.2: ड्रिंक्स ब्रेक पर सख्त नियंत्रण
क्लॉज 11.5.2 के तहत अब ड्रिंक्स ले जाने की प्रक्रिया पूरी तरह नियंत्रित होगी।
- खिलाड़ी को ड्रिंक्स केवल बाउंड्री लाइन पर या विकेट गिरने के समय ही दिया जा सकता है।
- मैदान के अंदर जाकर ड्रिंक्स देना तभी संभव होगा जब अंपायर अनुमति दें।
- ड्रिंक्स लेकर जाने वाला खिलाड़ी सही क्रिकेट ड्रेस और बिब्स में होना चाहिए।
स्पष्ट है कि अब बिना अनुमति कोई अतिरिक्त खिलाड़ी मैदान में जाकर संपर्क नहीं कर सकेगा।
क्लॉज 24.1.4: न खेलने वाले खिलाड़ियों पर निगरानी
क्लॉज 24.1.4 उन खिलाड़ियों से संबंधित है जो मैच में हिस्सा नहीं ले रहे हैं।
- ऐसे खिलाड़ियों को ट्रेनिंग बिब्स पहनना अनिवार्य होगा।
- वे मैदान के एक्टिव एरिया में स्वतंत्र रूप से नहीं घूम सकेंगे।
- उनकी भूमिका सीमित सपोर्ट, जैसे बॉल लौटाने तक ही रहेगी।
इससे साफ है कि अब न खेलने वाले खिलाड़ियों की गतिविधियों पर भी सख्त निगरानी रहेगी।
आधिकारिक वजह नहीं, लेकिन संकेत साफ
हालांकि बीसीसीआई ने इन बदलावों की आधिकारिक वजह नहीं बताई है, लेकिन माना जा रहा है कि यह कदम मैदान पर भीड़ कम करने, अनुशासन बनाए रखने और अनावश्यक दखल या भ्रम की स्थिति से बचने के लिए उठाया गया है।
रणनीति और कम्युनिकेशन पर असर
इस फैसले का सीधा असर टीमों की रणनीति और ऑन-फील्ड कम्युनिकेशन पर पड़ सकता है।
- कप्तान और कोच के बीच तत्काल संदेश पहुंचाना मुश्किल हो सकता है।
- डगआउट से निर्देश देने की संस्कृति सीमित होगी।
- खिलाड़ियों को अपने फैसलों पर ज्यादा निर्भर रहना पड़ेगा।
हालांकि दूसरी ओर मैच के दौरान अनुशासन और संरचना और अधिक मजबूत होगी।
IPL 2026 के बीच लागू किए गए ये नए नियम अब टीमों को मैदान के भीतर और बाहर दोनों जगह अधिक संयम और रणनीतिक स्पष्टता के साथ काम करने के लिए मजबूर करेंगे।