
एसीबी की ट्रैप कार्रवाई में सहायक ग्रेड-02 पकड़ा गया, एसबीआई की कार्रवाई का डर दिखाकर मांगे थे 2 लाख रुपये
NTN NEWS REPORT// 20 मार्च 2026।
जिला सरगुजा के तहसील कार्यालय दरिमा में पदस्थ सहायक ग्रेड-02 अनिल कुमार गुप्ता को एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने 1 लाख रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी ने शिकायतकर्ता को एसबीआई (स्पेशल ब्रांच इंटेलिजेंस) की कार्रवाई का भय दिखाकर पहले 2 लाख रुपये की मांग की थी, जिसे बाद में 1 लाख रुपये में तय किया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता अखिलेश कुमार सोनी (51 वर्ष), निवासी कारमेल स्कूल के पीछे, नमना कला, अंबिकापुर, ने 12 मार्च 2026 को एसीबी में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि वे शिक्षा विभाग अंतर्गत जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय अंबिकापुर में सहायक ग्रेड-02 के पद पर पदस्थ हैं।
शिकायत में उल्लेख किया गया कि 10 मार्च 2026 को अनिल कुमार गुप्ता ने उन्हें कॉल कर मिलने के लिए बुलाया और कहा कि उनके खिलाफ एसबीआई में शिकायत है। आरोपी ने यह भी कहा कि एसबीआई अंबिकापुर की ओर से कभी भी ट्रैप या घर पर छापा मारा जा सकता है। कार्रवाई से बचाने के नाम पर आरोपी ने 2 लाख रुपये की मांग की और दावा किया कि उसका भतीजा एसबीआई में कार्यरत है, जिसके माध्यम से वह मामला रफा-दफा करा देगा।
2 लाख से 1 लाख में हुआ सौदा
शिकायत के सत्यापन के दौरान आरोपी ने यह स्वीकार किया कि उसने पहले भी एक मामला 2 लाख रुपये लेकर निपटाया है। शिकायतकर्ता द्वारा 2 लाख रुपये देने में असमर्थता जताने पर 1 लाख रुपये में मामला तय किया गया। आरोपी ने 1 लाख रुपये लेकर काम कराने की सहमति दी।
ट्रैप में फंसा आरोपी
20 मार्च 2026 को एसीबी ने ट्रैप की योजना बनाई। आरोपी ने शिकायतकर्ता को जिला ग्रंथालय अंबिकापुर के पास बुलाया। यहां शिकायतकर्ता ने 1 लाख रुपये से भरा लिफाफा आरोपी को सौंपा। आरोपी ने लिफाफा लेकर अपनी मोटरसाइकिल की डिक्की में रख लिया।
इशारा मिलते ही एसीबी की टीम ने आरोपी को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से 1,00,000 रुपये की रिश्वत राशि बरामद की गई।
इन धाराओं में कार्रवाई
आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधन 2018) की धारा 7 तथा भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 308(2) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
एसबीआई में कोई शिकायत नहीं
जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि शिकायतकर्ता के खिलाफ एसबीआई अंबिकापुर में कोई शिकायत दर्ज नहीं है और न ही आरोपी का कोई भतीजा वहां कार्यरत है। आरोपी ने झूठा भय दिखाकर स्वयं के लिए रिश्वत की राशि मांगी और प्राप्त की।
एसीबी की इस कार्रवाई से प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। मामले की विस्तृत जांच जारी है।