NTN REPORT// उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और चोरी करने वालों पर कड़ी टिप्पणी करते हुए एक ऐसा उदाहरण दिया, जिसने कार्यक्रम में मौजूद लोगों को हंसने पर मजबूर कर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासन शहरों को सुंदर बनाने के लिए सड़क किनारे गमले लगाता है, लेकिन कुछ लोग उन्हें भी चोरी कर ले जाते हैं।

उन्होंने कहा कि हाल ही में एक ऐसा मामला सामने आया, जिसमें करीब ढाई करोड़ रुपये की लग्जरी कार से आए लोग मात्र 45 रुपये का गमला उठाकर ले गए। मुख्यमंत्री ने इसे “चोरी का नया मॉडल” बताते हुए कहा कि जिस कार में आने-जाने में जितना ईंधन खर्च हुआ होगा, उतने पैसों में कई नए गमले खरीदे जा सकते थे।
“सम्मान भी रहता और शहर भी सुंदर दिखता”
मुख्यमंत्री ने हल्के अंदाज में कहा कि प्रशासन गमले लगाता है और कुछ लोग कार से आते हैं और गमला उठाकर ले जाते हैं। उन्होंने कहा कि यदि वही लोग बाजार से नया गमला खरीदकर अपने घर में लगाते, तो उनका सम्मान भी बना रहता और शहर की सुंदरता भी बनी रहती।
उन्होंने यह भी कहा कि अब हर जगह सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं और निगरानी लगातार की जाती है। इसी निगरानी के दौरान यह मामला सामने आया कि महंगी कार से आए लोगों ने गमला चोरी कर लिया। मुख्यमंत्री ने मजाकिया अंदाज में कहा कि एक समय उनके मन में यह विचार भी आया कि गमला चोरी करने वालों की तस्वीरें चौराहों पर लगवा दी जाएं।
“सरकारी संपत्ति जनता के टैक्स से बनती है”
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकारी संपत्ति किसी एक व्यक्ति की नहीं होती, बल्कि यह जनता के टैक्स के पैसे से तैयार होती है। ऐसे में उसे नुकसान पहुंचाना या चोरी करना पूरी तरह गलत है। उन्होंने लोगों से अपील की कि शहरों को स्वच्छ और सुंदर बनाने में प्रशासन का सहयोग करें तथा सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा को अपनी जिम्मेदारी समझें।
स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा बैठक भी की
इस कार्यक्रम से पहले मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक भी की। बैठक में उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सरकारी अस्पतालों में इलाज, जांच, दवाओं और इमरजेंसी सेवाओं की गुणवत्ता लगातार बेहतर बनाई जाए ताकि आम जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।
उन्होंने मेडिकल कॉलेजों, नर्सिंग संस्थानों और सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं को आधुनिक तकनीक और बेहतर प्रबंधन के जरिए और मजबूत करने पर जोर दिया।
प्रदेश में तेजी से बढ़ा स्वास्थ्य ढांचा
बैठक में अधिकारियों ने जानकारी दी कि उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं का तेजी से विस्तार हुआ है। वर्तमान में प्रदेश में—
- 108 जिला अस्पताल
- 106 विशिष्ट चिकित्सालय
- 976 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र
- 3757 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र संचालित हैं।
सरकार के अनुसार वर्ष 2025-26 में सरकारी अस्पतालों में 26 करोड़ से अधिक ओपीडी सेवाएं दी गईं, जबकि 24 करोड़ से ज्यादा पैथोलॉजी जांचें की गईं।
मेडिकल और नर्सिंग शिक्षा में बड़ा विस्तार
अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़कर 83 हो गई है। एमबीबीएस सीटें 5390 से बढ़कर 12,800 तक पहुंच गई हैं, जबकि पीजी सीटों में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।
नर्सिंग शिक्षा के क्षेत्र में भी बड़ा विस्तार हुआ है। वर्तमान में प्रदेश में 652 नर्सिंग संस्थान संचालित हैं। एएनएम, जीएनएम, बीएससी नर्सिंग और अन्य पाठ्यक्रमों की सीटों में बढ़ोतरी की गई है तथा राज्य में लगभग 3.95 लाख पंजीकृत नर्सिंग स्टाफ उपलब्ध हैं।
‘मिशन निरामया 1.0’ के तहत प्रशिक्षण अभियान
बैठक में ‘मिशन निरामया 1.0’ के तहत नर्सिंग शिक्षा में किए गए सुधारों की जानकारी भी दी गई। अधिकारियों के अनुसार 17 हजार स्कूलों में परामर्श सत्र आयोजित किए गए और 3.5 लाख से अधिक विद्यार्थियों तक पहुंच बनाई गई। इसके अलावा 10,570 नर्सिंग संकाय सदस्यों को प्रशिक्षित किया गया है।
यह समाचार विभिन्न सार्वजनिक स्रोतों एवं प्राप्त जानकारी पर आधारित है।