ईरान के साथ युद्ध खत्म करने की जल्दबाजी में नहीं अमेरिका, ट्रंप बोले- समय हमारे पक्ष में
अमेरिका-ईरान तनाव के बीच डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान, बोले- यह कोई साधारण युद्ध नहीं; ईरान बातचीत के लिए इच्छुक, लेकिन समझौते की शर्तों पर अब तक सहमति नहीं
NTN REPORT// अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने युद्ध समाप्त करने को लेकर बड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने स्पष्ट संकेत दिया है कि अमेरिका को ईरान के साथ चल रहे संघर्ष को खत्म करने की कोई जल्दबाजी नहीं है। उन्होंने इस संघर्ष को सामान्य युद्ध से अलग बताते हुए कहा कि समय अमेरिका के पक्ष में है और अमेरिका अपनी रणनीति के अनुसार आगे बढ़ेगा।

शुक्रवार को दिए गए बयान में ट्रंप ने दावा किया कि ईरान अमेरिका के साथ बातचीत जारी रखना चाहता है और लगातार संपर्क में बना हुआ है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि ईरान इस समय गंभीर आंतरिक आर्थिक और प्रशासनिक चुनौतियों का सामना कर रहा है। ट्रंप के मुताबिक, ईरान की स्थिति इतनी कमजोर हो चुकी है कि वह अपने सैनिकों और पुलिसकर्मियों को वेतन देने में भी कठिनाई का सामना कर रहा है।
ईरान की आर्थिक स्थिति पर ट्रंप का दावा
ट्रंप ने बातचीत के दौरान कहा कि ईरान लगातार अमेरिका से बात करना चाहता है, लेकिन उसकी आंतरिक स्थिति बेहद चुनौतीपूर्ण है। उन्होंने दावा किया कि ईरान अपने सैनिकों और पुलिसकर्मियों को वेतन तक नहीं दे पा रहा है। इसी आधार पर उन्होंने कहा कि अमेरिका के पास पर्याप्त समय है और उसे जल्दबाजी में कोई फैसला लेने की आवश्यकता नहीं है।
ट्रंप ने कहा कि यह कोई सामान्य युद्ध नहीं है। अमेरिका इस संघर्ष में अपनी रणनीति के अनुसार आगे बढ़ रहा है और फिलहाल समय उसके पक्ष में है।
सैन्य अभियान के खर्च को लेकर भी किया बड़ा दावा
अमेरिकी सैन्य अभियान पर होने वाले खर्च को लेकर भी ट्रंप ने अपनी बात रखी। उन्होंने दावा किया कि इस संघर्ष में अमेरिका तुलनात्मक रूप से बहुत कम पैसा खर्च कर रहा है। उन्होंने वेनेजुएला का उदाहरण देते हुए कहा कि अमेरिका ने जितना पैसा खर्च किया है, उससे कई गुना अधिक रकम वसूल की है।
हालांकि, ट्रंप ने अपने इस दावे के समर्थन में कोई विस्तृत आंकड़ा या आधिकारिक वित्तीय विवरण प्रस्तुत नहीं किया है। ऐसे में उनके इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
ईरान पर दोबारा सैन्य कार्रवाई की चेतावनी
ट्रंप का यह बयान ऐसे समय में सामने आया है, जब वह ईरान के खिलाफ दोबारा सैन्य कार्रवाई करने की चेतावनी भी दे चुके हैं। पिछले सप्ताह उन्होंने संकेत दिया था कि अमेरिका ईरान के खिलाफ एक और सैन्य अभियान शुरू कर सकता है। इस संभावित कार्रवाई के लिए उन्होंने ‘एक और एपिक फ्यूरी’ शब्द का इस्तेमाल किया था।
इस बयान से स्पष्ट है कि अमेरिका की ओर से ईरान पर दबाव बनाए रखने की रणनीति जारी है। हालांकि, आगे सैन्य कार्रवाई होगी या बातचीत के जरिए कोई समाधान निकलेगा, इस पर स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है।
समझौते की संभावना बरकरार, लेकिन शर्तों पर पेच
ट्रंप ने ईरान के साथ समझौते की संभावना से भी इनकार नहीं किया है। उनका दावा है कि ईरान बातचीत और समझौते के लिए इच्छुक है। दूसरी ओर, दोनों देशों के बीच समझौते की शर्तों को लेकर अब तक सहमति बनने के स्पष्ट संकेत नहीं मिले हैं।
कुल मिलाकर अमेरिका और ईरान के बीच तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। एक तरफ बातचीत की संभावना जताई जा रही है, तो दूसरी तरफ सैन्य कार्रवाई की चेतावनियां भी सामने आ रही हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में दोनों देशों के बीच कूटनीतिक बातचीत किस दिशा में आगे बढ़ती है, इस पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर बनी हुई है।
यह समाचार विभिन्न सार्वजनिक स्रोतों एवं प्राप्त जानकारी पर आधारित है।