
NTN REPORT// दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) रायपुर की टीम ने 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए एक सहायक ग्रेड-2 कर्मचारी को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी कर्मचारी पर सामान्य भविष्य निधि (जीपीएफ) खाते से राशि के आंशिक आहरण की प्रक्रिया पूरी करने के एवज में रिश्वत मांगने का आरोप है। ट्रैप कार्रवाई के बाद आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
जीपीएफ से राशि निकालने के लिए मांगी थी रिश्वत
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता नंद कुमार कामड़े, निवासी ग्राम मोहलाई, जिला दुर्ग, कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी (विद्युत/यांत्रिकी) एवं आर. अनुविभाग, दुर्ग में कैंप अटेंडर के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने अपने सामान्य भविष्य निधि (जीपीएफ) खाते से 5 लाख रुपये के आंशिक आहरण के लिए विभाग में आवेदन प्रस्तुत किया था।
आवेदन की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के लिए जब उन्होंने कार्यालय में पदस्थ शिव कुमार ठाकुर, सहायक ग्रेड-2 से संपर्क किया, तब आरोपी ने फाइल को आगे बढ़ाने और 5 लाख रुपये के आंशिक आहरण की स्वीकृति दिलाने के एवज में 10 हजार रुपये रिश्वत की मांग की।
शिकायत के बाद एसीबी ने बनाई रणनीति
शिकायतकर्ता रिश्वत देने के पक्ष में नहीं था। उसने पूरे मामले की शिकायत एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी), रायपुर में की और आरोपी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़वाने की इच्छा जताई।
एसीबी द्वारा शिकायत का सत्यापन किए जाने के बाद शिकायत सही पाए जाने पर 2 जुलाई 2026 को ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई गई।
10 हजार रुपये लेते ही रंगे हाथ पकड़ा गया आरोपी
पूर्व निर्धारित योजना के अनुसार एसीबी की टीम ने कार्रवाई करते हुए शिव कुमार ठाकुर, सहायक ग्रेड-2, कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी (विद्युत/यांत्रिकी) एवं आर. अनुविभाग, दुर्ग को शिकायतकर्ता से 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई
एसीबी ने आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 के तहत मामला दर्ज कर अग्रिम वैधानिक कार्रवाई प्रारंभ कर दी है। मामले की विस्तृत जांच जारी है।